Census 2027 Chhattisgarh के लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। रायपुर में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के लिए 62,500 से अधिक कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
यह जनगणना 1 मई 2025 से शुरू होकर फरवरी 2027 तक दो चरणों में पूरी की जाएगी। सबसे बड़ी और ऐतिहासिक बात यह है कि यह देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी।
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जनगणना के 2 चरण – तारीखें और पूरी प्रक्रिया
चरण 1: हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस
जनगणना का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2025 तक चलेगा। इस चरण में घरों की सूची बनाई जाएगी और आवास संबंधी जनगणना की जाएगी।
इससे पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक Self-Enumeration की विंडो खुली रहेगी, जिसमें नागरिक अपनी जानकारी ऑनलाइन स्वयं दर्ज कर सकते हैं।
चरण 2: जनसंख्या गणना
जनगणना का दूसरा और मुख्य चरण फरवरी 2027 में आयोजित होगा। इस चरण में जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी।
दोनों चरणों को मिलाकर Census 2027 Chhattisgarh देश की अब तक की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक जनगणना बनने जा रही है।
Census 2027 Chhattisgarh में पहली बार डिजिटल जनगणना
देश में पहली बार – पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया
Census 2027 Chhattisgarh इस मायने में अत्यंत खास है क्योंकि यह भारत में पहली बार डिजिटल तरीके से आयोजित की जाने वाली जनगणना है।
गणनाकार मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से हर घर का दौरा करके 33 अधिसूचित प्रश्नों के जवाब दर्ज करेंगे। ये प्रश्न आवास की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से संबंधित होंगे।
मोबाइल ऐप से होगा डेटा संग्रह
गणनाकार घर-घर जाकर मोबाइल ऐप पर जानकारी दर्ज करेंगे। पेपर फॉर्म की जगह डिजिटल एंट्री से डेटा अधिक सटीक और सुरक्षित रहेगा।
यह कदम भारत की डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप है और जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाएगा।
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Self-Enumeration क्या है और कैसे करें?
ऑनलाइन खुद दर्ज करें अपनी जानकारी
Self-Enumeration यानी स्व-गणना एक वैकल्पिक सुविधा है, जिसके तहत नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 के बीच अपनी जानकारी ऑनलाइन स्वयं भर सकते हैं।
ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद एक यूनिक Self-Enumeration ID जेनरेट होगी। यह ID गणनाकार के घर आने पर उन्हें देनी होगी, ताकि वेरिफिकेशन हो सके।
Self-Enumeration न करने पर क्या होगा?
अगर कोई नागरिक ऑनलाइन जानकारी नहीं भरता, तो गणनाकार स्वयं घर आकर डेटा एकत्र करेंगे। यह सुविधा वैकल्पिक है, अनिवार्य नहीं।
Census 2027 Chhattisgarh में यह सुविधा पहली बार दी जा रही है, जो नागरिकों को प्रक्रिया में सीधे भागीदार बनाती है।
Census 2027 Chhattisgarh: 62,500 कर्मचारियों की विशाल तैनाती
अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने बताया कि इस जनगणना अभ्यास के लिए लगभग 62,500 कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
| पद | संख्या |
|---|---|
| मुख्य जनगणना अधिकारी | 47 |
| जिला स्तरीय अधिकारी | 250 |
| प्रभार अधिकारी | 472 |
| मास्टर और फील्ड ट्रेनर | 1,160 |
| गणनाकार (Enumerators) | 51,300 |
| पर्यवेक्षक (Supervisors) | 9,000 |
| कुल | ~62,500 |
यह तैनाती इस बात का प्रमाण है कि Census 2027 Chhattisgarh को कितनी गंभीरता और व्यापकता के साथ आयोजित किया जा रहा है।
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33 जिले, 19,978 गांव – इतने विशाल पैमाने पर होगा सर्वे
Census 2027 Chhattisgarh का भौगोलिक दायरा
छत्तीसगढ़ जनगणना संचालन निदेशक और नागरिक पंजीकरण निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि यह जनगणना राज्य के निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर करेगी:
- 33 जिले
- 195 शहरी निकाय
- 252 तहसील
- 19,978 गांव
49,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में होगा सर्वे
कार्यान्वयन के लिए 251 ग्रामीण और 221 शहरी प्रभार इकाइयां बनाई गई हैं। इनमें लगभग 49,000 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक शामिल हैं, जहां गणनाकार दरवाजे-दरवाजे सर्वे करेंगे।
नागरिकों की सहायता के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा, जो 16 अप्रैल 2025 से राज्य में चालू हो जाएगा।
जनगणना में आपकी जानकारी कितनी सुरक्षित है?
यह एक बड़ा और जरूरी सवाल है जो हर नागरिक के मन में होता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव पिंगुआ ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
यह डेटा किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाता। इसका उपयोग कराधान, पुलिस या जांच उद्देश्यों के लिए नहीं किया जा सकता।
केवल विकास योजनाओं के लिए होगा उपयोग
एकत्र की गई जानकारी का उपयोग केवल राज्य और देश की विकास योजनाओं को तैयार करने के लिए किया जाता है। यह जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत संचालित होता है।
इसलिए नागरिकों से अपील है कि वे बिना किसी भय के सही और पूरी जानकारी दें, ताकि सरकार बेहतर नीतियां बना सके।
भारत में जनगणना का इतिहास – 1872 से 2027 तक
Census 2027 Chhattisgarh और पूरे देश के लिए यह जनगणना एक ऐतिहासिक पड़ाव है।
- 1872 – भारत में पहली जनगणना आयोजित
- 1881 – पहली समकालिक राष्ट्रव्यापी जनगणना
- 2027 – 16वीं जनगणना, स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना
यह विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय अभ्यासों में से एक है। Census 2027 इस गौरवशाली परंपरा को डिजिटल युग में ले जाने वाला ऐतिहासिक कदम है।
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Census 2027 Chhattisgarh: इतिहास रचने की तैयारी पूरी
Census 2027 Chhattisgarh न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला अनुभव होने वाला है।
62,500 से अधिक कर्मचारी, पहली बार डिजिटल प्रक्रिया, Self-Enumeration की सुविधा और 19,978 गांवों तक पहुंच – यह सब मिलकर इस जनगणना को देश की सबसे आधुनिक और व्यापक जनगणना बनाते हैं।
हर नागरिक से अनुरोध है कि Census 2027 Chhattisgarh में सक्रिय भागीदारी करें। सही और पूरी जानकारी देने से ही राज्य और देश की बेहतर विकास योजनाएं बन सकती हैं। याद रखें – जनगणना में आपकी भागीदारी, आपके अधिकारों की गारंटी है।
