Raipur News में एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। 2021 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुए एक जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी 4 साल की फरारी के बाद आखिरकार अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आ गया है।
अजयकुमार उर्फ लक्ष्मीसागर उर्फ किमतीश्री राजनारायण मिश्रा — यही वह शख्स है, जो रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में शकुंतला देवी की निर्मम हत्या और लूट का मुख्य आरोपी है।
Raipur News के इस मामले की जड़ें एक पारिवारिक संपत्ति विवाद में हैं, जो धीरे-धीरे सुपारी हत्या, लूट और फरारी की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी में तब्दील हो गई।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने शनिवार को इस गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि रायपुर पुलिस के साथ समन्वय कर आरोपी को औपचारिक रूप से सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुपारी किलर मिश्रा कौन है? — इतिहास और पृष्ठभूमि
Raipur News: हत्यारे की असली पहचान
अजयकुमार मिश्रा एक इतिहासकार अपराधी (History Sheeter) है, जिसके कई नाम हैं — अजयकुमार, लक्ष्मीसागर और किमतीश्री।
पुलिस के अनुसार, मिश्रा रायपुर के एक अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था — वही अस्पताल जहाँ शकुंतला देवी का बेटा अमित नौकरी करता था।
मिश्रा और शकुंतला परिवार का संबंध:
यहीं से मिश्रा का शकुंतला देवी के परिवार से परिचय हुआ। अमित की माँ शकुंतला यादव और वे मिश्रा को संपत्ति विवाद में मदद के लिए जानते थे।
मिश्रा की इतिहासकार अपराधी की छवि ने ही उसे इस काले काम के लिए चुना जाने का कारण बना।
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हत्या की रात — कैसे अंजाम दी गई शकुंतला देवी की हत्या?
Raipur News: वह रात जब एक माँ को गला घोंटकर मारा गया
Raipur News की इस खबर का सबसे दर्दनाक हिस्सा है — शकुंतला देवी की हत्या की वह रात।
मिश्रा और उसके साथी केतन उर्फ K.T. रामसुंदर तिवारी ने शकुंतला देवी के रायपुर स्थित घर पर यह कहकर दस्तक दी कि वे “काम पूरा करने” आए हैं।
घर पहुँचने पर दोनों ने पाया कि अमित जेल में था — किसी अन्य मामले में।
अकेली पाकर किया कायरतापूर्ण हमला
शकुंतला देवी को अकेला पाकर दोनों ने रात भर घर में रुकने का नाटक किया। रात को मौका देखकर —
- दोनों ने मिलकर शकुंतला देवी का गला घोंट दिया
- उनकी निर्मम हत्या करने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए
यह हत्या पूर्व नियोजित और ठंडे दिमाग से अंजाम दी गई थी।
Raipur News: ₹10 लाख कैश और 30-35 तोला सोना — लूट की पूरी कहानी
हत्या के बाद की लूट — सोना UP में बेचा
Raipur News के इस मामले में हत्या के बाद मिश्रा और तिवारी ने घर में रखे ₹10 लाख नकद और 30-35 तोला सोना लूट लिया।
💰 लूट का विवरण:
| लूटी गई संपत्ति | मात्रा/मूल्य |
|---|---|
| नकद राशि | ₹10 लाख |
| सोना | 30-35 तोला |
सोना UP में बेचा — सबूत मिटाने की कोशिश
लूटे गए सोने को उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक सर्राफ व्यापारी को बेच दिया गया।
यह कदम साफ दर्शाता है कि मिश्रा ने पहले से योजना बनाई थी — न सिर्फ हत्या की, बल्कि लूटे गए सामान को दूसरे राज्य में ठिकाने लगाने की भी।
4 साल तक कैसे फरार रहा मिश्रा? — गोवा, अहमदाबाद और मुंबई का सफर
Raipur News: 4 राज्यों में छिपता रहा हत्यारा
Raipur News में यह जानना भी ज़रूरी है कि मिश्रा आखिर 4 साल तक पुलिस की पकड़ से कैसे बचता रहा।
पुलिस के अनुसार, मिश्रा ने “डिजिटल मौन (Digital Silence)” की रणनीति अपनाई —
🔴 मोबाइल फोन का उपयोग बंद किया: मिश्रा ने हत्या के बाद मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे तकनीकी निगरानी में उसे ट्रैक करना मुश्किल हो गया।
🔴 सरकारी पहचान पत्र बंद: उसने सरकारी पहचान दस्तावेज़ (ID Cards) का उपयोग भी बंद कर दिया, ताकि किसी डेटाबेस में उसकी उपस्थिति दर्ज न हो।
मिश्रा का भगोड़ा मार्ग:
| चरण | स्थान | उद्देश्य |
|---|---|---|
| पहला ठिकाना | गोवा | पुलिस से छिपने के लिए |
| दूसरा ठिकाना | अहमदाबाद का नरोदा इलाका (2022) | अपने भाई के साथ रहने |
| तीसरा ठिकाना | मुंबई | पहचान छिपाने के लिए |
मिश्रा ने 4 साल में 3 अलग-अलग राज्यों में अपनी पहचान छिपाकर जीवन बिताया। यह दर्शाता है कि वह एक शातिर और योजनाबद्ध अपराधी था।
Raipur News: अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की कार्रवाई — गिरफ्तारी कैसे हुई?
तकनीकी खुफिया जानकारी और फील्ड निगरानी ने किया कमाल
Raipur News में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की यह सफलता तकनीकी खुफिया (Technical Intelligence) और फील्ड सर्विलांस का परिणाम है।
पुलिस ने बताया कि लंबे समय से मिश्रा की तलाश जारी थी। तकनीकी निगरानी और ज़मीनी स्तर की खुफिया जानकारी के आधार पर अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने उसे शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई:
- अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और रायपुर पुलिस के बीच समन्वय (Coordination) शुरू
- औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है
- आगे की कानूनी कार्रवाई 2021 के मामले के तहत होगी
Raipur News के पाठकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि रायपुर पुलिस अब मिश्रा के दूसरे साथी केतन उर्फ K.T. रामसुंदर तिवारी की भी तलाश कर रही है।
संपत्ति विवाद से शुरू हुआ खूनी खेल — परिवार के भीतर की साजिश
Raipur News: एक परिवार की कहानी जो त्रासदी में बदल गई
Raipur News के इस मामले की जड़ में है एक पारिवारिक संपत्ति विवाद — जो दो भाइयों के बीच था।
संपत्ति विवाद की पूरी कहानी:
शकुंतला यादव के दो बेटे थे — अजय और अमित। दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद था।
शकुंतला और अमित ने मिलकर अजय को संपत्ति से बेदखल करने के लिए मिश्रा को ₹4 लाख की सुपारी देने का काम किया।
सुपारी का खेल — जो उल्टा पड़ गया:
- मिश्रा को ₹10,000 अग्रिम (Advance) दिया गया
- मिश्रा काम किए बिना उस पैसे के साथ फरार हो गया
- शकुंतला और अमित ने मिश्रा को उसके गाँव में ट्रैक किया और पैसे वापस माँगे
- 4 महीने बाद मिश्रा ने “काम पूरा करने” के बहाने शकुंतला के घर दस्तक दी
- और फिर वही हुआ जो किसी ने नहीं सोचा था — शकुंतला देवी की हत्या
यह कहानी यह सबक देती है कि अपराध का रास्ता अपनाने वाले अंततः खुद भी उसी के शिकार हो जाते हैं।
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निष्कर्ष — Raipur News और न्याय की दिशा में बड़ा कदम
Raipur News की यह खबर यह साबित करती है कि कानून की लंबी बाँहें आखिरकार हर अपराधी तक पहुँचती हैं — चाहे वह गोवा में छिपे, अहमदाबाद में हो या मुंबई में।
4 साल की फरारी, 3 राज्यों में भटकना, डिजिटल मौन की रणनीति — इन सबके बावजूद अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने मिश्रा को ढूंढ निकाला।
शकुंतला देवी को जिस बेरहमी से मारा गया, उनके परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद है। रायपुर पुलिस और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का यह समन्वय भारतीय पुलिस की राज्यों के पार सहयोग की क्षमता को दर्शाता है।
Raipur News पढ़ने वालों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संदेश है — अपराध चाहे कहीं भी हो, न्याय की प्रक्रिया रुकती नहीं।
