Durg Railway Arrest की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जिसने रेलवे की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्ग में निजामुद्दीन-दुर्ग हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22868) के एसी कोच अटेंडेंट को अंग्रेजी शराब के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।
यह कार्रवाई आरपीएफ (Railway Protection Force) दुर्ग और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने की। आरोपी अटेंडेंट यात्रियों को शराब परोसने और ट्रेन में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाने के संगीन आरोप में पकड़ा गया है।
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Durg Railway Arrest – मामला क्या है? पूरी जानकारी
यह Durg Railway Arrest उस वक्त हुई जब निजामुद्दीन से दुर्ग आ रही हमसफर एक्सप्रेस (22868) दुर्ग रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
आरपीएफ दुर्ग को पहले से ही एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस ट्रेन में एक कोच अटेंडेंट अवैध रूप से बड़ी मात्रा में शराब ले जा रहा है।
इस सूचना के आधार पर आरपीएफ और आबकारी विभाग ने तुरंत योजना बनाई और ट्रेन के दुर्ग पहुंचने का इंतजार किया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी, टीम हरकत में आई और यह बड़ी Durg Railway Arrest अंजाम दी गई।
मुखबिर की सूचना पर RPF और आबकारी विभाग ने बनाई संयुक्त टीम
कैसे हुई पूरी कार्रवाई की तैयारी?
आरपीएफ पोस्ट दुर्ग के प्रभारी को जैसे ही मुखबिर से हमसफर एक्सप्रेस में शराब तस्करी की सूचना मिली, उन्होंने बिना देरी किए तुरंत आबकारी विभाग से संपर्क किया।
दोनों विभागों ने मिलकर एक संयुक्त टीम गठित की और पूरी रणनीति तैयार की। यह टीम दुर्ग रेलवे स्टेशन पर तैनात हो गई और ट्रेन के आगमन का इंतजार करने लगी।
यह त्वरित समन्वय इस Durg Railway Arrest को सफल बनाने में सबसे अहम साबित हुआ।
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दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुई कार्रवाई – कोच B-7 में मिली शराब
Durg Railway Arrest – तलाशी का पूरा विवरण
जैसे ही हमसफर एक्सप्रेस दुर्ग रेलवे स्टेशन पर पहुंची, संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। टीम ने सीधे कोच नंबर B-7 में पहुंचकर वहां तैनात एसी कोच अटेंडेंट की पहचान की।
आरोपी की पहचान रीमन दास के रूप में हुई। जब टीम ने उसके सामान की तलाशी ली तो उसके बैग में बड़ी चालाकी से छुपाकर रखी गई विदेशी शराब बरामद हुई।
जब उससे इस शराब के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई कागज पेश नहीं कर सका। इसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया और यह Durg Railway Arrest सफलतापूर्वक पूरी की गई।
Durg Railway Arrest में जब्त शराब का पूरा ब्यौरा
क्या-क्या मिला तलाशी में?
इस Durg Railway Arrest में जब्त शराब का विवरण इस प्रकार है:
| शराब का प्रकार | मात्रा |
|---|---|
| व्हिस्की (फुल बोतल) | 3 बोतल |
| वोडका (फुल बोतल) | 1 बोतल |
| व्हिस्की (क्वार्टर) | 2 बोतल |
| बियर (कैन) | 18 कैन |
| कुल मात्रा | 12.236 बल्क लीटर |
| अनुमानित कीमत | ₹4,140 रुपए |
यह शराब अलग-अलग ब्रांड की थी। इसे पूरी तरह जब्त कर लिया गया है और आरोपी रीमन दास को हिरासत में लिया गया।
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आरोपी रीमन दास पर कौन सी धारा में दर्ज हुआ मामला?
कानूनी कार्रवाई का विवरण
इस Durg Railway Arrest मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
यह धारा बिना वैध परमिट या दस्तावेज के शराब के परिवहन और बिक्री पर लागू होती है। इसमें दोषी पाए जाने पर कठोर दंड का प्रावधान है।
आरोपी से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि:
- यह शराब कहां से लाई गई थी?
- क्या इसमें कोई और लोग भी शामिल हैं?
- क्या यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है?
6. Durg Railway Arrest – 13 अप्रैल को कोर्ट में होगी पेशी
न्यायिक प्रक्रिया
इस Durg Railway Arrest में गिरफ्तार आरोपी रीमन दास को 13 अप्रैल 2026 को अदालत में पेश किया जाना था।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पूछताछ में जो जानकारी मिलेगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि तस्करी नेटवर्क का कोई बड़ा सूत्रधार सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
RPF दुर्ग का यात्री सुरक्षा के लिए बड़ा संकल्प
अधिकारी बोले – अभियान जारी रहेगा
Durg Railway Arrest के बाद आरपीएफ दुर्ग थाना प्रभारी संजीव सिन्हा ने मीडिया को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ट्रेनों में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि:
- ट्रेनों में अवैध सामान की तस्करी को रोका जा सके
- यात्रियों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके
- रेलवे कर्मचारियों द्वारा किसी भी अवैध गतिविधि पर अंकुश लगाया जा सके
RPF और आबकारी विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।
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ट्रेनों में शराब तस्करी – कितना बड़ा है यह खतरा?
एक बड़ी समस्या की ओर इशारा
Durg Railway Arrest एक बड़े सामाजिक और सुरक्षा खतरे की ओर इशारा करती है। ट्रेनों में कोच अटेंडेंट, कैटरिंग स्टाफ या अन्य रेलवे कर्मचारियों द्वारा अवैध सामान का परिवहन एक गंभीर समस्या है।
यात्री जब सफर करते हैं तो उन्हें पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिलना चाहिए। जब कोच अटेंडेंट जैसा जिम्मेदार कर्मचारी ही शराब तस्करी में लिप्त हो जाए, तो यह पूरे रेलवे तंत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
RPF और आबकारी विभाग जैसी एजेंसियों का ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना अत्यंत आवश्यक है।
Durg Railway Arrest का यह मामला RPF दुर्ग और आबकारी विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का एक शानदार उदाहरण है। मुखबिर की सूचना पर तुरंत संयुक्त टीम बनाकर हमसफर एक्सप्रेस के कोच B-7 में छुपाई गई 12.236 लीटर अवैध शराब को जब्त करना और आरोपी रीमन दास को गिरफ्तार करना, एक सराहनीय कार्रवाई है।
यह Durg Railway Arrest यह भी दर्शाती है कि ट्रेनों में अवैध तस्करी का नेटवर्क कितनी गहराई तक फैल सकता है। आरपीएफ थाना प्रभारी संजीव सिन्हा का यह संकल्प कि अभियान जारी रहेगा, यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
आने वाले दिनों में इस मामले की जांच से और बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। छत्तीसगढ़ की जनता और रेल यात्रियों को उम्मीद है कि इस तरह की Durg Railway Arrest जैसी कार्रवाइयां नियमित रूप से होती रहेंगी।
