पूर्व एटॉर्नी जनरल के. पारासरन को मिला सर्वाधिक प्रतिष्ठित वरिष्ठ नागरिक पुरस्कार, उपराष्ट्रपति ने किया सम्मानित

देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित वरिष्ठ नागरिक पुरस्कार से पूर्व एटॉर्नी जनरल के. पारासन को सम्मानित किया गया है। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया। यह समारोह एज केयर इंडिया संस्था द्वारा आयोजित बुजुर्ग दिवस समारोह के अवसर प्रदान किया गया।

AWARDS HONORS

नई दिल्ली। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने बुजुर्गों के साथ होने वाले दुव्र्यवहार को एक सामाजिक बुराई बताते हुए इस बारे में मानसिकता बदलने का आह्वान किया। उन्होंने पारासरन की सराहना करते हुए कहा कि आज पारासरन का 92 वर्ष की उम्र में भी कानून, शास्त्रों के ज्ञान, नैतिकता और विद्वता के रूप में काफी ऊंचा स्थान है और उनका इंडियन बार के ‘पितामहÓ के रूप में ठीक ही उल्लेख किया गया है। उन्होंने बुजुर्ग दिवस समारोह में भारत के कानूनी क्षेत्र के नक्षत्र, विद्वान और पूर्व अटॉर्नी जनरल के. पारासरन को सबसे प्रतिष्ठित वरिष्ठ नागरिक पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार कानून और न्याय के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के साथ-साथ उनके विशिष्ट व्यक्तित्व की सबसे उचित पहचान के रूप में प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता रही है जिसमें हमें अपने बुजुर्गों के साथ उचित व्यवहार करने पर हमेशा गर्व रहा है। हमने हमेशा अपने बुजुर्गों को समाज में सबसे सम्मानित और सम्मानजनक स्थान दिया है। उपराष्ट्रपति ने कहा पारासरन ने कवि कालिदास द्वारा व्यक्त किए गए आदर्श को मूर्त रूप प्रदान किया है। कालिदास ने रघुवंशम महाकाव्य में कहा है वृद्धत्वम् जरासा विना यानी बिना बूढ़ा हुए कद में लगातार बढऩे की योग्यता। वे हमेशा भावुक और अथक चैंपियन रहे हैं। उन्होंने वकीलों की वर्तमान पीढ़ी को पारासरन से प्रेरणा लेने और पेशेवर उत्कृष्टता एवं नैतिक गुणों को आत्मसात करने का आग्रह किया है।
पुरस्कार से सम्मानित के. पारासरन को कानूनी क्षेत्र में अनुशासन, कड़ी मेहनत, ईमानदारी और नैतिकता के लिए जाना जाता है। अपने विशिष्ट कैरियर के दौरान उन्होंने गंभीर संवैधानिक मामलों या अंतर्राज्यीय जल विवादों सहित सभी प्रकार के मामलों को समान रूप से कुशलापूर्वक संभाला है। इस अवसर पर पारासरन ने दूसरों के दोषों को देखे बिना भक्ति और समर्पण के साथ कर्तव्य निभाने की आवश्यकता पर बल दिया। द्मद्ग/$कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल एन. एन. वोहरा और एज केयर इंडिया के अध्यक्ष डॉ. कार्तिकेयन भी उपस्थित थे।