छत्तीसगढ़ महिला आयोग ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर FIR की मांग की, ननों और महिलाओं से दुर्ग स्टेशन पर दुर्व्यवहार का आरोप

Chhattisgarh Women Commission FIR against Bajrang Dal: छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम को पत्र लिखकर उन दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है जिन्होंने 25 जुलाई को दुर्ग स्थित सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) थाने के भीतर तीन महिलाओं और दो ननों के साथ दुर्व्यवहार, यौन उत्पीड़न और धमकी दी थी।

यह घटना नारायणपुर जिले की तीन महिलाओं से जुड़ी है जो नौकरी की तलाश में दुर्ग पहुंची थीं। उनके साथ दो नन (धार्मिक सिस्टर्स) भी थीं, जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद कर रही थीं।


⚠️ क्या हुआ था 25 जुलाई को?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर ननों को रोक लिया और मानव तस्करी व जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने ही ननों और महिलाओं के साथ अपमानजनक व्यवहार किया।

बाद में पुलिस ने ननों पर ही एफआईआर दर्ज कर ली और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वे 2 अगस्त को जमानत पर रिहा हुईं।

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💬 महिला आयोग का रुख

महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा —

“यदि किसी महिला या नन के साथ पुलिस थाने में ही इस तरह का व्यवहार हुआ है, तो यह कानून और मानवाधिकारों दोनों का गंभीर उल्लंघन है। संबंधित कार्यकर्ताओं पर तुरंत एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।”

आयोग ने डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


🙍‍♀️ पीड़ितों की पीड़ा

ननों ने बताया कि वे केवल नौकरी दिलाने में मदद कर रही थीं, लेकिन बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने उन्हें “धर्म परिवर्तन कराने वाली” बताकर पुलिस के हवाले कर दिया।
तीनों महिलाओं ने कहा कि वे “अपनी मर्जी से ननों के साथ” थीं, लेकिन फिर भी उन्हें धमकाया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया।


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⚖️ राज्य में धर्मांतरण को लेकर बढ़ा तनाव

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ महीनों से धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर तनाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को कमजोर करती हैं और निर्दोषों को परेशान करती हैं।

महिला आयोग ने कहा है कि वह पीड़ितों को कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराएगा, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।