LPG Supply: 5 बड़े फैसले, मोदी का सख्त संदेश

LPG Supply को लेकर देश में बढ़ती चिंता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसी बीच भारत में रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर कई तरह की अफवाहें भी फैल रही हैं। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि घबराहट फैलाने वाले लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने राज्यों से कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त निगरानी रखने की अपील की। सरकार ने साथ ही कुछ नए कदमों की भी घोषणा की है ताकि आम लोगों को गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।

LPG Supply पर प्रधानमंत्री मोदी का बयान और सरकार के फैसले

LPG Supply को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित एक शिखर सम्मेलन में स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गैस की स्थिति को लेकर घबराहट फैला रहे हैं। ऐसे लोग न केवल खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने राज्यों से अपील की कि वे जमाखोरों और कालाबाजारियों पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि संकट के समय निगरानी और नियंत्रण बेहद जरूरी होता है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। हालांकि प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।

इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है। यह रसोई गैस के विकल्प के रूप में दिया गया है।

सरकार ने कुछ व्यावसायिक गैस सिलेंडरों को भी बाजार में जारी करने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य आपूर्ति पर दबाव कम करना है।

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क्यों बढ़ी LPG Supply को लेकर चिंता

LPG Supply को लेकर चिंता की मुख्य वजह भारत की आयात पर निर्भरता है। देश में रसोई गैस का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर आपूर्ति पर पड़ता है।

सरकार के अनुसार हाल में उठाए गए कदमों से घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि यह बढ़ोतरी कुल दैनिक खपत का लगभग 10 प्रतिशत ही पूरा करती है।

इसका मतलब है कि लगभग 50 प्रतिशत जरूरत अभी भी आयात से पूरी करनी पड़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के पास दीर्घकालिक भंडारण की क्षमता सीमित है। इसलिए आयात में बाधा आने पर आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।

इसी बीच सरकार ने सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय भी बदला है। शहरी क्षेत्रों में यह अवधि 25 दिन बनी हुई है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 45 दिन कर दिया गया है।

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Key Facts – LPG Supply

  • LPG Supply को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने घबराहट फैलाने वालों की आलोचना की।
  • राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन दिया गया है।
  • घरेलू एलपीजी उत्पादन में 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
  • शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखा गया है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन कर दी गई है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

LPG Supply का मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा हुआ।

विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में लोगों को गैस सिलेंडर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने यह कहते हुए चर्चा की अनुमति नहीं दी कि यह विषय केंद्र सरकार से जुड़ा हुआ है। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन के बीच में पहुंच गए।

स्थिति इतनी बढ़ गई कि सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। अंततः हंगामे के कारण कांग्रेस विधायकों को स्वचालित रूप से निलंबित कर दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबा चला तो ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसलिए सरकार के लिए स्थिति को संतुलित रखना बड़ी चुनौती होगी।


कुल मिलाकर LPG Supply को लेकर सरकार ने स्थिति संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि देश में घबराने की जरूरत नहीं है। अतिरिक्त केरोसिन आवंटन, उत्पादन बढ़ाने और बाजार में सिलेंडर जारी करने जैसे फैसले आपूर्ति बनाए रखने के लिए किए गए हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय हालात अभी भी अनिश्चित हैं। इसलिए आने वाले समय में LPG Supply की स्थिति पर सरकार और राज्यों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण रहेगी।

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