कांग्रेस का बड़ा हमला — गरियाबंद में 15 KM खाट पर ढोया मरीज, 108 एंबुलेंस पर उठे सवाल

Durg News — दुर्ग शहर जिला कांग्रेस की नवनियुक्त महामंत्री निकिता मिलिंद ने छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने विष्णुदेव साय सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार अपनी प्राथमिकताओं को लेकर गंभीर नहीं है और आम जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएँ तक नहीं मिल पा रही हैं।

Durg News के अनुसार निकिता मिलिंद ने अपने बयान में गरियाबंद जिले की एक दर्दनाक घटना का हवाला देते हुए कहा कि 15 किलोमीटर तक एक मरीज को खाट पर ढोकर ले जाना पड़ा। यह सरकार की जमीनी स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामी का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

नवनियुक्त महामंत्री के रूप में यह उनका पहला बड़ा राजनीतिक बयान है, जिसने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को लेकर बहस छेड़ दी है।

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गरियाबंद में 15 KM तक खाट पर ढोया गया मरीज — जमीनी हकीकत

एंबुलेंस की अनुपलब्धता ने उठाए गंभीर सवाल

Durg News में सामने आई इस घटना के अनुसार, गरियाबंद जिले में एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को अस्पताल तक पहुँचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं थी।

ऐसी स्थिति में परिजनों को मजबूरन खाट (चारपाई) पर लिटाकर मरीज को 15 किलोमीटर की दूरी तक पैदल ढोना पड़ा। यह तस्वीर छत्तीसगढ़ के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की दयनीय स्थिति को उजागर करती है।

गरियाबंद एक आदिवासी बहुल जिला है जहाँ सड़क संपर्क और चिकित्सा सुविधाएँ पहले से ही सीमित हैं। ऐसे में 108 एंबुलेंस सेवा का नाकाम रहना न केवल प्रशासनिक विफलता है बल्कि यह मरीज की जान के साथ खिलवाड़ भी है।

यह पहला मामला नहीं

कांग्रेस नेत्री के अनुसार, यह कोई पहली घटना नहीं है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएँ लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन सरकार इन्हें गंभीरता से नहीं लेती।


Durg News: “डायल 108” भाषणों में दौड़ रही है, जमीन पर नहीं

108 एंबुलेंस सेवा पर उठे सवाल

Durg News के अनुसार, निकिता मिलिंद ने स्वास्थ्य मंत्री पर तंज कसते हुए कहा — “स्वास्थ्य मंत्री जी की ‘डायल 108’ भाषणों में दौड़ रही है और गरियाबंद में 15 किमी तक मरीज खाट पर ढोया जा रहा है।”

108 एंबुलेंस सेवा को सरकार अपनी प्रमुख स्वास्थ्य उपलब्धि के रूप में प्रचारित करती रही है। सरकारी आँकड़ों और मंत्रियों के भाषणों में इस सेवा को 24 घंटे उपलब्ध और प्रभावी बताया जाता है।

लेकिन गरियाबंद जैसे दूरस्थ जिले में इस सेवा का धरातल पर अभाव यह सवाल उठाता है कि क्या 108 एंबुलेंस नेटवर्क वास्तव में राज्य के हर कोने तक पहुँच रहा है?

ग्रामीण छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति

छत्तीसगढ़ के बस्तर, सरगुजा, गरियाबंद जैसे दूरस्थ और वनक्षेत्र वाले जिलों में अक्सर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या तो बंद रहते हैं या वहाँ पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयाँ नहीं होतीं। ऐसे में आपातकालीन एंबुलेंस सेवा की विश्वसनीयता और पहुँच अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।


क्या है “डबल इंजन सरकार” की सच्चाई? — कांग्रेस का सवाल

“डबल इंजन” के दावों पर विपक्ष का पलटवार

Durg News के इस राजनीतिक संदर्भ में निकिता मिलिंद ने “डबल इंजन सरकार” के दावे पर भी तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा — “यही है डबल इंजन की सच्चाई।”

भाजपा अपनी केंद्र और राज्य दोनों में सरकार होने को “डबल इंजन” कहकर विकास और बेहतर प्रशासन का वादा करती है। लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इस “डबल इंजन” के बावजूद जमीनी स्तर पर आम जनता को बुनियादी सुविधाएँ नहीं मिल रही हैं।

गरियाबंद की यह घटना कांग्रेस के लिए डबल इंजन सरकार के दावों को चुनौती देने का एक ठोस उदाहरण बन गई है।


छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति — Durg News

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सामने बड़ी चुनौतियाँ

Durg News और Chhattisgarh News के परिप्रेक्ष्य में यह जानना जरूरी है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में कई संरचनात्मक चुनौतियों से जूझ रहा है।

राज्य के 44% से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित हैं और बड़ी आबादी दूरदराज के आदिवासी गाँवों में निवास करती है। ऐसे इलाकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, सड़क संपर्क की समस्या और एंबुलेंस सेवाओं की अपर्याप्त उपलब्धता सालों से बड़ी चुनौती रही है।

108 सेवा: आँकड़े बनाम हकीकत

108 एंबुलेंस सेवा राज्य में हजारों गाँवों तक पहुँचने का दावा करती है। लेकिन यह सेवा तभी प्रभावी होती है जब:

  • नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध हो।
  • सड़क मार्ग अच्छी हालत में हो।
  • एंबुलेंस वाहन समय पर उपलब्ध हो।
  • ड्राइवर और पैरामेडिक स्टाफ तैनात हो।

गरियाबंद जैसे जिलों में इनमें से एक या अधिक शर्तें पूरी न होने पर मरीज खाट पर ढोए जाने जैसी त्रासदी सामने आती है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ — nhmcg.nic.in

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग — cghealth.nic.in


निष्कर्ष: Durg News में उठे सवाल — जवाब देगी सरकार?

Durg News की यह खबर केवल एक राजनीतिक बयान नहीं है — यह छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कड़वी जमीनी सच्चाई को सामने लाती है। दुर्ग जिला कांग्रेस की नवनियुक्त महामंत्री निकिता मिलिंद ने गरियाबंद में मरीज को खाट पर 15 किलोमीटर ढोने की घटना के जरिए साय सरकार की स्वास्थ्य नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

108 एंबुलेंस सेवा यदि वास्तव में प्रभावी है, तो गरियाबंद जैसे जिलों में इसकी जमीनी उपस्थिति सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। आम जनता, खासकर आदिवासी और ग्रामीण समुदाय, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद लेकर बैठे हैं। Durg News पर इस मुद्दे और सरकार की प्रतिक्रिया से जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहें।

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