Durg News में एक बड़ा साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है जिसमें पद्मनाभपुर और मोहन नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध पैसों के लेन-देन में लिप्त एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और सभी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
यह गिरोह म्यूल अकाउंट (Mule Account) के जरिए करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन को अंजाम दे रहा था। इन खातों में हुए ट्रांजेक्शन की जांच में करोड़ों रुपए का अवैध लेन-देन पाया गया है।
Durg News: क्या है पूरा मामला?
Durg News का यह मामला तब सामने आया जब प्रार्थी अविनाश दुबे ने 30 दिसंबर 2025 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक अपने कब्जे में रख लेते थे।
इन बैंक खातों का उपयोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध पैसों के ट्रांजेक्शन के लिए किया जा रहा था। खाताधारकों को इसके बदले पैसों का लालच दिया जाता था, जिसके चलते वे अपने दस्तावेज और खाते गिरोह को सौंप देते थे।
यह भी पढ़ें: AIIMS में 5 घंटे की सर्जरी – 20 पसलियां टूटीं, फिर भी बचा 32 साल का युवक
शिकायत से शुरू हुई जांच
शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। बैंक खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाली गई और संदिग्ध लेन-देन के पैटर्न की पहचान की गई।
जांच में पता चला कि कई लोग स्वेच्छा से या लालच में अपने बैंक खाते इस गिरोह को उपलब्ध करा रहे थे। इन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था – यानी ऐसे खाते जो असली मालिक की जानकारी में होते हुए भी किसी और के गैरकानूनी लेन-देन का माध्यम बन जाते हैं।
Durg News: म्यूल अकाउंट क्या होता है और कैसे काम करता था गिरोह?
Durg News के इस मामले को समझने के लिए म्यूल अकाउंट की अवधारणा समझना जरूरी है। म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग ठग या साइबर अपराधी अपने असली पहचान को छिपाने के लिए करते हैं।
गिरोह का कार्यतंत्र कुछ इस तरह था
पहले गिरोह के सदस्य आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल करते थे। फिर इन खातों में ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर अवैध रकम ट्रांसफर की जाती थी।
इसके बाद यह राशि कई खातों में बंटकर आगे भेजी जाती थी ताकि पैसों का पता लगाना मुश्किल हो जाए। इस पूरी प्रक्रिया में ऑनलाइन गेमिंग की आड़ का इस्तेमाल किया जाता था ताकि ट्रांजेक्शन सामान्य दिखे।
संयुक्त पुलिस कार्रवाई और 11 गिरफ्तारियां
Durg News में पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर क्राइम के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद पद्मनाभपुर और मोहन नगर थाना की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों से एक साथ 11 आरोपियों को दबोचा गया। सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
Durg News: जब्त सामग्री और करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा
Durg News के इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामग्री जब्त की है, वह इस गिरोह की व्यापकता को उजागर करती है।
जब्त सामग्री में शामिल हैं – 8 मोबाइल फोन, कई बैंक खातों से जुड़े एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज। इन सभी का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध ट्रांजेक्शन में किया जा रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन बैंक खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन पाए गए हैं। जांच अभी जारी है और आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
आरोपियों की पूरी सूची
Durg News में गिरफ्तार 11 आरोपी दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनके नाम हैं:
सूरज महतो, रूपेश यादव, दीपक विश्वकर्मा, मिथलेश यादव, इसाब मेहत्तर, वेदप्रकाश ठाकुर, सुरेंद्र यादव, साहिल मेश्राम, प्रशांत लाउने, भूपेंद्र सोनी और रंजीत कौर।
पुलिस के अनुसार इन सभी आरोपियों ने पैसों के लालच में अपने बैंक खाते और दस्तावेज गिरोह को सौंपे थे। इनकी भूमिका की अभी और गहराई से जांच की जा रही है।
Durg News में यह मामला एक गंभीर चेतावनी है – ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर साइबर अपराधी किस तरह आम लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए का काला कारोबार चला रहे हैं। पद्मनाभपुर और मोहन नगर पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई साइबर क्राइम के खिलाफ एक मजबूत संदेश है। Durg News पढ़ने वाले नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए – किसी के भी कहने पर अपने बैंक खाते, एटीएम या दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें, अन्यथा आप स्वयं कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
