Chhattisgarh News में आज एक बड़ा राजनीतिक बवाल सामने आया है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दे डाली।
बघेल ने आरोप लगाया कि शाह लोकसभा में छत्तीसगढ़ के कांग्रेस शासन को लेकर झूठे दावे कर रहे हैं। वहीं, मौजूदा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बघेल पर पलटवार करते हुए उनके बयानों को पूरी तरह झूठ करार दिया।
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बघेल का अमित शाह को बहस का चैलेंज
सोमवार को लोकसभा में अमित शाह ने बयान दिया था कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नक्सलवाद के विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी बयान के जवाब में बघेल ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर एक वीडियो जारी किया।
“अमित शाह जी ने दावा किया कि हमारी सरकार ने माओवाद के खिलाफ प्रयासों में सहयोग नहीं किया। यह पूरी तरह असत्य है। मैं उन्हें बहस की चुनौती देता हूं – समय और जगह वे चुनें।” — भूपेश बघेल
बघेल ने कहा कि प्रदेश और देश की जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। यह Chhattisgarh News की दृष्टि से एक बेहद अहम राजनीतिक घटनाक्रम है।
कांग्रेस सरकार के नक्सल-विरोधी दावे
बघेल ने बताया कि 2018 से 2023 तक उनकी सरकार ने बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद को कमजोर करने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने दावा किया कि:
- 600 गांवों को नक्सल मुक्त घोषित किया गया
- लोगों को मुख्यधारा में वापस लाया गया
- नक्सल प्रभाव घटते ही विकास कार्य तेज किए गए
बघेल ने कहा कि यह सब दर्ज रिकॉर्ड में मौजूद है और इसे नकारा नहीं जा सकता।
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बस्तर में कांग्रेस के विकास कार्य – Chhattisgarh News का बड़ा पहलू
Chhattisgarh News में एक और अहम पहलू सामने आया। बघेल ने बस्तर में कांग्रेस सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
- वन अधिकार अधिनियम (Forest Rights Act) का क्रियान्वयन
- स्कूलों का निर्माण और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार
- स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना
- राशन कार्डों का वितरण
उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार ने इन सुविधाओं को रोका, जबकि कांग्रेस ने स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास बनाने का काम किया।
“जैसे-जैसे नक्सल प्रभाव घटा, विकास का विस्तार हुआ।”
बघेल का बड़ा सवाल: ₹1 करोड़ प्रति गांव का वादा कब पूरा होगा?
यह Chhattisgarh News का सबसे तीखा सवाल रहा। बघेल ने याद दिलाया कि अमित शाह ने खुद घोषणा की थी कि जैसे ही कोई गांव नक्सल-मुक्त घोषित होगा, उसे ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
“अब जब नक्सलवाद खत्म हो गया है, तो बस्तर के हर गांव को ₹1 करोड़ कब मिलेगा?”
यह सवाल BJP के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
DRG जवानों का अपमान – बघेल का कड़ा बयान
बघेल ने अमित शाह के बयान को DRG (District Reserve Guard) जवानों का अपमान करार दिया। DRG वे बहादुर जवान हैं जिन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपनी जानें दी हैं।
“शाह जी को शर्म आनी चाहिए। झूठ फैलाना बंद करें और छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगें।”
बघेल ने कहा कि सभी विकास कार्य रिकॉर्ड में दर्ज हैं और शाह का बयान इन जवानों की कुर्बानी को नकारने जैसा है।
दीपक बैज का BJP पर हमला – Chhattisgarh News
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने भी BJP पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का सबसे अधिक प्रसार उस समय हुआ जब रमन सिंह के नेतृत्व में BJP की सरकार थी।
बैज ने सवाल किया कि अगर BJP इतनी गंभीर थी, तो उनके शासनकाल में नक्सली इतने ताकतवर क्यों हुए? यह Chhattisgarh News में एक और बड़ा राजनीतिक बयान है।
CM विष्णु देव साय का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बघेल के सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा:
“भूपेश बघेल ने जो कहा वह बिल्कुल असत्य है। वे अपनी सरकार की विफलता को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।”
साय ने बताया कि दिसंबर 2023 में जब उन्होंने सत्ता संभाली, तब केंद्रीय गृहमंत्री की समीक्षा में यह सामने आया था कि देश में 75% से अधिक माओवादी गतिविधियां केवल छत्तीसगढ़ में केंद्रित थीं।
उन्होंने कहा:
“अगर पिछली सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में माओवाद के खिलाफ दृढ़ता और ईमानदारी दिखाई होती, तो हालात अलग होते।”
साय ने आरोप लगाया कि बघेल सरकार ने केंद्र के साथ कोई सहयोग नहीं किया और उनके बयान महज झूठ हैं।
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Chhattisgarh News का बड़ा सियासी संग्राम
Chhattisgarh News में यह विवाद साफ दर्शाता है कि नक्सलवाद का मुद्दा अब राजनीतिक रणभूमि बन चुका है। एक तरफ भूपेश बघेल अमित शाह से खुली बहस मांग रहे हैं और DRG जवानों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वहीं CM साय कांग्रेस पर विफलता छुपाने का आरोप लगा रहे हैं।
असली सवाल यह है कि बस्तर के 600 नक्सल-मुक्त गांवों को ₹1 करोड़ कब मिलेगा और DRG के शहीद जवानों का बलिदान किस तरफ से सम्मानित होगा? छत्तीसगढ़ की जनता इन सवालों का जवाब चाहती है।
