Bihan Yojana Success: 5 बड़े कदम, शांति दुग्गा बनीं आत्मनिर्भर

Bihan Yojana Success की एक प्रेरक कहानी अबुझमाड़ क्षेत्र से सामने आई है। यहां ग्राम कुरूषनार की रहने वाली शांति दुग्गा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़कर अपने परिवार की किस्मत बदल दी। कभी उनका परिवार केवल खेती, वनोपज और मजदूरी पर निर्भर था। लेकिन आज वही परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो गया है। नियमित बचत, समूह से ऋण और छोटे-छोटे व्यवसाय के जरिए शांति दुग्गा ने आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। उनकी मेहनत और सरकारी योजना का सहयोग ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।


Bihan Yojana Success: स्व सहायता समूह से बदली जिंदगी

Bihan Yojana Success की यह कहानी बताती है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक बदलाव ला सकती हैं।

शांति दुग्गा 19 अगस्त 2019 को रोशनी स्व सहायता समूह से जुड़ीं। उनके ग्राम संगठन का नाम प्रतिज्ञा है। शुरुआत में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। घर की आय मुख्य रूप से खेती, जंगल से वनोपज और मजदूरी पर निर्भर थी।

लेकिन समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत शुरू की। शासन की ओर से समूह को 15 हजार रुपये की चक्रिय निधि और 60 हजार रुपये का सामुदायिक निवेश कोष मिला। इससे समूह के सदस्यों के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ीं।

बैंक लिंकेज के जरिए शांति दुग्गा ने पहला ऋण 1 लाख रुपये लिया। इससे उन्होंने अपने गांव में किराना दुकान शुरू की। कुछ समय बाद उन्होंने 2 लाख 70 हजार रुपये का ऋण लेकर कपड़ों का व्यापार शुरू किया।

इसके बाद उन्होंने बाजार और हाट के काम को आसान बनाने के लिए एक पिकअप वाहन खरीदा। इससे उनकी आय और बढ़ने लगी। आगे चलकर उन्होंने समूह से 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रैक्टर खरीदा

इन सभी प्रयासों से आज उनके परिवार की वार्षिक आय 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

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अधिक जानकारी:
https://nrlm.gov.in


बिहान योजना से महिलाओं को नई पहचान

Bihan Yojana Success केवल एक महिला की कहानी नहीं है। यह पूरे ग्रामीण समाज में हो रहे बदलाव की झलक है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रही बिहान योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। इसके लिए स्व सहायता समूहों के माध्यम से बचत, ऋण और व्यवसाय की सुविधा दी जाती है।

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में यह योजना तेजी से प्रभाव दिखा रही है। महिलाएं अब केवल घरेलू काम तक सीमित नहीं हैं। वे खेती, छोटे व्यापार और सेवा क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

शांति दुग्गा जैसी महिलाएं इस बदलाव का प्रतीक बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने परिवार की स्थिति सुधारी, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।


Key Facts

Bihan Yojana Success के प्रमुख तथ्य

  • शांति दुग्गा 2019 में रोशनी स्व सहायता समूह से जुड़ीं
  • समूह को 15 हजार चक्रिय निधि और 60 हजार निवेश कोष मिला
  • शांति ने 1 लाख रुपये से किराना दुकान शुरू की
  • बाद में 2.70 लाख से कपड़ा व्यापार और 6 लाख से ट्रैक्टर खरीदा
  • आज परिवार की वार्षिक आय 4-5 लाख रुपये तक पहुंची

गांव में बनी प्रेरणा

Bihan Yojana Success का प्रभाव केवल शांति दुग्गा के परिवार तक सीमित नहीं रहा। उनके प्रयासों ने गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित किया है।

अब कई महिलाएं स्व सहायता समूहों से जुड़कर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

शांति दुग्गा का कहना है कि बिहान योजना उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना की मदद से उनका परिवार आज खुशहाल जीवन जी रहा है।

अब उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस योजना के लिए धन्यवाद भी दिया है।


कुल मिलाकर Bihan Yojana Success ग्रामीण महिलाओं की शक्ति और आत्मविश्वास का उदाहरण है। शांति दुग्गा की कहानी दिखाती है कि यदि महिलाएं स्व सहायता समूहों से जुड़ें, तो वे अपने परिवार और समाज दोनों को आगे बढ़ा सकती हैं। सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं के सहयोग से Bihan Yojana Success जैसी कहानियां भविष्य में और भी बढ़ेंगी।

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