Korea News में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में संचालित ‘आवा पानी झोंकी’ जल संरक्षण अभियान को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ में इस मॉडल की विशेष रूप से सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है और जनभागीदारी से जल संरक्षण को सशक्त करना राज्य का संकल्प है।
Korea News — ‘आवा पानी झोंकी’ कैसे बना राष्ट्रीय जल संरक्षण आंदोलन?
Korea News में यह मॉडल इसलिए खास है क्योंकि यह कोई ऊपर से थोपी गई सरकारी योजना नहीं है। यह एक जन आंदोलन है जिसमें किसान, महिलाएं, युवा और ग्राम सभाएं — सभी ने मिलकर हिस्सा लिया।
‘आवा पानी झोंकी’ अभियान को “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के “मोर गाव मोर पानी महा अभियान” के अंतर्गत संचालित किया गया।
इस पहल ने जल संरक्षण को एक सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन का रूप दे दिया है।
कोरिया मॉडल की पृष्ठभूमि — समस्या क्या थी?
1370 मिमी वर्षा के बावजूद पानी की कमी
Korea News को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि कोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होती है — यह एक अच्छी बारिश वाला क्षेत्र है।
फिर भी भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण यहां वर्षा जल का तीव्र बहाव होता था। पानी जमीन में रिसने से पहले ही बह जाता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित रह जाता था।
समाधान की जरूरत — एक नई सोच का जन्म
इसी समस्या के समाधान के लिए कोरिया जिले के प्रशासन और जनता ने मिलकर एक अनूठा मॉडल विकसित किया — जहां पानी को बहने से रोककर जमीन में उतारा जाए।
यही ‘आवा पानी झोंकी’ मॉडल की नींव बनी।
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Korea News: 5% मॉडल — किसानों ने खुद दी अपनी जमीन का 5% हिस्सा
“जल संचय जन भागीदारी अभियान” — एक क्रांतिकारी कदम
Korea News का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि किसानों ने स्वेच्छा से अपनी भूमि का 5% भाग जल संरक्षण संरचनाओं के लिए समर्पित किया।
“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत 5% मॉडल के तहत:
छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाएं — खेतों में बारिश के पानी को रोकने के लिए बनाई गईं।
सोखता गड्ढे (Soak Pits) — जमीन में पानी उतारने के लिए किसानों के खेतों में बनाए गए।
मनरेगा के अंतर्गत संरचनाएं — सरकारी योजना का उपयोग कर बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य किए गए।
स्वैच्छिक भागीदारी — यही है इस मॉडल की ताकत
Korea News में यह तथ्य सबसे महत्वपूर्ण है कि किसानों ने बिना किसी दबाव के अपनी जमीन का हिस्सा दिया। यह स्वैच्छिक जनभागीदारी ही इस मॉडल को अन्य सरकारी योजनाओं से अलग और प्रभावशाली बनाती है।
Jal Shakti Ministry — Catch The Rain Campaign — https://jalshakti-ddws.gov.in
नीर नायिका और जल दूत — महिलाओं और युवाओं ने संभाली कमान
महिलाएं बनीं ‘नीर नायिका’
Korea News में यह पहलू बेहद प्रेरणादायक है। महिलाओं ने ‘नीर नायिका’ के रूप में इस अभियान में अग्रणी भूमिका निभाई।
गांव-गांव में महिलाओं ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई, संरचनाओं की देखरेख की और अभियान को जमीनी स्तर पर जीवंत रखा।
युवा बने ‘जल दूत’
युवाओं ने ‘जल दूत’ के रूप में इस आंदोलन में ऊर्जा भरी। उन्होंने तकनीकी सहायता, जागरूकता प्रसार और ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी की।
ग्राम सभाएं बनीं विकेंद्रीकृत योजना का केंद्र
ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया गया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना — न कि केवल लाभार्थी।
यही Korea News के इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता है।
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Korea News: 2025 की उपलब्धियां — 5 चौंकाने वाले आंकड़े
Korea News में 2025 की उपलब्धियों के आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं। देखें इस मॉडल ने कितना बड़ा बदलाव लाया:
| उपलब्धि | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल भूजल पुनर्भरण | 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) |
| समकक्ष बड़े तालाब (12000 m³/तालाब) | 230–235 तालाब |
| समकक्ष डबरियां (1500 m³/डबरी) | 1800 से अधिक |
| भूजल स्तर में वृद्धि (CGWB रिपोर्ट) | 5.41 मीटर |
| वार्षिक वर्षा | 1370 मिमी |
5.41 मीटर भूजल वृद्धि — CGWB की रिपोर्ट से पुष्टि
Korea News में सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि Central Ground Water Board (CGWB) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
यह आंकड़ा इस मॉडल की वैज्ञानिक प्रभावशीलता को प्रमाणित करता है। जो जमीन पहले सूखी रहती थी, वहां अब पानी की कोई कमी नहीं।
2.8 MCM जल पुनर्भरण — 230 से अधिक तालाबों के बराबर
जिले में 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ। यह जल मात्रा 230-235 बड़े तालाबों और 1800 से अधिक डबरियों के बराबर है।
यह Korea News का वह आंकड़ा है जो दर्शाता है कि जनभागीदारी से कितना बड़ा बदलाव संभव है।
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2026 में प्रगति — 20,612 से अधिक जल कार्य पूर्ण या प्रगति पर
सामुदायिक और मनरेगा कार्यों का संयोजन
Korea News में 2026 की प्रगति भी उतनी ही उत्साहजनक है। अब तक जिले में 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण हो चुके हैं या प्रगति पर हैं।
इनमें शामिल हैं:
17,229 सामुदायिक कार्य — जो जनभागीदारी से किए गए।
3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएं — जो सरकारी योजना के तहत बनाई गईं।
हर साल बढ़ रही है गति
2025 से 2026 तक इस अभियान की गति और विस्तार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह इस बात का प्रमाण है कि एक बार जब जनभागीदारी से आंदोलन शुरू होता है, तो वह स्वतः आगे बढ़ता रहता है।
PM मोदी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने की सराहना — राष्ट्रीय पहचान मिली
PM मोदी का Mann Ki Baat में उल्लेख
Korea News के लिए यह सबसे गर्वशाली क्षण था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कोरिया मॉडल की विशेष प्रशंसा की।
PM मोदी ने इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया और पूरे देश के सामने इस मॉडल को प्रस्तुत किया।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री ने कहा — अन्य राज्यों में भी लागू हो यह मॉडल
Korea News को और अधिक महत्व तब मिला जब केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया।
यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यह मॉडल अब राष्ट्रीय जल नीति का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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CM विष्णु देव साय का संकल्प और Collector का बयान
CM साय — “जनभागीदारी से जल संरक्षण हमारा संकल्प”
Korea News में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “कोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण” और जनभागीदारी से जल संरक्षण को सशक्त करना राज्य सरकार का दृढ़ संकल्प है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ऐसे और प्रयोग किए जाएंगे जो देश के लिए मिसाल बनें।
Collector का भावुक बयान — “हर बूंद को संजोएंगे”
जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने इस मॉडल की सफलता पर कहा:
“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”
यह बयान Korea News की इस उपलब्धि की भावना को पूरी तरह व्यक्त करता है।
Korea News: ‘आवा पानी झोंकी’ — एक जिले की सोच जो बनी पूरे देश की प्रेरणा
Korea News का यह अध्याय छत्तीसगढ़ और पूरे भारत के लिए एक प्रेरक दस्तावेज है। कोरिया जिले के किसानों, महिला नीर नायिकाओं, युवा जल दूतों और जिला प्रशासन ने मिलकर यह साबित किया है कि जब जनभागीदारी, वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं — तो असंभव भी संभव हो जाता है।
5.41 मीटर भूजल वृद्धि, 2.8 MCM जल पुनर्भरण, 20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य — ये आंकड़े महज संख्याएं नहीं हैं, ये लाखों लोगों की जल सुरक्षा की गारंटी हैं।
PM मोदी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री द्वारा राष्ट्रीय मंच पर सराहना मिलना — Korea News के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है। अब यह मॉडल देश के अन्य राज्यों में भी अपनाए जाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
