Durg News — दुर्ग जिला पंचायत सभा कक्ष में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे की अध्यक्षता में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रगतिरत निर्माण कार्यों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ — जिला दुर्ग, जनपद पंचायत पाटन और जनपद पंचायत धमधा में मिलाकर कुल 121 सामाजिक अंकेक्षण निकासी बैठकें लंबित पाई गईं। CEO ने इन्हें तत्काल पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए।
बैठक में सभी कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
🏛️ Durg News: जिला पंचायत सभा कक्ष में हुई अहम समीक्षा बैठक
Durg News के अनुसार यह समीक्षा बैठक दुर्ग जिले में मनरेगा और PM आवास योजना की जमीनी प्रगति की पड़ताल के लिए आयोजित की गई थी।
CEO श्री बजरंग कुमार दुबे ने बैठक में योजनाओं की समीक्षा करते हुए पाया कि कई मोर्चों पर कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश देते हुए समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी।
यह बैठक केवल एक औपचारिक समीक्षा नहीं थी, बल्कि जवाबदेही तय करने और योजनाओं को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास था।
💧 “मोर गांव मोर पानी” — वर्षा जल संरक्षण को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान पर विशेष जोर दिया गया। यह छत्तीसगढ़ सरकार का एक महत्वाकांक्षी जल संरक्षण अभियान है।
CEO श्री दुबे ने कहा कि वर्षा की प्रत्येक बूंद को संरक्षित करना इस अभियान का मूल उद्देश्य है। इसके लिए जल संग्रहण आधारित कार्यों को अधिक से अधिक स्वीकृत कर शीघ्र पूर्ण किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि मनरेगा के अंतर्गत कम लागत और अधिक प्रभाव देने वाले जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता से चयनित किया जाए और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए।
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🏠 Durg News: सोकपिट निर्माण पर CEO का बड़ा निर्देश
Durg News में एक महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि समस्त ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों द्वारा स्वप्रेरणा से सोकपिट का निर्माण कराया जाए।
सोकपिट एक ऐसी सरल और सस्ती व्यवस्था है जो घर के गंदे पानी के उचित निपटान में मदद करती है और भूजल स्तर बनाए रखने में भी सहायक है।
CEO ने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा के अंतर्गत सोकपिट निर्माण को प्राथमिकता कार्य के रूप में चयनित किया जाए क्योंकि यह कम लागत में अधिकतम लाभ देने वाली योजना है।
👷 मनरेगा में मांग आधारित कार्य और श्रमिकों को 90 दिन रोजगार
CEO श्री बजरंग कुमार दुबे ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कार्यों का चयन मांग आधारित हो।
इसका अर्थ यह है कि जो काम ग्रामीण जरूरत के हिसाब से जरूरी हो, वही कार्य स्वीकृत किया जाए — न कि केवल कागजी खानापूर्ति के लिए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि:
- श्रमिकों को अधिकाधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए
- मनरेगा के माध्यम से हितग्राहियों को 90 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए
- ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती दी जाए
यह निर्देश उन गरीब परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो मनरेगा के तहत आजीविका के लिए निर्भर हैं।
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📱 ई-केवाईसी अनिवार्य — समय पर अपलोड न होने पर होगी कार्रवाई
Durg News में मनरेगा से जुड़ी एक और बड़ी खबर यह रही कि भारत सरकार के निर्देशानुसार योजना के अंतर्गत कार्यरत सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य रूप से पूर्ण कराना होगा।
CEO ने स्पष्ट किया कि:
- ई-केवाईसी बिना किसी देरी के पूर्ण की जाए
- इसका समयबद्ध अपलोड सुनिश्चित किया जाए
- जिन श्रमिकों की ई-केवाईसी नहीं होगी, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा
यह कदम फर्जी श्रमिकों और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
🚨 Durg News: चौंकाने वाला खुलासा — 121 निकासी बैठकें लंबित
Durg News का सबसे चौंकाने वाला खुलासा सामाजिक अंकेक्षण से जुड़ा रहा। समीक्षा बैठक में सामने आया कि तीन प्रमुख इकाइयों में निकासी बैठकें महीनों से लंबित हैं:
| इकाई | लंबित निकासी बैठकें |
|---|---|
| जिला दुर्ग | 50 बैठकें |
| जनपद पंचायत पाटन | 16 बैठकें |
| जनपद पंचायत धमधा | 55 बैठकें |
| कुल | 121 बैठकें |
यह एक गंभीर प्रशासनिक चूक है क्योंकि सामाजिक अंकेक्षण निकासी बैठकें मनरेगा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
CEO श्री दुबे ने इन सभी 121 लंबित बैठकों को तत्काल आयोजित करने और ATR (Action Taken Report) अपलोड करने के कड़े निर्देश दिए।
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📍 जियो-टैगिंग और लंबित प्रस्तावों पर सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक में जियो-टैगिंग को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
CEO ने कहा कि निर्माण कार्यों की जियो-टैगिंग में तेजी लाई जाए। जियो-टैगिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि जो कार्य कागज पर दिखाया जा रहा है, वह वास्तव में जमीन पर भी हो रहा है।
इसके अलावा लंबित प्रस्तावों को नियमानुसार प्रस्तुत कर शीघ्र स्वीकृति प्राप्त करने के भी निर्देश दिए गए। सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य बताया गया।
🏘️ PM आवास और CM आवास योजना में तेजी लाने के आदेश
Durg News में एक और महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यों में गति लाई जाए।
ये दोनों योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और बेघर परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए हैं। लेकिन यदि निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं होते तो हितग्राहियों को अपना घर पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
CEO ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट किया कि इन योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय पर पूर्ण करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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📋 CEO श्री बजरंग कुमार दुबे के 6 प्रमुख निर्देश — एक नजर में
Durg News के पाठकों के लिए इस बैठक में दिए गए 6 सबसे महत्वपूर्ण निर्देश:
| क्र. | निर्देश | उद्देश्य |
|---|---|---|
| 1 | “मोर गांव मोर पानी” को प्राथमिकता | वर्षा जल संरक्षण |
| 2 | सोकपिट निर्माण | स्वच्छता और जल संरक्षण |
| 3 | मांग आधारित कार्य चयन | वास्तविक जरूरत को प्राथमिकता |
| 4 | ई-केवाईसी अनिवार्य | पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकथाम |
| 5 | 121 लंबित निकासी बैठकें तत्काल पूर्ण करें | सामाजिक जवाबदेही |
| 6 | जियो-टैगिंग में तेजी | कार्यों का भौतिक सत्यापन |
Durg News की यह रिपोर्ट बताती है कि CEO श्री बजरंग कुमार दुबे की यह समीक्षा बैठक दुर्ग जिले में मनरेगा और PM आवास योजना की जमीनी हकीकत सामने लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास रही। 121 लंबित निकासी बैठकों का खुलासा, ई-केवाईसी की अनिवार्यता और “मोर गांव मोर पानी” को प्राथमिकता — ये सभी निर्देश मिलकर दुर्ग जिले में ग्रामीण विकास को नई गति देने का काम करेंगे।
यदि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन किया जाता है तो निश्चित रूप से दुर्ग जिले के ग्रामीण श्रमिकों, गरीब परिवारों और आम नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिलेगा। Durg News पर नजर रखें — क्योंकि हम आपको जिले की हर जरूरी खबर समय पर पहुंचाते हैं।
