रायपुर की पहली महिला विधायक रजनी ताई उपासने का निधन, राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई न होने पर उठे सवाल

रायपुर, अगस्त 2025।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की पहचान और यहां की पहली महिला विधायक स्वर्गीय रजनी ताई उपासने का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। ताई का राजनीतिक सफर संघर्ष और सादगी का पर्याय रहा। 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर उन्होंने इतिहास रचते हुए रायपुर शहर से पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त किया था।

आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की बहाली के लिए उनके संघर्ष को आज भी बुजुर्ग याद करते हैं। उस दौर में उनके तीनों बेटों को इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार ने जेल भेज दिया था, लेकिन ताई ने भूमिगत रहकर भी जन आंदोलन को जारी रखा।
उनकी प्रतिबद्धता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ वर्ष पूर्व उनकी तबीयत खराब होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं फोन कर उनका हालचाल लिया था।

ताई के निधन के बाद यह उम्मीद थी कि उनके योगदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को देखते हुए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा। परंतु ऐसा नहीं हुआ। इस पर कई सामाजिक और राजनीतिक हलकों में निराशा व्यक्त की जा रही है।

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ताई की राजनीतिक यात्रा ने रायपुर की राजनीति में नई राह दिखाई थी। महिलाओं के लिए राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनीं। उनका जीवन जनता की सेवा और अन्याय के खिलाफ संघर्ष को समर्पित रहा।

आज जब रायपुर उन्हें खो चुका है, तो यह सवाल भी खड़ा हो रहा है कि क्या लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में अपना जीवन खपा देने वाली इस बेटी को तिरंगे से अंतिम सम्मान मिलना चाहिए था?

श्रद्धेय रजनी ताई उपासने को शत-शत नमन।