वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 6.30 लाख की चौंकाने वाली ठगी — 20 किश्तों में लुटी महिला मैनेजर

Raipur News — छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शांति नगर इलाके से एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है। एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत 38 वर्षीया प्रीति तांडी को वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन टास्क का लालच देकर साइबर ठगों ने 6 लाख 30 हजार रुपये की ठगी कर ली।

ठगों ने पहले छोटे मुनाफे का लालच देकर महिला का भरोसा जीता और फिर 20 अलग-अलग किश्तों में बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। जब महिला के पास पैसे खत्म हो गए तो ठगों ने डरा-धमकाकर और अधिक रकम उगाहने की कोशिश की।

पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ ठगी का जाल

12 मार्च को आया पहला मैसेज

Raipur News के अनुसार, यह मामला 12 मार्च को तब शुरू हुआ जब शांति नगर निवासी प्रीति तांडी के व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया।

मैसेज में दावा किया गया था कि घर बैठे ‘स्टार रेटिंग’ देने का काम करके रोजाना 5 से 8 हजार रुपये कमाए जा सकते हैं। काम बेहद आसान और पार्ट-टाइम बताया गया था।

प्रीति ने जैसे ही इस ऑफर पर सहमति जताई, उन्हें ‘मयूरी कांशी’ नाम की एक महिला के टेलीग्राम चैनल से जोड़ दिया गया। यहीं से ठगी के इस सुनियोजित जाल की असल शुरुआत हुई।


ट्रायल में 180 रुपये देकर जीता भरोसा

छोटे मुनाफे से बड़े जाल में फंसाया

ठगों की रणनीति बेहद चालाक थी। शुरुआत में उन्होंने ‘ट्रेनिंग’ के नाम पर प्रीति को कुछ लिंक भेजे और उन पर रेटिंग देने को कहा। पहले ही दिन उनके खाते में 180 रुपये क्रेडिट कर दिए गए — ताकि भरोसा बने।

इसके बाद उन्हें ‘टीचर आध्या सोनी’ के टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। वहाँ बताया गया कि उनका बैलेंस 10,000 रुपये हो गया है, लेकिन इसे निकालने के लिए पहले 800 रुपये जमा करने होंगे।

प्रीति ने 800 रुपये जमा किए, तो उन्हें तुरंत 1,040 रुपये वापस मिल गए। इस छोटे से मुनाफे ने उन्हें यह विश्वास दिला दिया कि यह काम असली है — और यहीं से वे ठगों के गहरे जाल में फंसती चली गईं।


20 किश्तों में उड़ाए 6.30 लाख रुपये — Raipur News

13 से 16 मार्च के बीच लगातार टास्क

Raipur News के इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने महज 4 दिनों में — 13 मार्च से 16 मार्च के बीच — लगातार नए-नए टास्क देकर 20 अलग-अलग किश्तों में पैसे ट्रांसफर करवाए।

हर बार नया टास्क पूरा करने पर बड़े रिटर्न का वादा किया गया। पैसे अलग-अलग नामों के बैंक खातों में भेजे गए:

  • इशिता नामदेव के खाते में
  • श्रवण कुमार के खाते में
  • कौशिक बाछर के खाते में

इन तीनों खातों में ही कुल 6 लाख 30 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए। अलग-अलग खातों का उपयोग ठगों की पूर्व नियोजित साजिश को दर्शाता है।


उधारी लेकर जमा किए पैसे, ठगों ने डराया भी

“पैसे नहीं दिए तो पुराना निवेश भी डूबेगा”

जब प्रीति के पास खुद के पैसे खत्म हो गए, तो उन्होंने ठगों को बताया। इस पर ठगों ने उन्हें डराना और धमकाना शुरू कर दिया।

ठगों ने कहा — “अगर अभी और पैसे जमा नहीं किए, तो पिछला सारा निवेश भी वापस नहीं मिलेगा।” यह मनोवैज्ञानिक दबाव की क्लासिक तकनीक है जो साइबर ठग अक्सर अपनाते हैं।

डर और लालच के इस मिश्रण में फंसी प्रीति ने उधारी लेकर पैसे जमा करना जारी रखा। यह Raipur News की यह घटना बताती है कि किस तरह साइबर ठग अपने शिकार को मानसिक रूप से नियंत्रित करते हैं।


भाई ने बचाया — खुला साइबर फ्रॉड का राज

4.50 लाख की और माँग पर आया होश

जब ठगों ने 4 लाख 50 हजार रुपये की और माँग की, तब जाकर प्रीति ने अपने भाई कालीदास को पूरी बात बताई।

भाई ने मामले की गंभीरता को तुरंत भाँप लिया और स्पष्ट किया कि यह साइबर फ्रॉड है। इसके बाद प्रीति ने देर न करते हुए साइबर सेल और सिविल लाइन थाना दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई।

यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि परिजनों से खुलकर बात करना कितना जरूरी है — भाई की समझदारी ने और अधिक नुकसान से बचाया।

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पुलिस की कार्रवाई और जांच — Raipur News Update

टेलीग्राम ID और मोबाइल नंबर हो रहे ट्रेस

Raipur News के अनुसार, सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि:

  • ठगी में इस्तेमाल टेलीग्राम आईडी को ट्रेस किया जा रहा है।
  • मोबाइल नंबरों की लोकेशन और डिटेल निकाली जा रही है।
  • जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से माँगी गई है।
  • आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा पुलिस ने किया है।

साइबर क्राइम शिकायत पोर्टल — cybercrime.gov.in

राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन — MHA India


साइबर ठगी से बचने के जरूरी उपाय

इन बातों का रखें ध्यान

Raipur News की यह घटना हर नागरिक के लिए एक जरूरी चेतावनी है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार इन बातों का ध्यान रखें:

अनजान लिंक और ऑफर से बचें — व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर आए किसी भी ‘घर बैठे कमाई’ के ऑफर पर भरोसा न करें।

पैसे ट्रांसफर करने से पहले सोचें — किसी अनजान खाते में पैसे भेजने से पहले परिजनों और पुलिस से सलाह लें।

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें — ठगी का शक होते ही तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। जल्दी शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

टेलीग्राम ग्रुप में निवेश न करें — टेलीग्राम पर किसी ‘टीचर’ या ‘एडमिन’ के कहने पर पैसे निवेश करना हमेशा खतरनाक होता है।


Raipur News में साइबर सुरक्षा की जरूरी चेतावनी

Raipur News का यह मामला राजधानी में बढ़ते साइबर अपराध की एक गंभीर तस्वीर है। एक पढ़ी-लिखी और नौकरीपेशा महिला मैनेजर भी इस जाल में फँस गई — यह इस बात का प्रमाण है कि साइबर ठग अब और अधिक परिष्कृत और मनोवैज्ञानिक तरीके अपना रहे हैं।

वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन टास्क और स्टार रेटिंग जैसे शब्दों की आड़ में हो रही इस ठगी से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। Raipur News पर साइबर क्राइम से जुड़ी हर अपडेट और सुरक्षा सुझावों के लिए बने रहें — और किसी भी संदिग्ध ऑफर की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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