आरआई पदोन्नति परीक्षा घोटाला: EOW चार्जशीट में ढाई करोड़ की वसूली, पेपर लीक और OMR हेरफेर का खुलासा

रायपुर में वर्ष 2024 की पटवारी राजस्व निरीक्षक (आरआई) विभागीय पदोन्नति परीक्षा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। Raipur Patwari RI exam scam मामले में Economic Offences Wing (ईओडब्ल्यू) ने कोर्ट में पेश चार्जशीट में परीक्षा प्रक्रिया को सुनियोजित भ्रष्टाचार करार दिया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा को कमाई का जरिया बनाते हुए करीब ढाई करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई और अपात्र अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया।


ढाई करोड़ की अवैध वसूली का आरोप

ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और हेमंत कुमार कौशिक की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि लगभग 200 अभ्यर्थियों से प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने के बदले एक से डेढ़ लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी वसूले गए।

जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कर दिया गया था। यही कारण है कि Raipur Patwari RI exam scam ने पूरे विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


ओएमआर शीट और बैठने की व्यवस्था में हेरफेर

चार्जशीट के मुताबिक गोपनीयता भंग करने के लिए परीक्षार्थियों से ओएमआर शीट पर मोबाइल नंबर लिखवाए गए। इससे बाद में उनकी पहचान कर अंकों में बढ़ोतरी की जा सके।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों में रिश्तेदारों और भाई-बहनों को पास-पास बैठाया गया। जांच में पाया गया कि उनके अंक असामान्य रूप से समान थे।

एक अन्य चौंकाने वाला तथ्य यह है कि सेवा अवधि के अनिवार्य तीन वर्ष पूरे नहीं करने वाले अभ्यर्थी अंकित शर्मा को कथित रूप से कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश पत्र जारी कर चयनित किया गया।


18 प्रश्नों पर आपत्ति, फिर भी 90 अंक

परीक्षा में कुल 50 प्रश्न थे। इनमें से 18 प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज हुईं और तीन प्रश्न विलोपित कर दिए गए। इसके बावजूद एक अभ्यर्थी द्वारा 90 अंक प्राप्त करना जांच एजेंसी के अनुसार बेहद संदिग्ध है।

ईओडब्ल्यू का आरोप है कि अधिकांश चयनित अभ्यर्थियों को परीक्षा पूर्व ही प्रश्न-पत्र उपलब्ध करा दिए गए थे। इससे Raipur Patwari RI exam scam की गंभीरता और बढ़ जाती है।


होटल और रिसॉर्ट में रटवाए गए उत्तर

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों को शहर के विभिन्न होटलों, फार्म हाउस और रिसॉर्ट में ठहराया गया। वहां उन्हें लीक प्रश्न-पत्र देकर पूरी रात उत्तर याद करवाए गए।

जब्त डिजिटल उपकरणों, व्हाट्सएप चैट और होटल बिलों से पैसों के लेनदेन के प्रमाण मिले हैं। ईओडब्ल्यू ने लोकेशन डेटा को भी साक्ष्य के रूप में कोर्ट में पेश किया है।


बड़े अधिकारियों की भूमिका पर सवाल

राजस्व विभाग के संचालक रमेश शर्मा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। चार्जशीट में उल्लेख है कि पेपर लीक की जानकारी होने के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

अब Raipur Patwari RI exam scam ने प्रशासनिक पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


रायपुर में सामने आया यह मामला केवल एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि सरकारी भर्ती प्रणाली में विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

फिलहाल कोर्ट में पेश चार्जशीट के बाद Raipur Patwari RI exam scam पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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