Chhattisgarh News के तहत प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने राज्य के सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की टीईटी (Teacher Eligibility Test) योग्यता से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है।
यह निर्देश पहली से पांचवीं तथा छठवीं से आठवीं तक के सभी प्रधानपाठक और सहायक शिक्षकों पर लागू होगा। शासन ने साफ किया है कि शिक्षकों का वर्गीकरण नियुक्ति वर्ष, आयु समूह और टीईटी उत्तीर्ण स्थिति के आधार पर किया जाएगा।
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TET योग्यता की जानकारी क्यों मांगी गई
Chhattisgarh News के अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय ने जिलों से कई महत्वपूर्ण आंकड़े मांगे हैं। इनमें मुख्य रूप से यह जानकारी शामिल है:
- वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की संख्या
- वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों की संख्या
- दोनों वर्गों में से कितने शिक्षकों ने TET पास किया है
- स्कूलों में कार्यरत प्रधानपाठक और सहायक शिक्षक का विवरण
इस डेटा के आधार पर प्रदेश में शिक्षकों की योग्यता और सेवा शर्तों की स्थिति का आकलन किया जाएगा।
Chhattisgarh News: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई
Chhattisgarh News में सामने आया है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले के बाद की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरटीई अधिनियम की धारा 23 के तहत टीईटी शिक्षक की न्यूनतम अनिवार्य योग्यता है।
इस फैसले के अनुसार:
- आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षक
- जिनकी सेवा 5 वर्ष से अधिक शेष है
उन्हें फैसले की तारीख से दो वर्ष के भीतर TET परीक्षा पास करनी होगी।
इस आदेश के बाद राज्य सरकार ने शिक्षकों से संबंधित पूरी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
दुर्ग संभाग के हजारों शिक्षक दायरे में
Chhattisgarh News के अनुसार प्रदेश में लगभग 80,491 शिक्षक ऐसे हैं जिनके लिए TET पास करना अनिवार्य हो सकता है।
इनमें से करीब 17,346 शिक्षक दुर्ग संभाग से संबंधित बताए गए हैं।
जिलावार आंकड़े इस प्रकार हैं:
- दुर्ग: 2756 शिक्षक
- बालोद: 2876 शिक्षक
- बेमेतरा: 2945 शिक्षक
- राजनांदगांव: 2776 शिक्षक
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: 1381 शिक्षक
- मोहला-मानपुर: 862 शिक्षक
- कबीरधाम: 3750 शिक्षक
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में हजारों शिक्षकों को TET परीक्षा पास करनी होगी।
आयु और नियुक्ति वर्ष के आधार पर वर्गीकरण
शासन ने जिलों से शिक्षकों की आयु वर्ग के आधार पर भी जानकारी मांगी है।
यह वर्गीकरण निम्न आयु समूहों में किया जाएगा:
- 21 से 25 वर्ष
- 26 से 30 वर्ष
- 31 से 35 वर्ष
- 36 से 40 वर्ष
- 41 से 45 वर्ष
- 46 से 50 वर्ष
- 51 से 55 वर्ष
- 56 से 60 वर्ष
- 60 वर्ष से अधिक
इस वर्गीकरण से यह पता लगाया जाएगा कि कितने शिक्षक TET की पात्रता और परीक्षा के दायरे में आते हैं।
TET पास करना क्यों जरूरी हुआ
Chhattisgarh News के अनुसार शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में:
- शिक्षक की नियुक्ति
- पदोन्नति
- सेवा शर्तें
इन सभी के लिए TET को न्यूनतम योग्यता माना जाएगा।
इसका उद्देश्य स्कूलों में योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है।
शिक्षा व्यवस्था पर संभावित प्रभाव
इस फैसले का राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ सकता है।
संभावित प्रभाव:
- बड़ी संख्या में शिक्षकों को TET परीक्षा देनी होगी
- शिक्षक प्रशिक्षण और तैयारी की मांग बढ़ेगी
- शिक्षा विभाग को योग्यता आधारित डेटा मिलेगा
- भविष्य की नियुक्तियों में मानकीकरण होगा
हालांकि कुछ शिक्षक संगठनों ने यह भी कहा है कि पुराने शिक्षकों को पर्याप्त समय और प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
Chhattisgarh News के अनुसार प्रदेश में शिक्षकों की योग्यता और सेवा शर्तों को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 80,491 शिक्षकों से जुड़ी TET योग्यता की जानकारी मांगी गई है, जिससे आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि TET शिक्षक बनने की अनिवार्य शर्त है। ऐसे में प्रदेश के हजारों शिक्षकों के लिए आने वाले दो साल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
