Bhilai News में एक बड़ा विवाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में हनुमान जयंती के अवसर पर नगर निगम के गार्डन में बिना अनुमति हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर जमकर बवाल मचा। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां गुरुवार सुबह से ही तनाव का माहौल बन गया।
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Bhilai News: क्या है पूरा मामला?
Bhilai News की यह घटना बुधवार की रात से शुरू हुई। सुपेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत भिलाई नगर निगम के एक गार्डन में किसी अज्ञात व्यक्ति या संगठन ने हनुमान जी की एक प्रतिमा स्थापित कर दी।
यह प्रतिमा बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के रात के अंधेरे में रखी गई थी। गुरुवार सुबह जब नगर निगम को इसकी जानकारी मिली, तो प्रतिमा हटाने के लिए टीम भेजी गई।
रात को गार्डन में रख दी गई मूर्ति
भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने बताया कि यह मूर्ति रात के वक्त अचानक रख दी गई थी। निगम को जैसे ही इसकी सूचना मिली, मूर्ति हटाने के लिए तत्काल टीम रवाना की गई।
उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान निगम के गार्डन की बाउंड्री वॉल को भी तोड़ा गया है। यह मामला केवल अनाधिकृत मूर्ति स्थापना का नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी है।
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मूर्ति हटाने पर भड़का हिंदू संगठन
जैसे ही निगम की टीम मूर्ति हटाने पहुंची, वहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी एकत्र हो गए। इस दौरान निगम अधिकारियों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर बवाल हुआ।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मूर्ति को सब्बल से तोड़ा गया, जिसे वे धार्मिक भावनाओं का अपमान मान रहे थे। संगठन के पदाधिकारी अविरल सिंह ने कहा कि गार्डन के कोने में खाली जगह थी, वहां मूर्ति स्थापित थी।
उन्होंने स्वीकार किया कि मूर्ति किसने लगाई यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन मूर्ति को खंडित करना किसी भी स्थिति में गलत और अस्वीकार्य है।
Bhilai News: 3 घंटे धरना और FIR की मांग
Bhilai News का यह विवाद तब और गहरा गया जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ता जोन आयुक्त के खिलाफ FIR की मांग को लेकर सुपेला थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।
यह धरना करीब 3 घंटे तक चला। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।
संगठन के पदाधिकारी अविरल सिंह ने बताया कि थाने में 4 घंटे के बाद सीएसपी उनसे मिलने आए, इसी देरी की वजह से हंगामा बढ़ा।
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हनुमान जयंती का हवाला देकर मांगा था समय
हिंदू संगठन का पक्ष
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने निगम को लिखित सूचना देकर हनुमान जयंती के कारण मूर्ति हटाने के लिए 24 घंटे का समय मांगा था।
उनका कहना था कि हनुमान जयंती एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है और इस दिन प्रतिमा हटाना धार्मिक भावनाओं को आहत करता है।
निगम ने नहीं मानी बात
इसके बावजूद निगम की टीम ने तत्काल कार्रवाई की, जिससे संगठन के कार्यकर्ता भड़क गए। उनका मानना था कि जब लिखित आवेदन दिया जा चुका था, तो निगम को कम से कम 24 घंटे की मोहलत देनी चाहिए थी।
यह मामला Bhilai News में धार्मिक संवेदनशीलता और प्रशासनिक नियमों के बीच टकराव का एक ज्वलंत उदाहरण बन गया है।
नगर निगम की प्रतिक्रिया और FIR की तैयारी
निगम का पक्ष
भिलाई नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने स्पष्ट किया कि निगम का गार्डन एक सार्वजनिक स्थान है और वहां बिना अनुमति कोई भी निर्माण या स्थापना नहीं हो सकती।
उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मूर्ति रखी गई, वहां पहुंचने के लिए गार्डन की बाउंड्री वॉल तोड़ी गई, जो स्पष्ट रूप से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना है।
FIR दर्ज कराने की तैयारी
निगम की ओर से बाउंड्री तोड़ने के मामले में FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। यह कदम निगम प्रशासन की सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
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Bhilai News: नगर सीएसपी ने क्या कहा?
जांच के बाद होगी कार्रवाई
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने इस पूरे मामले पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हिंदू संगठन की ओर से आवेदन मिला है और शिकायत की विधिवत जांच की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ भी पक्षपात नहीं होगा।
हंगामे पर सीएसपी का बयान
हंगामे के बारे में सीएसपी ने कहा कि हिंदू संगठन के लोग बाहर बैठे थे, उन्हें थाने के अंदर बैठकर बात करने को कहा गया था। उन्होंने आश्वस्त किया कि कोई आपत्तिजनक स्थिति नहीं बनी है।
मूर्ति हटाने पर निर्णय
मूर्ति हटाने के संदर्भ में सीएसपी ने कहा कि यह नगर निगम का विषय है। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
Bhilai News का यह मामला धार्मिक आस्था, प्रशासनिक नियम-कानून और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के बीच एक जटिल संघर्ष को उजागर करता है। एक ओर हिंदू संगठन हनुमान जी की प्रतिमा की रक्षा को लेकर आंदोलन पर उतर आया, तो दूसरी ओर नगर निगम नियमों का पालन करते हुए सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रहे हैं। Bhilai News पर नजर रखें — इस मामले में जो भी आधिकारिक निर्णय आएगा, वह भविष्य में ऐसे विवादों के लिए एक मिसाल बन सकता है।
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