Headmaster Suicide Case ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों को झकझोर दिया है। नबरंगपुर जिले के एक सरकारी स्कूल के 32 वर्षीय प्रधानाध्यापक का शव पांच दिन बाद जंगल में मिला। वह बोर्ड परीक्षा ड्यूटी से लौटने के बाद लापता हो गए थे। परिवार ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। आखिरकार, छत्तीसगढ़ के मैनपुर गांव के पास जंगल में उनका शव बरामद हुआ। पहली नजर में मामला आत्महत्या का लगता है, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं।
Headmaster Suicide Case: जंगल में मिला शव, जांच तेज
Headmaster Suicide Case में मृतक की पहचान आलेखा चरण भक्त (32) के रूप में हुई है। वह बड़ा भरंडी गांव के निवासी थे। वह झरिगांव ब्लॉक के रताखंडीगुड़ा सरकारी हाई स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक थे।
उन्हें कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कालेगांव सरकारी हाई स्कूल में ऑब्जर्वर बनाया गया था। 21 फरवरी को उन्होंने अपनी ड्यूटी पूरी की। दोपहर करीब 12:30 बजे वह परीक्षा केंद्र से निकले। हालांकि, वह शाम तक घर नहीं पहुंचे।
परिवार ने बार-बार फोन मिलाया। लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। अगले दिन उनके बड़े भाई ने झरिगांव थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत टीम बनाई और जांच शुरू की।
इसी दौरान, छत्तीसगढ़ के मैनपुर पुलिस को जंगल में एक युवक का शव लटका हुआ मिला। शव कपड़े के सहारे पेड़ से लटका था। मौके से आधार कार्ड और बाइक मिली। आधार कार्ड से पहचान हुई। बाद में मैनपुर पुलिस ने झरिगांव पुलिस को सूचना दी।
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परिवार के लोग छत्तीसगढ़ पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लगता है। लेकिन असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
परीक्षा ड्यूटी से लापता होने तक
Headmaster Suicide Case की पृष्ठभूमि बेहद संवेदनशील है। भक्त एक जिम्मेदार शिक्षक थे। वह अपने स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक की भूमिका निभा रहे थे।
बोर्ड परीक्षा के दौरान उन्हें पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई थी। परीक्षा के बाद वह सामान्य रूप से निकले। लेकिन 70 किलोमीटर दूर जंगल में उनका शव मिलना कई सवाल खड़े करता है।
परिवार के मुताबिक, उन्होंने पहले कभी किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया। वह अपने काम के प्रति समर्पित थे। इसलिए यह घटना और भी ज्यादा चौंकाने वाली बन गई है।
पुलिस अब कॉल डिटेल्स और मूवमेंट की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि वह परीक्षा केंद्र से सीधे उस इलाके में कैसे पहुंचे।
Headmaster Suicide Case
- आलेखा चरण भक्त (32) नबरंगपुर जिले के निवासी थे।
- वह रताखंडीगुड़ा सरकारी हाई स्कूल में प्रभारी प्रधानाध्यापक थे।
- 21 फरवरी को बोर्ड परीक्षा ड्यूटी के बाद लापता हुए।
- शव छत्तीसगढ़ के मैनपुर गांव के पास जंगल में मिला।
- आधार कार्ड और बाइक मौके से बरामद हुई।
क्षेत्र में शोक और सवाल
Headmaster Suicide Case के बाद शिक्षा जगत में शोक की लहर है। स्थानीय लोगों ने घटना पर दुख जताया। ग्रामीणों ने कहा कि वह शांत और जिम्मेदार शिक्षक थे।
परिवार गहरे सदमे में है। उनका कहना है कि उन्हें किसी तनाव की जानकारी नहीं थी। वहीं पुलिस ने कहा है कि हर एंगल से जांच की जा रही है।
इस घटना ने सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा और निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं। साथ ही, परीक्षा ड्यूटी के दौरान शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
Headmaster Suicide Case में कई सवाल बाकी
Headmaster Suicide Case ने एक युवा शिक्षक की असमय मौत से पूरे क्षेत्र को दुखी कर दिया है। हालांकि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच जारी है। परिवार जवाब चाहता है। समाज भी सच्चाई जानना चाहता है। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद इस Headmaster Suicide Case से जुड़े सभी रहस्य सामने आएंगे।
