Opium Farming Bust की बड़ी कार्रवाई छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सामने आई है। पुलिस ने यहां पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम भी हैरान रह गई। क्योंकि शुरुआत में सिर्फ एक एकड़ जमीन का अंदेशा था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो मामला बहुत बड़ा निकला। खेतों में मक्का और ज्वार की आड़ में अफीम के पौधे लगाए गए थे। इस मामले में भाजपा नेता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
Opium Farming Bust: पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर फैली अवैध खेती
दुर्ग जिले में सामने आया यह Opium Farming Bust पूरे क्षेत्र के लिए चौंकाने वाला मामला बन गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पुलगांव थाना क्षेत्र के समोदा और झेंझरी गांव के बीच एक खेत में अवैध खेती की जा रही है।
इसके बाद पुलिस ने एक विशेष टीम बनाई। जब टीम मौके पर पहुंची तो शुरुआत में लगा कि सीमित क्षेत्र में खेती हो रही है। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस खेतों के अंदर बढ़ी, वैसे-वैसे सच्चाई सामने आती गई।
जांच में पता चला कि 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम के पौधे लगाए गए थे। पुलिस ने अनुमान लगाया कि इस अवैध खेती की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये है।
इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास बिश्नोई और मनीष उर्फ गोलू ठाकुर को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपी अचला राम जाट अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मक्का और ज्वार के पौधों की आड़ में अफीम उगा रहे थे। इससे बाहर से देखने पर खेत सामान्य फसल जैसा लगता था।
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शिवनाथ नदी किनारे बनाई गई थी पूरी व्यवस्था
इस Opium Farming Bust के पीछे काफी सुनियोजित तैयारी सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला कि शिवनाथ नदी के किनारे करीब 110 एकड़ जमीन को तार फेंसिंग से घेरा गया था।
इस बड़े इलाके में गेहूं, धान, चना और मक्का जैसी सामान्य फसलें भी लगाई गई थीं। इन्हीं फसलों के बीच अफीम के पौधे छिपाकर उगाए जा रहे थे।
इतना ही नहीं, पौधों को तेजी से विकसित करने के लिए ड्रिप सिंचाई सिस्टम भी लगाया गया था। इससे साफ होता है कि खेती लंबे समय से की जा रही थी।
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि खेत की सुरक्षा के लिए बाउंसर भी रखे गए थे। बाहरी लोगों को अंदर आने नहीं दिया जाता था।
दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि जांच में जमीन निजी पाई गई है। प्रशासन अब गिरदावरी रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। इससे पता चलेगा कि सरकारी रिकॉर्ड में कौन-सी फसल दर्ज थी।
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Key Facts – Opium Farming Bust
- दुर्ग जिले में 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन पर अफीम की खेती पकड़ी गई
- पुलिस ने करीब 8 करोड़ रुपये की अवैध फसल जब्त की
- भाजपा नेता विनायक ताम्रकार समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
- एक आरोपी अचला राम जाट अभी भी फरार
- आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
लोगों की प्रतिक्रिया
इस Opium Farming Bust के बाद पूरे दुर्ग जिले में चर्चा तेज हो गई है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में इस स्तर पर अफीम की खेती का मामला पहली बार सामने आया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी खेती लंबे समय से चल रही थी। लेकिन किसी को इसकी असली जानकारी नहीं थी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, एफएसएल टीम और अन्य विशेषज्ञ एजेंसियां जांच में शामिल की गई हैं।
साथ ही प्रशासन अब जमीन के दस्तावेज और खेती के रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है। इससे यह पता लगाया जाएगा कि पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
कुल मिलाकर यह Opium Farming Bust छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी आपराधिक घटना बनकर सामने आया है। दुर्ग जिले में पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर अफीम की खेती होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चेतावनी है। हालांकि पुलिस की कार्रवाई से बड़ा नेटवर्क उजागर होने की उम्मीद है। अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं। आने वाले दिनों में इस Opium Farming Bust से जुड़े और खुलासे भी सामने आ सकते हैं।
