मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया ‘नवगुरुकुल’ का शुभारंभ: बालिकाओं की शिक्षा और संस्कारों के संवर्धन की नई पहल

रायपुर, 05 सितम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ में बालिकाओं की शिक्षा और उनके समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ जिले के ग्राम गढ़ उमरिया में ‘नवगुरुकुल’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज ‘नवगुरुकुल’ की स्थापना उसी कड़ी का अगला कदम है।

मुख्यमंत्री ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे छात्राओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बन सके। उन्होंने नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि और उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रदेश की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। नई औद्योगिक नीति से निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट दिलाने की उपलब्धि की प्रशंसा की और इसे और व्यापक स्तर पर लागू करने की प्रेरणा दी।

📌 कार्यक्रम में नेताओं के उद्बोधन:

  • उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नवगुरुकुल में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी मेहनत और योग्यता का परिचय देती हैं। उन्होंने छात्राओं को जीवन में आत्मविश्वास, ऊर्जा, जुनून और कठिन परिश्रम से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
  • वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि यह पहल समय की माँग है और विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य भी जारी है।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलती तकनीक और समय की आवश्यकताओं के अनुरूप बेटियों को शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना ही इस संस्था का उद्देश्य है।

नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुश्री निधि ने संस्था की शिक्षा पद्धति और प्रशिक्षण मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था का लक्ष्य छात्राओं को केवल तकनीकी शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।

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समारोह में पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ श्री जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल छात्राओं और अभिभावकों के चेहरे पर नई उम्मीद और आत्मविश्वास की चमक साफ झलक रही थी। सभी ने माना कि यह पहल बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।