नाबालिग को कहा कपड़े उतारने, आरोपी को मिली 10 वर्ष कारावास की सजा

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अपनी छोटी बहन को आंगनबाड़ी ले जाने वाली नाबालिग को कपड़े उतारने कहने और उसके साथ शारीरिक छेडख़ानी करने के आरोपी को कारावास की सजा से दंडि़त किया गया है। यह फैसला फास्ट टे्रक न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत में शनिवार को सुनाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अति. लोक अभियोजक अरशद खान ने पैरवी की थी।

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दुर्ग (छत्तीसगढ़)। मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है। पीडि़त 11 वर्ष की नाबालिग 8 मार्च 2019 की दोपहर अपनी छोटी बहन को आंगनाबाड़ी लेने गई थी। इसी दौैराना आंगनबाड़ी के पास मौजूद आरोपी कृष्णा सहारे (52 वर्ष) ने आंगनबाड़ी में अधिक उम्र की लड़की की होने पर आपत्ति जताई और नाबालिग को अपने घर के पास बुलाकर उसे कपड़े उतारने कहा। इस दौरान नाबालिग के साथ कृष्णा द्वारा बुरी नीयत से शारीरिक छेडख़ानी भी की गई। जिसकी जानकारी पीडि़ता ने अपनी मां को दी थी। जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण को विचारण के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया था।
प्रकरण पर विचारण पश्चात न्यायाधीश स्मिता रत्नावत ने आरोपी कृष्णा सहारे के नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का दोषी पाया। अभियुक्त को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत 5 वर्ष कारावास, 500 रु. अर्थदंड तथा दफा 354 के तहत 5 वर्ष कारावास, 500 रु. के अर्थदंड से दंडि़त किए जाने का फैसला सुनाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।