गोपाल जी चौरडिया के नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिली नई रोशनी

Durg Eye Donation News शहर के गंजपारा निवासी श्री गोपाल जी चौरडिया के निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान का निर्णय लिया। इस प्रेरणादायक कदम से अब दो नेत्रहीन व्यक्ति इस दुनिया को सामान्य रूप से देख सकेंगे।


परिवार ने दुःख की घड़ी में लिया बड़ा निर्णय

गोपाल जी चौरडिया के निधन के पश्चात पारिवारिक सदस्य नवीन संचेती के प्रयास से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की गई।

उनकी पत्नी अंजना चौरडिया, भाई ज्ञानचंद जी और शांतिलाल जी, पुत्र आलोक और अतुल चौरडिया, बहू मोनिका और प्रियंका, पुत्री अल्का मेहता व दामाद प्रदीप मेहता की सहमति से यह पुनीत कार्य सम्पन्न हुआ।

परिवार के इस निर्णय ने यह संदेश दिया कि जीवन के बाद भी किसी की आंखों से दुनिया रोशन की जा सकती है।


नवदृष्टि फाउंडेशन ने संभाली व्यवस्था

Durg Eye Donation News के अनुसार, नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, मुकेश राठी, हरमन दुलई, रितेश जैन, आनंद जैन, राकेश गोलछा और कमलेश सांखला बी एम शाह हॉस्पिटल पहुंचे और नेत्रदान की पूरी व्यवस्था संभाली।

श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज के डॉ. संदीप बचकर और नेत्र प्रभारी विवेक कसार ने बी एम शाह हॉस्पिटल पहुंचकर कॉर्निया कलेक्ट किए।


“भाई के नेत्रों से दो परिवारों को मिलेगी नई रोशनी”

भाई ज्ञानचंद जी ने भावुक स्वर में कहा कि आज पूरा परिवार गहरे सदमे में है।

उन्होंने कहा,
“भाई के जाने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन उनके नेत्रों से दो परिवारों को नई ज्योति मिलेगी। इस निर्णय से हमें संतुष्टि है और आशा है कि समाज इससे प्रेरणा लेगा।”


“पिता ने जीवन भर की सेवा, अब नेत्रों से भी सेवा”

पुत्र अतुल चौरडिया ने कहा कि उनके पिता ने जीवन भर लोगों की मदद की।

“आज उनके जाने से परिवार शोक में है, लेकिन नेत्रदान कर हमने समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाया है,” उन्होंने कहा।

नवीन संचेती ने भी कहा कि चौरडिया परिवार समाज का प्रतिष्ठित परिवार है। ऐसे में श्री गोपाल जी चौरडिया के नेत्रदान से समाज में जागरूकता बढ़ेगी।


समाज के लिए प्रेरणा बना निर्णय

Durg Eye Donation News केवल एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा है। नेत्रदान से किसी अंधेरे जीवन में उजाला लाया जा सकता है।

नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्जवल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभु दयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन और राकेश जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित कर परिवार को साधुवाद दिया।


विशेषज्ञों के अनुसार, नेत्रदान के माध्यम से कॉर्निया प्रत्यारोपण कर नेत्रहीनों को नई दृष्टि दी जा सकती है।

Durg Eye Donation News यह संदेश देता है कि मृत्यु के बाद भी मानवता की सेवा संभव है।

यदि समाज के अधिक लोग इस दिशा में आगे आएं, तो हजारों लोगों के जीवन में उजाला लाया जा सकता है।