Kejriwal Corruption Case: 5 बड़ी राहत, ऐतिहासिक फैसला

Kejriwal Corruption Case में लगभग दो साल बाद बड़ा मोड़ आया। दिल्ली की अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal को भ्रष्टाचार मामले में बरी कर दिया। मार्च 2024 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। यह गिरफ्तारी आम चुनाव से कुछ हफ्ते पहले हुई थी। अब अदालत ने कहा कि आबकारी नीति में कोई व्यापक साजिश या आपराधिक मंशा नहीं थी। फैसले के बाद केजरीवाल भावुक हो गए। अदालत परिसर में Manish Sisodia ने उन्हें गले लगाया।


Kejriwal Corruption Case में कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

Kejriwal Corruption Case पर फैसला सुनाते हुए Rouse Avenue Court ने साफ कहा कि जांच एजेंसी साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश कर रही थी। अदालत ने Central Bureau of Investigation की जांच पर सवाल उठाए।

जज ने कहा कि केवल अनुमान के आधार पर साजिश नहीं बनाई जा सकती। अदालत ने यह भी कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। तभी निष्पक्ष ट्रायल संभव है।

ये भी पढ़ें: Iran US Conflict: 7 चौंकाने वाले घटनाक्रम, भयावह संकट

इस मामले में कुल 24 लोग आरोपी थे। शुक्रवार को सभी को राहत मिली। केजरीवाल ने कहा कि अंत में सत्य की जीत होती है।

सीबीआई ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।


दिल्ली की आबकारी नीति विवाद

Kejriwal Corruption Case की जड़ 2021 की आबकारी नीति में थी। Aam Aadmi Party सरकार ने इसे लागू किया था। सरकार का दावा था कि इससे काला बाज़ार रुकेगा। राजस्व बढ़ेगा और लाइसेंस का समान वितरण होगा।

कुछ महीनों बाद नीति वापस ले ली गई। दिल्ली के उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena ने आरोप लगाया कि नियमों का दुरुपयोग हुआ। इसके बाद जुलाई 2022 में सीबीआई ने मामला दर्ज किया।

2023 में Sanjay Singh और सिसोदिया भी गिरफ्तार हुए। तीनों नेताओं को निचली अदालत और हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। बाद में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।


Kejriwal Corruption Case

  • मार्च 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई।
  • अदालत ने 23 अन्य आरोपियों को भी बरी किया।
  • कोर्ट ने सीबीआई जांच को त्रुटिपूर्ण बताया।
  • आबकारी नीति 2021 में लागू हुई थी।
  • सीबीआई फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

Kejriwal Corruption Case के फैसले के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है। आम आदमी पार्टी ने इसे न्याय की जीत बताया। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह सच्चाई की जीत है।

दूसरी ओर भाजपा ने पहले ही आरोपों से इनकार किया था। केजरीवाल ने पहले भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था।

अब अदालत की टिप्पणी ने जांच एजेंसी पर भी सवाल खड़े किए हैं। अगर विभागीय जांच होती है तो इसका असर व्यापक हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है: https://main.sci.gov.in


Kejriwal Corruption Case में आया यह फैसला दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। अदालत ने साजिश के आरोपों को खारिज किया। साथ ही निष्पक्ष जांच की अहमियत दोहराई। अब सबकी नजर सीबीआई की अपील पर है। आने वाले दिनों में Kejriwal Corruption Case का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिख सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *