Durg News – दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने शनिवार रात एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया। जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के मामलों में ढिलाई बरतने पर नंदिनीनगर थाना प्रभारी भानू प्रताप साव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही छावनी थाना प्रभारी को हटाकर ट्रैफिक विभाग भेजा गया और 6 पुलिस अधिकारियों का तबादला भी किया गया है।
यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि Durg News में SSP विजय अग्रवाल अपने जिले में पुलिस की जवाबदेही को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मुख्य बातें – एक नजर में
Durg News की इस बड़ी कार्रवाई की प्रमुख बातें:
- नंदिनीनगर थाना प्रभारी भानू प्रताप साव जुआ-सट्टा और नशे में ढिलाई पर सस्पेंड, रक्षित केंद्र दुर्ग भेजे गए।
- छावनी थाना प्रभारी को हटाकर ट्रैफिक विभाग में भेजा गया।
- पुलगांव थाना प्रभारी अमित अंदानी को छावनी थाना की जिम्मेदारी दी गई।
- गुरविंदर सिंह संधु को लाइन अटैच के 2 महीने बाद पुलगांव थाना का प्रभारी बनाया गया।
- हाईकोर्ट ने गुरविंदर के मामले में राज्य सरकार को ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।
- 6 पुलिस अधिकारियों का तबादला, तत्काल ज्वाइनिंग के आदेश।
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Durg News: SSP विजय अग्रवाल का बड़ा एक्शन – क्यों हुई कार्रवाई?
Durg News में यह कार्रवाई तब सामने आई जब SSP विजय अग्रवाल ने पाया कि उनके स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने में विफल रहे।
SSP ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को पहले ही अवैध शराब, नशीले पदार्थ और जुआ-सट्टा के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जब इसके बावजूद कुछ थानों में स्थिति नहीं सुधरी तो SSP ने तत्काल प्रभाव से यह कड़ी कार्रवाई की।
नंदिनीनगर थाना प्रभारी भानू प्रताप साव सस्पेंड – जुआ-सट्टा में ढिलाई का आरोप
Durg News में सबसे बड़ी कार्रवाई नंदिनीनगर थाना प्रभारी भानू प्रताप साव पर हुई। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र दुर्ग भेज दिया गया है।
निलंबन आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद नंदिनीनगर थाना क्षेत्र में अवैध शराब, नशीले पदार्थ और जुआ-सट्टे की गतिविधियां रुक नहीं पा रही थीं। थाना प्रभारी इन अवैध गतिविधियों को रोकने में सक्रिय नहीं थे और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का ठीक से पालन नहीं कर रहे थे।
इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए SSP ने तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया।
ACCU की रेड में खुली पोल – 10 मामले दर्ज
Durg News में यह भी सामने आया कि जब स्थानीय थाना पुलिस निष्क्रिय थी, तब ACCU (Anti Corruption & Crime Unit) की टीम ने नंदिनीनगर क्षेत्र में दबिश देकर कई मामलों में कार्रवाई की।
साल 2026 में ACCU की रेड में दर्ज मामले:
| अधिनियम | दर्ज मामले |
|---|---|
| आबकारी एक्ट | 4 मामले |
| NDPS एक्ट | 1 मामला |
| सट्टा एक्ट | 4 मामले |
| जुआ एक्ट | 1 मामला |
| कुल | 10 मामले |
बाहरी टीम की इस कार्रवाई के बाद स्थानीय थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे और अंततः निलंबन की नौबत आई।
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Durg News: पुलगांव थाना – अफीम की खेती और थाना प्रभारी का तबादला
Durg News में दूसरा बड़ा मामला पुलगांव थाना से जुड़ा है। यह थाना क्षेत्र इसलिए चर्चा में है क्योंकि छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का पहला मामला इसी थाने की जेवरा-सिरसा चौकी क्षेत्र से सामने आया था।
पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में अफीम की खेती हो रही थी, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह अपने आप में बड़ी चूक थी। समोदा गांव के सरपंच की शिकायत के बाद भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की।
इन परिस्थितियों को देखते हुए SSP विजय अग्रवाल ने पुलगांव थाना प्रभारी अमित अंदानी को पुलगांव से हटाकर छावनी थाने की जिम्मेदारी सौंपी है।
गुरविंदर सिंह संधु विवाद – हाईकोर्ट का आदेश और ₹1 लाख मुआवजा
Durg News में एक और विवादित मामला उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु का है। यह अधिकारी स्मृति नगर चौकी के प्रभारी थे और उन पर दो व्यवसायियों के साथ गलत और मनमाने तरीके से कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगे थे।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले में:
- राज्य सरकार को ₹1 लाख मुआवजा देने का आदेश दिया।
- स्पष्ट किया कि जांच के बाद यह राशि दोषी अफसरों से वसूली जा सकती है।
- DGP को निर्देश दिए कि गुरविंदर सिंह संधु के आचरण की उचित स्तर पर जांच कर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक-अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बावजूद इसके SSP ने लाइन अटैच के 2 महीने बाद गुरविंदर सिंह संधु को पुलगांव थाना का प्रभारी बनाया है। यह फैसला विवाद का विषय बन सकता है।
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Durg News: 2 व्यवसायियों के साथ हुई ज्यादती – कोर्ट में हुआ खुलासा
Durg News में गुरविंदर सिंह संधु के खिलाफ दो अलग-अलग मामले सामने आए थे:
पहला मामला – व्यवसायी सुजीत साव: व्यवसायी सुजीत साव समेत 4 लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर की। सुजीत साव को महिला से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया। चौकी में लाकर मारपीट की गई। हथकड़ी लगाकर सड़कों पर जुलूस निकाला गया और रात 9 बजे जेल भेजा गया। कोर्ट ने पाया कि SI गुरविंदर सिंह ने गलत कार्रवाई की थी।
दूसरा मामला – भिलाई होटल कारोबारी: भिलाई के एक होटल व्यवसायी पर जांच के नाम पर दबिश दी गई। होटल मालिक को उनकी मां के सामने पीटा गया। सरकारी कार्य में बाधा का आरोप लगाकर बिना FIR के जेल भेज दिया गया। इस मामले में हाईकोर्ट ने ₹1 लाख मुआवजे का आदेश दिया।
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6 पुलिस अधिकारियों का तबादला – तत्काल ज्वाइनिंग के आदेश
Durg News में इस बड़े फेरबदल में कुल 6 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। विस्तृत विवरण:
| अधिकारी | पुराना पद | नया पद |
|---|---|---|
| भानू प्रताप साव | नंदिनीनगर थाना प्रभारी | निलंबित – रक्षित केंद्र दुर्ग |
| अमित अंदानी | पुलगांव थाना प्रभारी | छावनी थाना प्रभारी |
| गुरविंदर सिंह संधु | लाइन अटैच | पुलगांव थाना प्रभारी |
| महेश्वर लाल देवांगन (उप निरीक्षक) | रक्षित केंद्र | यातायात विभाग |
| परवासी यादव (उप निरीक्षक) | रक्षित केंद्र | पुरानी भिलाई थाना |
| दयालू राम (सहायक उप निरीक्षक) | यातायात विभाग | रक्षित केंद्र दुर्ग |
SSP विजय अग्रवाल ने सभी अफसरों को तत्काल ज्वाइनिंग करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
Durg News में SSP विजय अग्रवाल की यह बड़ी कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है — दुर्ग जिले में लापरवाह पुलिस अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है। जुआ-सट्टा में ढिलाई पर थाना प्रभारी का निलंबन, अफीम की खेती में चूक पर तबादला और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विवादित अधिकारी की नियुक्ति — ये तीनों पहलू दुर्ग पुलिस प्रशासन की जटिल तस्वीर पेश करते हैं। अब देखना होगा कि इन बदलावों के बाद दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति में कितना सुधार आता है। Durg News पर इस मामले की हर अपडेट के लिए हमसे जुड़े रहें।
