दुर्ग, 27 दिसंबर 2025।
CM Vishnu Deo Sai tribal heroes: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत के स्वाधीनता आंदोलन और राष्ट्र-निर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरुषों का योगदान अद्वितीय और ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में आज़ादी की लड़ाई केवल 1857 से शुरू नहीं हुई, बल्कि उससे पहले ही आदिवासी वीर सपूतों ने स्वतंत्रता का बिगुल फूंक दिया था।
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के 35वें मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को संबोधित कर रहे थे। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
शहीद गैंद सिंह नायक को किया नमन
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन की शुरुआत माता दंतेश्वरी, शीतला माता और अमर शहीद गैंद सिंह नायक को नमन करते हुए की।
उन्होंने कहा कि —
“हल्बा, हल्बी एवं संपूर्ण आदिवासी समाज के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले स्वतंत्रता आंदोलन का शंखनाद किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह और शहीद गैंद सिंह नायक जैसे जनजातीय नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध कुल 14 क्रांतियों का नेतृत्व किया।
समाज के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
CM Vishnu Deo Sai tribal heroes विषय पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
- 🔹 50 लाख रुपये – हल्बा समाज के युवाओं के लिए आवासीय कोचिंग सुविधा हेतु
- 🔹 25 लाख रुपये – पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउंड्रीवॉल निर्माण के लिए
- 🔹 हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय भवन का लोकार्पण
- 🔹 सामाजिक पत्रिका ‘समाज’ का विमोचन
आदिवासी नायकों को इतिहास में दिलाया जा रहा उचित स्थान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार, आदिवासी नायकों के योगदान को इतिहास में सम्मानजनक स्थान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि—
- रायपुर में विशाल जनजातीय संग्रहालय का निर्माण
- जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती संग्रहालय
- पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण (स्व. अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान)
- केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना
आदिवासी समाज के लिए गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि—
- आज देश के राष्ट्रपति पद पर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू विराजमान हैं
- एक साधारण गांव का आदिवासी कार्यकर्ता आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री है
यह आदिवासी समाज के लिए सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
सरकार की योजनाएं और विकास का रोडमैप
मुख्यमंत्री श्री साय ने सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा—
- 🏠 प्रधानमंत्री आवास योजना: 18 लाख परिवारों को स्वीकृति
- 🌾 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी
- 👩 महतारी वंदन योजना: महिलाओं को ₹1000 प्रतिमाह
- 🍃 तेन्दूपत्ता संग्रहकों को ₹5500 प्रति मानक बोरा
- 🛕 रामलला दर्शन योजना व मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना
नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि—
“31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प लिया गया है।”
अब तक 400 से अधिक गांव नक्सल मुक्त हो चुके हैं।
बस्तर संभाग के सात जिलों में ₹1.25 लाख करोड़ की विकास योजनाएं लागू की जा रही हैं।
शिक्षा को बताया सबसे बड़ा हथियार
मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज प्रमुखों से अपील की कि—
“राष्ट्र और समाज के विकास के लिए शिक्षा सबसे बड़ा अस्त्र है। आने वाली पीढ़ी को शिक्षित बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
अन्य अतिथियों ने भी रखे विचार
- सांसद विजय बघेल ने शक्ति दिवस की बधाई दी
- पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने शक्ति स्थल को शैक्षणिक केंद्र बनाने की मांग रखी
- समाज के पदाधिकारियों ने प्रमुख मांगें रखीं
- समाजसेवियों को सम्मानित किया गया
CM Vishnu Deo Sai tribal heroes पर दिया गया यह वक्तव्य केवल भाषण नहीं, बल्कि आदिवासी इतिहास, सम्मान और भविष्य की दिशा को रेखांकित करता है।
यह कार्यक्रम आदिवासी समाज के आत्मसम्मान और विकास का मजबूत संदेश देता है।
