ई-साक्षरता केंद्र उद्याटित, विधायक वोरा ने कहा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का अविस्मरणीय योगदान

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शहर के सिविल लाईन में समृद्धि बाजार के पास जिले में चौथे ई-साक्षरता केंन्द्र का शुभारंभ किया गया। ई-डिजिटल साक्षरता केंन्द्र के माध्यम से शहरी क्षेत्र की 14 से 40 वर्ष की महिलाओं को डिजिटल साक्षर किया जाएगा। इन्हें ई-शिक्षा से जोड़कर दक्ष बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां महिलाओं को ई-डिजिटल के क्षेत्र में दक्ष बनाने के लिए गढ़बो डिजिटल नवा छत्तीसगढ़ के नाम से ई-साक्षरता कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। ई-डिजिटल साक्षरता केंद्र के माध्यम से महिलाओं को कानूनी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, चुनावी साक्षरता, अच्छे नागरिक एवं नागरिक सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही साथ जनकल्याणकारी एवं महिलाओं के लिए आत्मरक्षा से संबंधित जानकारी दी जाएगी। श्रेष्ठ पालक बनने के गुर, कौशल विकास कार्यक्रम, समतुल्यता कार्यक्रम एवं कैरियर कॉउसलिंग संबंधी जानकारी दी जाएगी। आपको बता दें कि पाटन, उतई एवं खुर्सीपार में पूर्व से ही ई-साक्षरता केंन्द्र संचालित है।
इस अवसर पर शहर विधायक अरूण वोरा ने कहा कि आज हर क्षेत्र डिजिटल होना आवश्यक है। तकनीकी क्रांति से हर क्षेत्र में इसकी उपयोगिता और महत्व बढ़ा है। इससे जुड़कर आसान व सुगम तरीके के साथ हम कुशलता से अपने कामों को अंजाम दे सकते हैं। उन्होनेें आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ई-तकनीकी के महत्व को समझते हुए इसे भारत के विकास में अहम मानते हुए अमेरिका से लाने का अभिनव कार्य किया। तब उस समय इसका विरोध होने पर उन्होने कहा था एक समय सम्पूर्ण भारत में इसका सार्थक उपयोगिता देखने को मिलेगा और यह बात आज सही साबित हो रहा है। तकनीकी के क्षेत्र में उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। उन्होनें ई-डिजिटल के लिए पंजीकृत महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इससे आपके जीवन में नएपन का उदय होगा। इससे जुड़कर आप तकनीकी रूप से मजबूत होगी और आत्मनिर्भर होगी। इस अवसर पर महापौर धीरज बाकलीवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, ई-साक्षरता के लिए पंजीकृत महिलाएं उपस्थित थी।