Bhilai के वार्ड-67, सेक्टर-7, स्ट्रीट-37A में पीलिया (Jaundice) के मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी मिलते ही दुर्ग जिला स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आ गया।
11 अप्रैल 2026 को Bhilai के प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान 9 नए पीलिया मरीज चिह्नित किए गए, जिससे कुल मरीजों की संख्या 24 हो गई है।
भिलाई जैसे घनी आबादी वाले औद्योगिक शहर में पीलिया का यह प्रकोप एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है लेकिन सतर्कता बेहद जरूरी है।
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Bhilai News: 11 अप्रैल को स्वास्थ्य टीम का प्रभावित क्षेत्र में भ्रमण
भिलाई के सेक्टर-7 में पीलिया के मरीजों की सूचना मिलते ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग — डॉ. मनोज दानी के निर्देशन में और जिला सर्वेलेंस अधिकारी, दुर्ग — डॉ. सी.बी.एस. बंजारे के मार्गदर्शन में एक विशेष दल गठित किया गया।
इस दल में शामिल थे: डॉ. पियाम सिंग (प्रभारी अधिकारी, सिविल हॉस्पिटल सुपेला Bhilai), श्रीमती रितीका सोनवानी (जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग), श्री विजय सेजुले (सुपरवाइजर), श्री हितेन्द्र कोसरे (BETO), स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनें।
यह पूरी टीम Bhilai के प्रभावित इलाके में उतरी और घर-घर जाकर लोगों की जांच की तथा संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने (Blood Samples) लिए।
104 घरों का सर्वे — 9 नए मरीज चिह्नित, कुल संख्या 24 पहुंची
भिलाई के सेक्टर-7, स्ट्रीट-37A में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 104 घरों का भ्रमण किया। इस दौरान 9 नए पीलिया मरीज चिह्नित किए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने बताया कि अब तक उस संक्रमित क्षेत्र में कुल 24 पीलिया मरीज मिल चुके हैं।
इनमें से 1 नया मरीज अस्पताल में भर्ती हुआ है। Bhilai के प्रभावित क्षेत्र में पीलिया की यह संख्या स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा रही है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है।
रक्त नमूने लिए गए — लैब जांच जारी
भिलाई के प्रभावित क्षेत्र में लक्षण पाए गए सभी संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने (Blood Samples) एकत्र किए गए हैं। इनकी लैब जांच की जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की उपचार योजना तय की जाएगी। Bhilai में यह तत्काल कदम संक्रमण की सीमा को समझने और नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
Bhilai के किन अस्पतालों में भर्ती हैं मरीज?
भिलाई के पीलिया प्रभावित मरीजों को दो प्रमुख अस्पतालों में उपचार दिया जा रहा है।
शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, Bhilai में 5 मरीज भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।
पल्स हॉस्पिटल, Bhilai-1 में 4 मरीज भर्ती हैं। कुल मिलाकर 9 मरीज अस्पताल में उपचाररत हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है और उन्हें उचित चिकित्सा मिल रही है।
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पीलिया क्या है? — कैसे फैलता है यह संक्रामक रोग?
भिलाई और देशभर में पीलिया (Jaundice/Hepatitis A & E) एक जलजनित संक्रामक रोग है जो प्रदूषित जल और दूषित भोजन के सेवन से फैलता है।
यह रोग विषाणुओं (Viruses) के संक्रमण से होता है। विषाणु शरीर में प्रवेश करने के बाद 15 से 50 दिनों के भीतर बीमारी के लक्षण सामने आते हैं।
भिलाई जैसे घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्र में जहां पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन पुरानी हो या किसी स्थान पर रिसाव हो, वहां यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसीलिए इस प्रकोप की तुरंत जांच और रोकथाम अत्यंत आवश्यक है।
पीलिया के प्रमुख लक्षण — इन्हें पहचानें और तुरंत डॉक्टर से मिलें
भिलाई के नागरिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि पीलिया के लक्षण क्या होते हैं। डॉ. मनोज दानी, CMHO दुर्ग ने निम्नलिखित लक्षणों की पहचान करने की सलाह दी है —
भूख न लगना: अचानक खाने की इच्छा खत्म होना पीलिया का पहला संकेत हो सकता है।
पीले रंग की पेशाब: यूरिन का रंग गहरा पीला या नारंगी होना लिवर की खराबी का संकेत है।
आंखें और त्वचा का पीला होना: यह पीलिया का सबसे स्पष्ट और पहचानने योग्य लक्षण है।
उल्टी और मतली: भोजन का स्वाद न आना और उल्टी की शिकायत होना।
सिरदर्द और कमजोरी: बिना कारण अत्यधिक थकान और सिर में दर्द।
पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द: यह लिवर में सूजन का संकेत हो सकता है।
भिलाई के किसी भी नागरिक को ये लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।
Bhilai: स्वास्थ्य विभाग की टीम और उनकी भूमिका
भिलाई में इस प्रकोप से निपटने में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है।
मितानिनें (सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) घर-घर जाकर जागरूकता फैला रही हैं और संदिग्ध मरीजों की पहचान कर रही हैं। यह Bhilai में सामुदायिक स्वास्थ्य व्यवस्था की एक मजबूत कड़ी है।
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट श्रीमती रितीका सोनवानी डेटा संग्रह और संक्रमण के पैटर्न की निगरानी कर रही हैं, जिससे भविष्य में और मामले रोके जा सकें।
प्रदूषित जल है मुख्य कारण — सावधानी ही बचाव
Bhilai में पीलिया के इस प्रकोप का मुख्य कारण प्रदूषित पेयजल होने की आशंका है। पाइपलाइन में रिसाव या दूषित पानी के स्रोत से यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने Bhilai के नागरिकों को सलाह दी है कि —
पानी को हमेशा उबालकर या RO फिल्टर करके पीएं। बाहर का खुला खाना खाने से बचें। हाथ धोने की आदत डालें, विशेषकर खाने से पहले और शौचालय के बाद।
Bhilai के नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियाँ
Bhilai के सभी नागरिकों, विशेषकर सेक्टर-7 और आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों को निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए —
पेयजल: नल का पानी बिना उबाले न पीएं। Bhilai में किसी भी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें।
भोजन: बाहर का कटा हुआ फल, जूस, गोलगप्पे या खुला भोजन खाने से बचें।
स्वच्छता: घर और आसपास की साफ-सफाई सुनिश्चित करें। नालियों में जलभराव न होने दें।
लक्षण दिखते ही: देर न करें — तुरंत नजदीकी सिविल हॉस्पिटल सुपेला Bhilai या स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र जाएं।
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Bhilai में पीलिया के प्रकोप पर सतर्कता जरूरी, स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद
Bhilai के सेक्टर-7 में पीलिया के 24 मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। 104 घरों का सर्वे, रक्त नमूनों की जांच, अस्पतालों में उपचार और मितानिनों के माध्यम से जागरूकता — ये सब मिलकर Bhilai की स्वास्थ्य व्यवस्था की तत्परता को दर्शाते हैं।
स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन Bhilai के नागरिकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है। स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें, लक्षण दिखते ही डॉक्टर से मिलें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें।
Bhilai की जनता की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है — जागरूकता और सतर्कता से ही इस प्रकोप को रोका जा सकता है।
