Raipur Post Office Scam: 20 करोड़ का चौंकाने वाला खेल

Raipur Post Office Scam ने राजधानी के हजारों निवेशकों की नींद उड़ा दी है। रविशंकर विश्वविद्यालय उपडाकघर में सामने आए करोड़ों रुपये के बचत घोटाले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जा सकती है। विभागीय स्तर पर गहन जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में 20 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी सामने आई है। अब रिपोर्ट तैयार होते ही मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपे जाने की संभावना है।


Raipur Post Office Scam में 20 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी

Raipur Post Office Scam की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, घोटाले के समय उपडाकघर, अधीक्षक कार्यालय और सीपीएमजी कार्यालय में पदस्थ रहे दो दर्जन से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

जांच अधिकारी उनसे पूछ रहे हैं कि अनियमितताओं को समय पर क्यों नहीं रोका गया। साथ ही यह भी जानने की कोशिश हो रही है कि आखिर चूक कहां हुई। बताया जा रहा है कि उस समय के एक अधिकारी फिलहाल दक्षिण भारत के एक राज्य में प्रतिनियुक्ति पर हैं।

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अब तक की आंतरिक जांच में गड़बड़ी की राशि 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। पीड़ित अनिल पांडे को 1.91 करोड़ रुपये के भुगतान का आदेश मिलने के बाद अन्य निवेशकों ने भी उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

राज्य आयोग के आदेश के बाद सीपीएमजी अजय सिंह चौहान ने स्वयं मामले की निगरानी शुरू कर दी है।


विजिलेंस जांच और बदलाव

Raipur Post Office Scam सामने आने के बाद विभाग में हलचल मच गई। सीपीएमजी अजय सिंह चौहान ने संभागीय और परिमंडल कार्यालयों में विजिलेंस अधिकारियों से पूछताछ कराई। दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।

इसके बाद विजिलेंस विभाग में बदलाव किया गया। पूर्व अधिकारी पटेल की जगह प्रधान डाकघर की वरिष्ठ पोस्टमास्टर पूजा तिवारी को एएसपी विजिलेंस नियुक्त किया गया।

चौहान ने प्रवर अधीक्षक को 10 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट जल्द तैयार हो जाएगी। इसके बाद Raipur Post Office Scam को औपचारिक रूप से सीबीआई को सौंपा जा सकता है।

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा का कार्यालय रायपुर में भी मौजूद है। हाल के महीनों में एजेंसी ने बलौदा बाजार, बस्तर और सरगुजा में डाक कर्मचारियों को रिश्वत मामलों में गिरफ्तार किया है।

सीबीआई से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें:
https://cbi.gov.in

डाक विभाग से संबंधित जानकारी के लिए देखें:
https://www.indiapost.gov.in


Raipur Post Office Scam की मुख्य बातें

  • 20 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी का अंदेशा
  • दो दर्जन से ज्यादा अधिकारियों के बयान दर्ज
  • 1.91 करोड़ रुपये भुगतान का आदेश जारी
  • विजिलेंस विभाग में अधिकारी बदले गए
  • मामला सीबीआई को सौंपे जाने की संभावना

प्रतिक्रियाएं

Raipur Post Office Scam से निवेशकों में भारी नाराजगी है। जिन लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी निवेश की थी, वे अब चिंता में हैं।

हालांकि, राज्य आयोग के आदेश से कुछ निवेशकों को राहत मिली है। वहीं अन्य प्रभावित लोग भी कानूनी रास्ता अपना रहे हैं।

डाक विभाग की साख पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसलिए विभागीय अधिकारी अब पारदर्शिता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

यदि मामला सीबीआई को सौंपा जाता है, तो जांच और तेज हो सकती है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होने की उम्मीद है।


Raipur Post Office Scam ने राजधानी में बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। 20 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी ने आम लोगों का भरोसा हिला दिया है। हालांकि, विभागीय जांच जारी है और मामला सीबीआई को सौंपे जाने की तैयारी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि Raipur Post Office Scam में दोषियों पर कब और कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

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