Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यह रिपोर्ट प्रदेश की मजबूत और संतुलित अर्थव्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों के कारण छत्तीसगढ़ लगातार नई आर्थिक ऊंचाइयों को छू रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में लिए गए फैसले, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा और सेवा क्षेत्र के विस्तार ने राज्य की आर्थिक संरचना को मजबूत आधार प्रदान किया है। यही कारण है कि आज छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
GSDP में उल्लेखनीय वृद्धि
Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भावों पर लगभग 6 लाख 31 हजार 291 करोड़ रुपये अनुमानित है।
यह वृद्धि दर 11.57 प्रतिशत आंकी गई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य के सभी प्रमुख क्षेत्र संतुलित रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“छत्तीसगढ़ आज विकास की नई गति से आगे बढ़ रहा है और यह आर्थिक सर्वेक्षण उसी दिशा का प्रमाण है।”
कृषि क्षेत्र में 12.53% वृद्धि: किसान बने विकास की धुरी
Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 12.53 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित की गई है। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों की मेहनत और सरकार की किसान-हितैषी नीतियों का परिणाम बताया।
उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और समर्थन मूल्य जैसी योजनाओं ने कृषि को मजबूती दी है।
छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। इसलिए समृद्ध किसान ही विकसित प्रदेश की मजबूत नींव हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
औद्योगिक क्षेत्र में तेजी: 10.26% वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योग क्षेत्र में 10.26 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग का योगदान लगभग 49 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अधोसंरचना विकास, निवेश अनुकूल वातावरण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स और निवेश प्रस्तावों के कारण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं, बल्कि प्रदेश की औद्योगिक पहचान भी मजबूत हुई है।
सेवा क्षेत्र बना नई अर्थव्यवस्था का आधार
Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 के अनुसार सेवा क्षेत्र में 13.15 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आईटी और डिजिटल सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा क्षेत्र का विकास युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है।
इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने से नई अर्थव्यवस्था को गति मिली है।
प्रति व्यक्ति आय में 10.07% की वृद्धि
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर लगभग 1.79 लाख रुपये अनुमानित है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 10.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा प्रदेशवासियों की बढ़ती समृद्धि का संकेत है।
उन्होंने कहा,
“जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ती है, तो यह केवल आंकड़ा नहीं होता, बल्कि हर परिवार की आर्थिक मजबूती का प्रतीक होता है।”
हर परिवार की समृद्धि हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाना नहीं, बल्कि हर परिवार की आय बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
सरकार की योजनाएं इसी सोच के साथ बनाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
विकसित भारत में छत्तीसगढ़ की भूमिका
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
उन्होंने कहा कि Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 यह संकेत देता है कि प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
कुल मिलाकर, Chhattisgarh Economic Survey 2025-26 छत्तीसगढ़ की मजबूत आर्थिक दिशा को दर्शाता है। कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र—तीनों में संतुलित वृद्धि ने राज्य को नई ऊर्जा दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, यह केवल आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा है।
यदि यही गति बनी रही, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश की सबसे तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता है।
