मनरेगा विवाद: 5 बड़े आरोप, कांग्रेस का हंगामा

MNREGA Row ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को सियासी माहौल गरमा दिया। सुबह से ही सदन में तनाव का माहौल था। जैसे ही कांग्रेस ने गरीबों के अधिकारों का मुद्दा उठाया, बहस तेज हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, भाजपा सदस्यों ने इसका विरोध किया। हालात इतने बिगड़े कि कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ गया है।


MNREGA Row: आरोप, हंगामा और वॉकआउट की पूरी कहानी

MNREGA Row की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम पर चर्चा की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस योजना को कमजोर कर रही है।

उन्होंने कहा कि योजना की मूल संरचना में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही गरीबों को मिलने वाले अधिकारों को भी कम किया गया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की।

हालांकि, भाजपा विधायक Ajay Chandrakar ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष पहले ही सदन का बहिष्कार करने का फैसला कर चुका है।

विपक्ष के नेता Charan Das Mahant ने साफ किया कि अगर चर्चा होती, तो वॉकआउट की जरूरत नहीं पड़ती।

इसके बाद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सदन को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। जब कार्यवाही फिर शुरू हुई, तब भी विवाद जारी रहा।

अंत में अध्यक्षीय पीठ संभाल रहे Dharamlal Kaushik ने स्थगन प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया।

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Background

MNREGA Row का संबंध देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना से है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार देना है।

इस योजना के तहत हर परिवार को साल में 100 दिन का काम देने का प्रावधान है। यह योजना गरीबों के लिए एक सुरक्षा कवच मानी जाती है।

हाल के समय में केंद्र सरकार ने “विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” का प्रस्ताव रखा है। विपक्ष का आरोप है कि इससे मूल योजना कमजोर हो सकती है।

इसी मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा में बहस छिड़ी। कांग्रेस का कहना है कि यह गरीबों के अधिकारों से जुड़ा मामला है। इसलिए इस पर चर्चा जरूरी थी।


मुख्य बिंदु

  • MNREGA Row पर विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ
  • कांग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की
  • अध्यक्षीय पीठ ने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया
  • नारेबाजी के बाद कांग्रेस ने वॉकआउट किया
  • मुद्दा गरीबों के अधिकारों से जुड़ा बताया गया

प्रभाव और प्रतिक्रिया

MNREGA Row का असर राजनीतिक माहौल पर साफ दिख रहा है। कांग्रेस ने इसे गरीबों के अधिकारों का मुद्दा बताया है।

विपक्ष का कहना है कि अगर ऐसे मुद्दों पर चर्चा नहीं होगी, तो लोकतंत्र कमजोर होगा। वहीं, भाजपा का मानना है कि विपक्ष सिर्फ राजनीति कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह विवाद आने वाले समय में और बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर ग्रामीण इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि विधानसभा में संवाद की कमी से टकराव बढ़ सकता है।


अंत में कहा जा सकता है कि MNREGA Row सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं है। यह गरीबों के अधिकारों और रोजगार से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।

अगर इस पर गंभीर चर्चा नहीं होती, तो MNREGA Row आगे और बड़ा रूप ले सकता है।

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