Umesh Sharma Kau Assault Case: देहरादून में शिक्षा निदेशक से कथित मारपीट, BJP विधायक पर FIR

देहरादून में शनिवार को शिक्षा विभाग के दफ्तर में हुई एक घटना ने उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन दोनों को झकझोर दिया। Umesh Sharma Kau Assault Case में प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ कथित मारपीट के आरोप लगे हैं।

पुलिस ने इस मामले में भाजपा विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं विधायक पक्ष की शिकायत पर भी क्रॉस FIR दर्ज की गई है।


क्या है पूरा मामला?

घटना देहरादून स्थित उत्तराखंड शिक्षा निदेशालय में हुई। आरोप है कि Umesh Sharma Kau अपने करीब 25 समर्थकों के साथ निदेशक के कार्यालय पहुंचे।

बताया जा रहा है कि स्कूल के नाम बदलने को लेकर विवाद हुआ। प्राथमिक शिक्षा निदेशक Ajay Kumar Naudiyal ने कथित तौर पर कहा कि स्कूल का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी है।

इसी बात पर बहस बढ़ी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। निदेशक को सिर में चोट आई, जिसके बाद उन्हें कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया।


पुलिस ने दर्ज की क्रॉस FIR

देहरादून SSP Pramendra Dobal ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

  • निदेशक की शिकायत पर विधायक और समर्थकों के खिलाफ FIR
  • विधायक पक्ष की शिकायत पर भी अलग से केस दर्ज

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।


विधायक का पक्ष

Umesh Sharma Kau Assault Case में विधायक ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।

उनका कहना है कि किसी तरह की हाथापाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी ने उनके साथ और स्कूल का नाम बदलवाने आए परिवार के साथ दुर्व्यवहार किया।

विधायक के अनुसार, जिस परिवार ने स्कूल के लिए जमीन दान की थी, उसके मुखिया के निधन के बाद परिवार पिछले 7-8 महीनों से स्कूल का नाम उनके नाम पर रखने की मांग कर रहा था।


कांग्रेस की प्रतिक्रिया

इस घटना पर कांग्रेस नेता Harish Rawat ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों की गरिमा का सम्मान करने की बात कही।

इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।


शिक्षा निदेशालय में विरोध प्रदर्शन

घटना के बाद देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि यदि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होगा।

Umesh Sharma Kau Assault Case ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक संस्थानों में अनुशासन और संवाद की मर्यादा कैसे कायम रखी जाए।


आगे क्या?

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयानों और सबूतों की जांच कर रही है।

Umesh Sharma Kau Assault Case में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

हालांकि, यह घटना साफ संकेत देती है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद और प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की स्थितियों से बचा जा सके।

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