Breaking News देश के शिक्षा जगत से आई है जिसने पूरे सोशल मीडिया को हिला दिया है। बेंगलुरु स्थित PES University के एक प्रोफेसर का वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें वे एक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र को कक्षा में 13 बार “Terrorist” कहते सुनाई दे रहे हैं।
यह घटना 24 मार्च को हुई और अब पूरे देश में इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
Breaking News — क्या हुआ PES University में?
PES University के Adjunct Faculty Member मुरलीधर देशपांडे, BBA द्वितीय वर्ष के छात्रों को Supply Chain Analytics पढ़ा रहे थे। 24 मार्च को क्लास के दौरान किसी बात पर भड़के प्रोफेसर ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र पर अपना गुस्सा निकाला।
कुछ सूत्रों के अनुसार, छात्र बार-बार क्लास छोड़ने की अनुमति मांग रहा था। कुछ अन्य सूत्रों का कहना है कि कक्षा में शोर से नाराज होकर प्रोफेसर का संयम टूटा।
जो भी कारण रहा हो — एक पीएचडी धारक प्रोफेसर का व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य और शर्मनाक साबित हुआ।
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वायरल वीडियो में क्या दिखा?
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो क्लिप में प्रोफेसर को यह कहते सुना जा सकता है:
“While the class is on, you come and disturb everyone. Sharm nahi aati tumko? Useless fellow, terrorist. Yes, I’ll call you a ‘terrorist’.”
प्रोफेसर ने उस छात्र को एक ही सांस में 13 बार “Terrorist” कहा। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और देशभर में नाराजगी फैल गई।
वीडियो की प्रामाणिकता की जांच अभी विश्वविद्यालय की तकनीकी टीम कर रही है क्योंकि विश्वविद्यालय के सभी लेक्चर रिकॉर्ड किए जाते हैं।
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किसने की शिकायत — छात्र या विश्वविद्यालय?
Department Chairperson ने खुद किया हस्तक्षेप
उसी दिन पीड़ित छात्र ने विभाग के अध्यक्ष (Department Chairperson) को घटना की जानकारी दी। Chairperson स्वयं कक्षा में पहुंचे और प्रोफेसर से पूछताछ की।
जब प्रोफेसर का व्यवहार उसके बाद भी अनुचित बना रहा, तो Chairperson ने उन्हें लेक्चर के बीच में ही बाहर जाने को कह दिया।
न छात्र ने की FIR, न विश्वविद्यालय ने
अब तक न तो पीड़ित छात्र ने और न ही विश्वविद्यालय ने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कॉलेज प्रशासन और छात्रों से संपर्क किया और उनसे शिकायत दर्ज करने को कहा।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस से “थोड़ा इंतजार” करने को कहा है।
Breaking News — पुलिस ने दर्ज किया Suo Motu केस
BNS Section 299 के तहत मामला
Breaking News यह है कि Girinagar Police ने बिना किसी औपचारिक शिकायत के Suo Motu (स्वतः संज्ञान) लेते हुए प्रोफेसर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
यह मामला BNS (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 299 सहित कई प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। धारा 299 उन जानबूझकर किए गए और द्वेषपूर्ण कार्यों से संबंधित है जो किसी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से किए जाते हैं।
जल्द जारी होगा नोटिस
Girinagar Police Station के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच के हिस्से के रूप में प्रोफेसर को जल्द ही नोटिस जारी किया जाएगा।
यह मामला भारत में बढ़ती सांप्रदायिक संवेदनशीलता के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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Chancellor का बयान — “यह अस्वीकार्य है, कार्रवाई होगी”
PES University के Chancellor जवाहर दोरेस्वामी ने इस मामले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा:
“This is unacceptable. The faculty holds a PhD. We don’t want to suppress anything. We will take necessary action.”
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय के सभी लेक्चर रिकॉर्ड किए जाते हैं और तकनीकी टीम वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।
Disciplinary Committee करेगी जांच
Chancellor ने कहा कि Disciplinary Committee साक्ष्यों की जांच करने के बाद ही प्रोफेसर के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू करेगी।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि Adjunct Faculty के लिए दिए गए Briefings और Protocols की भी समीक्षा की जाएगी।
प्रोफेसर की माफी — लेकिन सफाई भी दी
“Classroom Decorum नहीं बनाए रखा” — लिखित माफी
प्रोफेसर मुरलीधर देशपांडे ने लिखित माफी जारी की। उन्होंने कहा कि उन्हें खेद है कि वे “Classroom Decorum बनाए नहीं रख सके।”
सफाई में कहा — “किसी विशेष छात्र को नहीं कहा”
हालांकि उन्होंने यह भी कहा:
“I would like to clarify that the word used was not directed at any [specific] student, but I understand and acknowledge that it was inappropriate.”
उनकी यह सफाई सोशल मीडिया पर और भी विवाद का विषय बन गई। आलोचकों का कहना है कि “Terrorist” शब्द का उपयोग — चाहे जिस किसी के लिए भी हो — एक शिक्षक के लिए पूरी तरह अस्वीकार्य है।
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Breaking News — कानूनी कार्रवाई और BNS Section 299 का महत्व
क्या है BNS Section 299?
BNS Section 299 उन कार्यों पर लागू होती है जो जानबूझकर और द्वेषपूर्ण ढंग से किसी धार्मिक समूह की भावनाओं को आहत करने के इरादे से किए जाते हैं।
यह प्रावधान पहले IPC की धारा 295A के अंतर्गत आता था। नई Bharatiya Nyaya Sanhita में इसे Section 299 के रूप में शामिल किया गया है।
Suspension के बाद आगे क्या?
फिलहाल प्रोफेसर विश्वविद्यालय द्वारा निलंबित हैं। Disciplinary Committee की जांच के बाद उनकी नौकरी पर भी खतरा हो सकता है।
पुलिस की ओर से जल्द नोटिस जारी किए जाने की उम्मीद है। यदि आरोप सिद्ध हुए तो कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
Breaking News जो समाज को सोचने पर मजबूर करती है
यह Breaking News केवल एक प्रोफेसर और एक छात्र की कहानी नहीं है। यह उस जिम्मेदारी की याद दिलाती है जो एक शिक्षक समाज के प्रति निभाता है।
एक पीएचडी धारक प्रोफेसर का कक्षा में एक अल्पसंख्यक छात्र को बार-बार “Terrorist” कहना — न केवल उस छात्र के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे शैक्षणिक वातावरण को दूषित करता है।
PES University का यह मामला एक राष्ट्रीय बहस को जन्म दे रहा है — कि हमारे शिक्षण संस्थानों में धार्मिक सहिष्णुता और समानता का माहौल कितना सुरक्षित है। Breaking News के रूप में यह घटना एक चेतावनी है कि शिक्षा के मंदिरों में पूर्वाग्रह और सांप्रदायिकता के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
