ई-केवाईसी नहीं कराने वालों को जनवरी में नहीं मिलेगा राशन, खाद्य विभाग के दफ्तरों में उमड़ी भीड़

रायपुर।
CG Ration Card EKYc: छत्तीसगढ़ के राशन कार्ड धारकों के लिए एक बेहद अहम और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन राशन कार्डधारियों ने अब तक ई-केवाईसी अपडेट नहीं कराई है, उन्हें जनवरी महीने का राशन नहीं मिलेगा। यह सूचना सामने आते ही आम लोगों में हड़कंप मच गया है।

स्थिति यह है कि अब खाद्य विभाग के दफ्तरों में सुबह से देर शाम तक भारी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग लंबी कतारों में खड़े होकर किसी तरह अपना ई-केवाईसी अपडेट कराना चाहते हैं, ताकि जनवरी का राशन मिलने में कोई दिक्कत न हो।


🔍 हर सदस्य का ई-केवाईसी अनिवार्य

खाद्य विभाग के अनुसार, अब राशन कार्ड में दर्ज हर एक सदस्य का ई-केवाईसी अपडेट होना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग पिछले करीब एक साल से लगातार अपील कर रहा था कि सभी कार्डधारी समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें।

हालांकि, कई लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके चलते अब शासन को सख्त फैसला लेना पड़ा है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी के राशन आबंटन नहीं किया जाएगा


🏃‍♂️ डर के चलते दफ्तरों में उमड़ी भीड़

जैसे ही यह खबर फैली कि जनवरी में राशन रोका जा सकता है, वैसे ही लोग बड़ी संख्या में खाद्य विभाग के कार्यालयों की ओर दौड़ पड़े।
हालात ऐसे हैं कि—

  • सुबह ऑफिस खुलने से पहले ही कतारें लग रही हैं
  • बुजुर्ग, महिलाएं और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहा है
  • लंबा इंतजार होने के बावजूद लोग राहत महसूस कर रहे हैं कि अभी भी मौका मिल रहा है

लोगों का कहना है कि “अगर अब भी ई-केवाईसी नहीं कराई, तो घर का राशन बंद हो जाएगा।”


📊 आंकड़े क्या कहते हैं

खाद्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक—

  • जिले में कुल 5 लाख 66 हजार राशन कार्ड हैं
  • इन कार्डों में 18 लाख 28 हजार सदस्य दर्ज हैं
  • इनमें से अब भी 1 लाख 85 हजार सदस्यों का ई-केवाईसी अपडेट नहीं हुआ है

खास बात यह है कि ये सभी APL श्रेणी के राशन कार्डधारी हैं।


⚠️ शासन की सख्त चेतावनी और अपील

लगातार प्रयासों के बावजूद जब शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरी नहीं हो सकी, तो शासन को यह कड़ा निर्णय लेना पड़ा।
खाद्य विभाग ने साफ शब्दों में अपील की है—

“आज ई-केवाईसी कराएं, तभी जनवरी का राशन पाएं।”

विभाग का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने के लिए जरूरी है।