पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर भीषण झड़प: 200 अफगान लड़ाके ढेर, 58 पाकिस्तानी सैनिक मारे जाने का दावा

इस्लामाबाद/काबुल:
Pakistan Afghanistan border clashes ने दक्षिण एशिया में तनाव की नई लकीर खींच दी है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमाओं पर पिछले दो दिनों से भयंकर गोलीबारी चल रही है। पाकिस्तान की सेना का दावा है कि उसने अब तक 200 से अधिक अफगान लड़ाकों को मार गिराया है, वहीं अफगान तालिबान सरकार का कहना है कि उसने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला और 30 से अधिक को घायल किया है।

अफगान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान का दावा झूठा है। उन्होंने बताया कि अफगान पक्ष के केवल नौ सैनिक शहीद हुए हैं जबकि दर्जनभर घायल हुए हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सेना ने अपने 23 सैनिकों की शहादत की पुष्टि की है।


⚔️ तीन पाकिस्तानी चौकियों पर तालिबान का कब्जा

तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह ख्वारिज़मी ने दावा किया कि अफगान बलों ने कुनार और हेलमंद प्रांतों में पाकिस्तानी चौकियों पर “सफल जवाबी हमला” किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा बार-बार अफगान सीमा के उल्लंघन और हवाई हमलों के जवाब में की गई।

पाकिस्तानी राज्य मीडिया ने रिपोर्ट दी कि उनकी सेना ने 19 अफगान चौकियों पर कब्जा कर लिया है और कई तालिबानी सैनिक मारे गए हैं। पाकिस्तान टेलीविज़न (PTV) द्वारा साझा एक वीडियो में अफगान चौकियों को जलते हुए दिखाया गया है, जबकि कुछ तालिबान लड़ाके आत्मसमर्पण करते नजर आए।

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💣 तनाव की वजह और असर

यह संघर्ष तब भड़का जब अफगानिस्तान में गुरुवार को हुए विस्फोटों के लिए तालिबान ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में कहा, “अब बहुत हो गया। अगर हम पर हमले जारी रहे तो परिणाम भुगतने होंगे।”

दोनों देशों के बीच रिश्ते पहले से ही खराब हैं, क्योंकि पाकिस्तान आरोप लगाता रहा है कि तालिबान सरकार, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे आतंकी संगठनों को पनाह दे रही है। वहीं अफगानिस्तान कहता है कि वह अपने इलाके का इस्तेमाल किसी देश के खिलाफ नहीं होने देता।


🌍 क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

ईरान, क़तर और सऊदी अरब ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा, “दोनों पक्षों को संयम दिखाना चाहिए, क्योंकि उनका स्थिर रहना पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।”

सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे “संवाद और शांति” के मार्ग को अपनाने की अपील करते हैं ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।


🔎 विशेषज्ञों की राय

इस्लामाबाद स्थित विश्लेषक इम्तियाज़ गुल का कहना है, “TTP का मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ा अवरोध बन गया है। अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर पड़ेगा।”

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🕊️ निष्कर्ष

Pakistan Afghanistan border clashes अब सिर्फ सीमा संघर्ष नहीं बल्कि एक राजनैतिक और क्षेत्रीय संकट में बदलते जा रहे हैं। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और आतंकवाद के आरोपों ने स्थिति को बेहद जटिल बना दिया है।

अगर संवाद नहीं हुआ तो यह टकराव आने वाले महीनों में और भयानक रूप ले सकता है, जिसका असर पूरे एशिया की शांति पर पड़ेगा।