देश की सबसे गरमागरम Political News इस वक्त असम से आ रही है। असम विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के अंतिम दिनों में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है जब कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर जमकर आरोप लगाए गए।
असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है और मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे संवेदनशील समय में यह विवाद राजनीतिक हलकों में भूचाल ला चुका है।
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पवन खेड़ा ने क्या-क्या आरोप लगाए?
AICC के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि असम सीएम की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों — संयुक्त अरब अमीरात (UAE), एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र — के पासपोर्ट हैं, जो क्रमशः मार्च 2027, अगस्त 2031 और फरवरी 2029 तक वैध हैं।
खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि दुबई में उनकी संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र सरमा के चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
क्या दस्तावेज असली थे?
रिनिकी सरमा ने पलटवार करते हुए इन आरोपों को “मनगढ़ंत” और “खराब तरीके से तैयार किए गए” दस्तावेजों पर आधारित बताया। हिमंता सरमा और उनकी पत्नी ने कहा कि ये दस्तावेज AI से बनाए गए फर्जी दस्तावेज हैं।

FIR दर्ज — किन धाराओं में केस?
असम पुलिस ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ एक मामला दर्ज किया है, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के परिवार को निशाना बनाने वाली टिप्पणियों से जुड़े जालसाजी, मानहानि और आपराधिक साजिश के कई आरोप शामिल हैं।
गुवाहाटी की क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में 6 अप्रैल को दर्ज की गई FIR मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की शिकायत पर आधारित है, जिसमें आरोप है कि खेड़ा ने 5 अप्रैल को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में झूठे और मनगढ़ंत दावे किए।
CM सरमा ने यह भी बताया कि BNS (भारतीय न्याय संहिता) के तहत फर्जी दस्तावेजों से चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश में उम्रकैद तक का प्रावधान है।
Political News: असम पुलिस का दिल्ली में छापा
यह Political News तब और गरमा गई जब असम पुलिस सीधे दिल्ली पहुंच गई। असम पुलिस की टीम मंगलवार सुबह दिल्ली पहुंची और खेड़ा के आवास पर छानबीन की, इस दौरान दिल्ली पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही।
कानून के मुताबिक, अगर किसी एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जाकर कार्रवाई करती है, तो स्थानीय पुलिस को पहले सूचित करना होता है — और दिल्ली पुलिस को सूचित कर दिया गया था।
असम पुलिस की टीम दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित पवन खेड़ा के घर पहुंची, जहाँ काफी देर तक पड़ताल की गई। घर से निकलने के बाद असम पुलिस ने बताया कि पवन खेड़ा घर पर नहीं मिले, लेकिन कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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हैदराबाद में कैमरे से छिपते नज़र आए पवन खेड़ा
इस विवाद में एक वायरल वीडियो ने आग में घी का काम किया। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें पवन खेड़ा हैदराबाद में मीडिया के कैमरों को देखते ही कार की पिछली सीट पर झुक जाते नज़र आए।
पूनावाला ने कहा — “जो खुद को बब्बर शेर बताते थे, वे अब भीगी बिल्ली की तरह छिप रहे हैं।”
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “पहले उन्होंने मेरी पत्नी पर झूठे आरोप लगाए, अब जब शिकायत के बाद पुलिस पूछताछ करना चाहती है तो वो भागते फिर रहे हैं। वह कल गुवाहाटी से भाग गए और आज मुझे पता चला कि पुलिस के दिल्ली घर पहुंचने पर वह हैदराबाद भाग गए।”
हिमंत बिस्वा सरमा के तीखे बयान
असम के CM ने इस पूरे मामले में कई विवादित बयान दिए जो खुद एक नई बहस का कारण बन गए।
सरमा ने ANI से कहा, “वह कल गुवाहाटी से भाग गए। मुझे मीडिया से पता चला कि पुलिस उनके दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वह हैदराबाद भाग गए। कानून अपना काम करेगा।”
सरमा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी पागल हैं और पवन खेड़ा उनसे भी बड़े पागल हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा, “मैं उन्हें पवन खेड़ा से पवन पेड़ा बना दूंगा।”
राहुल गांधी तक जाएगा मुकदमा?
सरमा ने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस “खत्म” हो चुकी है और पासपोर्ट विवाद में “पाकिस्तानी कनेक्शन” के अपने दावे को दोहराया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यह मुकदमा राहुल गांधी तक पहुंच सकता है।
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस की ओर से सुप्रिया श्रीनेत ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन पर खुद भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और वे घबराए हुए हैं। उन्होंने कहा कि धमकी देने के बजाय लगाए गए आरोपों का जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस का कहना है कि असम पुलिस का दिल्ली में आकर छापा मारना विपक्ष को दबाने की सियासी साजिश है।
असम चुनाव 2026 पर क्या होगा असर?
सरमा ने दावा किया कि इस आरोप के बाद “सट्टा बाजार” में NDA की सीटें 94 से बढ़कर 99 तक पहुंच गईं।
यह पूरा विवाद असम विधानसभा चुनाव 2026 की गहमागहमी के बीच उठा है। कांग्रेस पहले से ही CM हिमंता को घेरने की कोशिश में थी लेकिन इस पासपोर्ट मुद्दे ने सियासत को और गरमा दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इस तरह के विवाद से मतदाताओं पर सीधा असर पड़ सकता है।
Political News का देश की राजनीति पर असर
यह Political News सिर्फ एक FIR या पुलिस छापे की खबर नहीं है — यह देश की लोकतांत्रिक राजनीति की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है। चुनाव से ठीक पहले आरोप, काउंटर-आरोप, पुलिस कार्रवाई और नेताओं का एक राज्य से दूसरे राज्य भागना — ये सब मिलकर एक चिंताजनक राजनीतिक माहौल बनाते हैं।
पवन खेड़ा के आरोप सही हों या गलत — कानून अपना काम करेगा। लेकिन Chhattisgarh सहित देश के नागरिकों को यह समझना होगा कि Political News में तथ्य और प्रचार के बीच फर्क करना आज की सबसे ज़रूरी ज़िम्मेदारी है।
