Chhattisgarh Vidhan Sabha Gherao — यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लाखों आम लोगों की आवाज़ है। रायपुर की सड़कें 17 मार्च 2026 को एक बार फिर गवाह बनेंगी — जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के आह्वान पर हज़ारों कार्यकर्ता एकजुट होंगे। अफीम की खेती, बेकाबू महंगाई, बढ़ता नशा और BJP सरकार के कुशासन के खिलाफ यह आंदोलन छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नया मोड़ लेकर आ सकता है। पत्र क्रमांक 175, दिनांक 12 मार्च 2026 को जारी आदेश ने पूरे प्रदेश की Congress मशीनरी को हरकत में ला दिया है।
क्यों हो रहा है Chhattisgarh Vidhan Sabha Gherao?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव अय्यूब खान ने आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में साफ़ बताया कि यह घेराव BJP सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ है। प्रदेश में अफीम की खेती खुलेआम हो रही है — यह न सिर्फ कानून का मज़ाक है, बल्कि समाज को खोखला कर रही है।
इसके अलावा बढ़ता नशा, आसमान छूती महंगाई और लगातार बढ़ते अपराध ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। Congress का आरोप है कि BJP सरकार इन मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।
प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी मलकीत सिंह गेंदु ने 12 मार्च को विधानसभावार कार्यक्रम प्रभारियों की सूची जारी की। यह सूची इस बात का संकेत है कि Congress ने इस आंदोलन को सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं रखा — बल्कि पूरे प्रदेश की हर विधानसभा सीट से लोगों को जोड़ने की रणनीति बनाई है। हर प्रभारी को 15 मार्च से पहले अपने क्षेत्र का दौरा करने का निर्देश दिया गया है।
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आंदोलन की पृष्ठभूमि — BJP सरकार पर Congress के गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ में 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद से BJP सत्ता में है। तब से Congress लगातार यह आरोप लगाती आई है कि सरकार ने जनता से किए वादे पूरे नहीं किए।
अफीम खेती का मुद्दा हाल के महीनों में सबसे संवेदनशील बन गया है। कई जिलों से अफीम की अवैध खेती की खबरें सामने आई हैं, जिन पर सरकार की चुप्पी Congress को नागवार गुज़री है।
वहीं, महंगाई ने मध्यम और निम्न आय वर्ग को बुरी तरह प्रभावित किया है। रसोई गैस, पेट्रोल और रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में दीपक बैज ने “मनरेगा बचाओ संग्राम एवं प्रदेश के जनहित” कार्यक्रम के तहत यह बड़ा आंदोलन खड़ा किया है। यह घेराव Congress के लिए एक जन-आंदोलन की शुरुआत भी मानी जा रही है।
Chhattisgarh Vidhan Sabha Gherao — मुख्य तथ्य
- 📅 तारीख: 17 मार्च 2026, रायपुर विधानसभा
- 📋 आधिकारिक आदेश: पत्र क्रमांक 175, दिनांक 12 मार्च 2026
- 👤 आह्वान: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
- 📌 प्रभारी सूची जारीकर्ता: संगठन प्रभारी मलकीत सिंह गेंदु
- 🔑 मुख्य मुद्दे: अफीम खेती, बढ़ता नशा, महंगाई, अपराध, कुशासन
- 🗓️ डेडलाइन: सभी विधानसभा प्रभारी 15 मार्च से पहले क्षेत्र भ्रमण करें
प्रदेश में क्या होगा असर? नेताओं की प्रतिक्रिया
इस Chhattisgarh Vidhan Sabha Gherao की तैयारी का असर पहले से दिखने लगा है। प्रदेश के सभी ज़िला कांग्रेस कमेटियों को सक्रिय कर दिया गया है। नगर, ब्लॉक और मंडल स्तर तक की टीमें मोबिलाइज़ेशन में जुटी हैं।
सूचना के मुताबिक, वरिष्ठ नेता डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष), भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री), और टी.एस. सिंहदेव (पूर्व उपमुख्यमंत्री) सहित AIC के राष्ट्रीय नेताओं को भी इस कार्यक्रम की सूचना दी गई है।
Congress का मानना है कि यह घेराव BJP सरकार पर सीधा राजनीतिक दबाव बनाएगा। खासकर मनरेगा मज़दूरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों की भागीदारी इसे एक mass movement का रूप दे सकती है।
“प्रदेश में कुशासन चरम पर है — जनता की आवाज़ उठाना हमारा फर्ज़ है।” — अय्यूब खान, सचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़
17 मार्च को इतिहास रचेगी Congress?
Chhattisgarh Vidhan Sabha Gherao महज़ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है — यह छत्तीसगढ़ में विपक्षी राजनीति की नई शुरुआत है। दीपक बैज की अगुवाई में Congress ने जो रणनीति बनाई है, वह प्रदेश की हर विधानसभा सीट को छूती है। अब देखना यह होगा कि 17 मार्च को रायपुर की सड़कें कितनी भरी होती हैं — और सरकार इस आंदोलन पर क्या जवाब देती है।
