CG News — छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में स्टेट हाईवे-05 (खैरागढ़-कवर्धा मार्ग) के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार और लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के खिलाफ जन-आक्रोश फूट पड़ा है।
दिसंबर 2020 में 6 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत यह 16 किलोमीटर लंबी सड़क महज दो साल में ही बुरी तरह टूटकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। यह CG News इसलिए और चौंकाने वाली है क्योंकि ठेकेदार को अब तक करीब 4 करोड़ 39 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है — और इसके बदले में मिली है एक जर्जर, टूटी-फूटी सड़क।
स्थानीय नागरिकों में इस भ्रष्टाचार को लेकर गहरा रोष है और कांग्रेस ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
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🔴 6 करोड़ 39 लाख की सड़क – 2 साल में गड्ढों में तब्दील
यह सड़क राज्य हाईवे-05 का हिस्सा है, जो खैरागढ़ से कवर्धा को जोड़ती है। यह मार्ग क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों, किसानों और व्यापारियों के लिए जीवनरेखा समान है।
दिसंबर 2020 में इस 16 किमी मार्ग के नवनिर्माण और उन्नयन को ₹6.39 करोड़ की लागत से स्वीकृति मिली। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के महज दो साल के भीतर ही सड़क की ऐसी दुर्दशा हो गई कि यह वाहन चलाने के लिए भी खतरनाक हो गई।
गड्ढे, उखड़ी हुई परत, धँसी हुई सतह — यह उस सड़क की असली तस्वीर है जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। यह स्पष्ट रूप से निम्न गुणवत्ता सामग्री के उपयोग और ठेकेदार की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ – आधिकारिक वेबसाइट — PWD छत्तीसगढ़ के सड़क निर्माण मानक और ठेकेदार नीति की जानकारी।
🔴 ठेकेदार को 4.39 करोड़ का भुगतान, गुणवत्ता शून्य – CG News खुलासा
CG News में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि विभागीय आंकड़ों के अनुसार, ठेकेदार को इस परियोजना के तहत अब तक ₹4 करोड़ 39 लाख का भुगतान किया जा चुका है।
इतनी बड़ी रकम अदा होने के बाद भी सड़क की हालत यह है कि स्थानीय लोग इस पर चलने से डरते हैं। इससे PWD अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठते हैं।
सवाल यह है:
- क्या गुणवत्ता परीक्षण (Quality Testing) सही तरीके से हुआ?
- क्या विभागीय अधिकारियों ने मिलीभगत करके घटिया काम पास किया?
- क्या सार्वजनिक धन का खुलेआम दुरुपयोग हुआ?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह सब सुनियोजित भ्रष्टाचार का हिस्सा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम – NHIDCL — सड़क निर्माण गुणवत्ता मानक और परफॉर्मेंस गारंटी प्रावधान।
🔴 परफॉर्मेंस गारंटी 2029 तक, फिर भी दिखावटी मरम्मत क्यों?
CG News में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस सड़क की परफॉर्मेंस गारंटी (PG) अवधि 2029 तक है। इसका अर्थ यह है कि ठेकेदार कानूनन बाध्य है कि वह 2029 तक इस सड़क को दुरुस्त रखे — और यदि सड़क टूटे तो अपने खर्चे पर मरम्मत करे।
लेकिन शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि PG अवधि के बावजूद PWD विभाग ठोस और स्थायी मरम्मत के बजाय केवल दिखावटी खानापूर्ति कर रहा है।
यह सतही मरम्मत कुछ ही दिनों में उखड़ जाती है और सड़क फिर उसी बदहाल स्थिति में आ जाती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए दिखावटी काम करा रहा है, न कि नागरिकों की समस्या हल करने के लिए।
🔴 मुख्य अभियंता ने लगाई फटकार – जमीनी हालात जस के तस
CG News के अनुसार, इस मामले में मुख्य अभियंता (दुर्ग) ने कार्यपालन अभियंता को फटकार लगाई और स्पष्टीकरण मांगा। यह इस बात का प्रमाण है कि वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस लापरवाही की जानकारी है।
लेकिन इतने के बावजूद जमीनी हालात में कोई सुधार नहीं आया है। सड़क वैसी ही टूटी-फूटी है और नागरिक वैसे ही परेशान हैं।
यह स्थिति PWD के भीतर व्यापक भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर संकेत करती है, जहाँ ऊपर से फटकार मिलने के बाद भी काम नहीं सुधरता।
🔴 CG News Alert: कांग्रेस की चेतावनी – चक्काजाम और उग्र आंदोलन
CG News Alert — शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष डॉ. अरुण भारद्वाज ने PWD और सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा कि यदि दोषी इंजीनियरों और ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और सड़क की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं करवाई गई तो:
- उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- चक्काजाम की कार्रवाई होगी।
- जनता सड़क पर उतरेगी।
कांग्रेस की यह चेतावनी इस CG News को और भी अहम बना देती है। खैरागढ़-कवर्धा मार्ग पर चक्काजाम होने से न केवल यातायात बाधित होगा, बल्कि यह मामला राज्य स्तर पर राजनीतिक विवाद भी बन सकता है।
🔹 नागरिकों की माँगें:
- दोषी PWD इंजीनियरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो।
- ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज हो।
- PG अवधि के तहत स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत हो।
- ₹4.39 करोड़ के भुगतान की CBI या EoW जांच हो।
CG News — खैरागढ़-कवर्धा स्टेट हाईवे-05 का यह मामला छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण भ्रष्टाचार की एक और शर्मनाक कहानी है। 6 करोड़ 39 लाख की लागत से बनी सड़क का 2 साल में चकनाचूर होना, ठेकेदार को 4.39 करोड़ का भुगतान और फिर भी सड़क की दुर्दशा — यह सब मिलकर एक सुनियोजित और संगठित भ्रष्टाचार की तस्वीर पेश करते हैं।
इस CG News ने यह भी उजागर किया है कि परफॉर्मेंस गारंटी जैसे कानूनी प्रावधान भी तब बेमानी हो जाते हैं जब विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत हो। खैरागढ़ की जनता को न्याय चाहिए — और सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा चक्काजाम और जन-आंदोलन अवश्यंभावी है।
