दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल: प्रदूषण स्तर 400 पार, कई इलाकों में ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा AQI

🌫️ दिल्ली में फिर घुला जहर, Delhi air pollution AQI 400 के पार

दिल्ली की हवा एक बार फिर खतरनाक हो गई है। शनिवार को प्रदूषण स्तर कई इलाकों में 400 के पार दर्ज किया गया। इस बढ़ते Delhi air pollution AQI ने राजधानी को देश के सबसे प्रदूषित शहरों में फिर शामिल कर दिया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे तक दिल्ली का औसत Air Quality Index (AQI) 372 तक पहुंच गया। यह स्तर “बहुत खराब” (Very Poor) श्रेणी में आता है।

📍 किन इलाकों में स्थिति सबसे खराब

दिल्ली के 39 मॉनिटरिंग स्टेशन में से 15 स्टेशनों ने AQI को 400 या उससे ऊपर दर्ज किया। इनमें अलीपुर (417), आईटीओ (408), पंजाबी बाग (404), नेहरू नगर (407), पाटपड़गंज (403), अशोक विहार (402), सोनिया विहार (401), जहांगीरपुरी (409), रोहिणी (408), विवेक विहार (415), नरेला (412), वज़ीरपुर (424), बावाना (424), चांदनी चौक (400) और बुराड़ी क्रॉसिंग (420) शामिल हैं।

🏙️ NCR के शहर भी नहीं बचे पीछे

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी हवा खराब रही। नोएडा का AQI 354, ग्रेटर नोएडा का 336 और गाज़ियाबाद का 339 दर्ज किया गया। ये सभी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आते हैं।

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🧾 पिछले दिनों की तुलना में हालात बदतर

शुक्रवार को दिल्ली का AQI 322 था। वहीं शनिवार सुबह 8 बजे तक यह 355 दर्ज किया गया, जो शाम होते-होते और बढ़ गया। PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण मुख्य प्रदूषक बने हुए हैं।

🔔 विशेषज्ञों की चेतावनी

Air Quality Early Warning System ने कहा है कि अगले कुछ दिनों तक Delhi air pollution AQI में सुधार की उम्मीद नहीं है। धीमी हवाएं और ठंडी नमी प्रदूषण को नीचे जमने नहीं दे रही हैं।

एक स्थानीय निवासी ने कहा, “सुबह घर से बाहर निकलते ही आंखों में जलन और गले में खराश महसूस होती है। बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत बढ़ गई है।”

💨 क्या कहता है CPCB का वर्गीकरण

  • 0-50: अच्छा (Good)
  • 51-100: संतोषजनक (Satisfactory)
  • 101-200: सामान्य (Moderate)
  • 201-300: खराब (Poor)
  • 301-400: बहुत खराब (Very Poor)
  • 401-500: गंभीर (Severe)

वर्तमान में दिल्ली की हवा ‘गंभीर’ स्तर पर है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है।

🩺 सावधानी ही बचाव

डॉक्टरों का कहना है कि इस स्थिति में लोगों को बाहर जाते समय N95 मास्क पहनना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को खुली हवा में कम समय बिताना चाहिए। एयर प्यूरीफायर और पौधे घर के अंदर प्रदूषण घटाने में मदद कर सकते हैं।