छत्तीसगढ़ विधानसभा में एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का भव्य अनावरण, खेल उत्साह में नई ऊर्जा

रायपुर, 18 नवंबर 2025
देश की प्रतिष्ठित खेल उपलब्धि का प्रतीक एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी आज छत्तीसगढ़ की धरती पर पहुंची। विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस ट्रॉफी का भव्य अनावरण किया। इस ऐतिहासिक अवसर ने विधानसभा परिसर को उत्साह, गर्व और खेल भावना से भर दिया।

अनावरण कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और हॉकी संगठन के प्रतिनिधियों समेत बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित रहे। पहली बार भारत टूर पर आई यह ट्रॉफी छत्तीसगढ़ के लिए विशेष सम्मान का क्षण बनी।

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मुख्यमंत्री बोले—“यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के सपनों का प्रतीक’’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि FIH Junior Men’s Hockey World Cup 2025 Trophy का छत्तीसगढ़ आगमन पूरा राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है।

उन्होंने आगे कहा—

“केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा शुरू किया गया यह ट्रॉफी टूर देश में खेल उत्साह को नई दिशा देता है। छत्तीसगढ़ हमेशा से हॉकी की उर्वर भूमि रहा है और यह ट्रॉफी हमारे उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजनांदगांव, जशपुर, सरगुजा, बस्तर और रायपुर जैसे जिलों ने वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी प्रतिभाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मजबूत करने और युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


विधानसभा अध्यक्ष की शुभकामनाएँ

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस भव्य आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी का आगमन राज्य के खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और संकल्प पैदा करेगा।


पहली बार जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा भारत

गौरतलब है कि FIH Junior Men’s Hockey World Cup 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। यह प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर 2025 तक चलेगी, जिसकी मेजबानी तमिलनाडु के चेन्नई और मदुरै करेंगे।

यह आयोजन न केवल भारतीय खेल इतिहास का नया अध्याय बनेगा, बल्कि दुनिया को भारत की खेल-संपन्नता का नया परिचय भी देगा।