रायपुर, 13 फरवरी 2026। वन्यजीव संरक्षण को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में Chhattisgarh State Wildlife Board Meeting 2026 के तहत राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित हुई।
बैठक में 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई और नए एजेंडों पर चर्चा के बाद प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।
वन्यजीव हमारी अमूल्य धरोहर: मुख्यमंत्री
Chhattisgarh State Wildlife Board Meeting 2026 में मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने सतत निगरानी, अवैध गतिविधियों पर रोक और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही, वनों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाने की बात कही, ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में बिना छेड़छाड़ के केवल अत्यावश्यक कार्य ही किए जाएं।
स्थायी समिति के गठन को मंजूरी
बैठक में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee) के गठन को मंजूरी दी गई।
यह समिति वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में गठित होगी, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे।
उल्लेखनीय है कि वन्य प्राणियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों पर बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है।
Chhattisgarh State Wildlife Board Meeting 2026 में बताया गया कि बैठकों के बीच अधिक अंतराल से स्वीकृति में देरी होती थी। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों का त्वरित निपटान संभव होगा।
इन प्रस्तावों को मिली सहमति
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और अनुमोदन हुआ, जिन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड को भेजा जाएगा। इनमें प्रमुख हैं:
- Udanti-Sitanadi Tiger Reserve अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों का जीर्णोद्धार
- पीएम जनमन योजना के तहत कबीरधाम जिले में सड़क मजबूतीकरण
- Guru Ghasidas National Park क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव
- Semarsot Sanctuary में ऑप्टिकल फाइबर परियोजना
- उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना
इन प्रस्तावों का उद्देश्य विकास और संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है।
सह-अस्तित्व का सिद्धांत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी गतिविधियां सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप संचालित हों।
उन्होंने कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जैव विविधता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
Chhattisgarh State Wildlife Board Meeting 2026 ने इस दिशा में नीति और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन प्रस्तुत किया।
निष्कर्ष: संरक्षण और विकास का संतुलित मार्ग
यह बैठक केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता का संदेश है।
वन्यजीव संरक्षण, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और न्यूनतम हस्तक्षेप की नीति से छत्तीसगढ़ सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Chhattisgarh State Wildlife Board Meeting 2026 आने वाले समय में वन्यजीव प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकती है।
