Air Ambulance Crash: 3 मौतें, दिल दहला देने वाली त्रासदी

Air Ambulance Crash ने एक पूरे परिवार की उम्मीदों को पल भर में खत्म कर दिया। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के कर्माटांड़ जंगल में हुए इस हादसे में सात लोगों की मौत हुई। इनमें संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी और उनके किशोर भतीजे ध्रुव कुमार भी शामिल थे। संजय को गंभीर जलन के बाद बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा जा रहा था। परिवार ने कर्ज लेकर विमान बुक किया, लेकिन यह सफर जिंदगी नहीं, मौत लेकर आया।


कर्माटांड़ जंगल में Air Ambulance Crash, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

Air Ambulance Crash सोमवार शाम को उस समय हुआ, जब संजय कुमार को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से चार्टर्ड विमान द्वारा दिल्ली ले जाया जा रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें उन्नत इलाज के लिए गंगाराम अस्पताल रेफर किया था।

संजय लातेहार जिले के बकोरिया क्षेत्र में सड़क किनारे लाइन होटल चलाते थे। 16 फरवरी को होटल में खाना बनाते समय एलपीजी लीकेज से आग लगी। वे गंभीर रूप से झुलस गए। पहले उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि हालत नाजुक रही, इसलिए परिवार ने दिल्ली शिफ्ट करने का निर्णय लिया।

परिजनों के अनुसार एयर एंबुलेंस करीब 8 लाख रुपये में बुक हुई। 2 लाख रुपये कर्ज लिया गया। बाकी रकम बचत और रिश्तेदारों से जुटाई गई। एक रिश्तेदार ने कहा, “हमें लगा दिल्ली इलाज से नई जिंदगी मिलेगी। पर हमने तीन जिंदगियां खो दीं।”


संघर्षों से भरा रहा परिवार का जीवन

संजय का परिवार लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के रखत गांव का निवासी है। वर्ष 2004 में उनके पिता की कथित तौर पर माओवादियों ने हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद परिवार चंदवा मुख्यालय आ गया।

संजय ने मेहनत से होटल व्यवसाय संभाला। उन्होंने परिवार को संभाला और धीरे-धीरे हालात सुधारे। बड़े भाई विजय साव ने कहा, “संजय ने सब कुछ मेहनत से खड़ा किया था। अब परिवार फिर टूट गया।”

आग की घटना के बाद परिवार ने हर संभव प्रयास किया। 6 लाख रुपये जमा कर दिए गए थे। हालांकि 2 लाख की कमी से उड़ान में देरी हुई। परिजनों को अंदाजा नहीं था कि यह सफर अंतिम होगा।


Air Ambulance Crash

  • कर्माटांड़ जंगल, चतरा में विमान हादसा
  • सात लोगों की मौत, तीन एक ही परिवार से
  • 8 लाख रुपये में बुक हुई एयर एंबुलेंस
  • 2 लाख रुपये कर्ज लेकर किया भुगतान
  • संजय 16 फरवरी की आग में गंभीर झुलसे थे

गांव में मातम, बच्चों पर टूटा पहाड़

Air Ambulance Crash के बाद रखत गांव और चंदवा क्षेत्र में शोक की लहर है। संजय के दो नाबालिग बेटे, 13 वर्षीय शिवम और 17 वर्षीय शुभम, एक ही रात में अनाथ हो गए।

चतरा सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान दादा बलेश्वर साहू और अन्य परिजन फूट-फूट कर रो पड़े। मां को यह खबर सहन नहीं हो रही।

दादा ने कहा, “पहले आग का हादसा हुआ। फिर इलाज की उम्मीद में विमान बुक किया। अब सब खत्म हो गया।”

यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे इलाके की पीड़ा बन गई है।


Air Ambulance Crash ने छीन ली उम्मीद

Air Ambulance Crash ने साबित कर दिया कि कभी-कभी जिंदगी की जंग कितनी निर्मम होती है। इलाज की उम्मीद में उठाया गया कदम ही अंतिम सफर बन गया।

संजय ने परिवार को संभालने के लिए जीवन भर संघर्ष किया। लेकिन यह त्रासदी उनके बच्चों के लिए गहरा घाव छोड़ गई। Air Ambulance Crash अब उस परिवार के इतिहास का सबसे दर्दनाक अध्याय बन गया है।

साथ अपडेट रखें: 4thNation

One thought on “Air Ambulance Crash: 3 मौतें, दिल दहला देने वाली त्रासदी

Comments are closed.