दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: बाबरी मस्जिद की बरसी पर 6 धमाकों की थी साजिश, डॉक्टरों का ‘जेहादी मॉड्यूल’ हुआ बेनकाब

नई दिल्ली।
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला के पास हुए धमाके ने पूरे देश को हिला दिया था। अब जांच में जो सच सामने आया है, उसने खुफिया एजेंसियों को भी सकते में डाल दिया है। जांचकर्ताओं को पता चला है कि Jaish-e-Mohammad (जेईएम) और Ansar Ghazwat-ul-Hind से जुड़े डॉक्टरों का एक आतंकी मॉड्यूल दिल्ली-एनसीआर में 6 दिसंबर, यानी बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर छह धमाके करने की साजिश रच रहा था।

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🕋 बाबरी मस्जिद की बरसी को चुना गया “बदले के दिन” के तौर पर

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकियों ने पूछताछ में कबूल किया कि 6 दिसंबर को उन्होंने इसलिए चुना क्योंकि यह तारीख बाबरी मस्जिद विध्वंस (1992) से जुड़ी है। उनका इरादा इस दिन “बदला लेने” का था।
जांच में सामने आया है कि यह पूरी साजिश पांच चरणों में तैयार की गई थी।


🔹 चरण 1: जैश-ए-मोहम्मद और अंसर गजवात-उल-हिंद से जुड़ा मॉड्यूल तैयार करना

🔹 चरण 2: बम बनाने के लिए कच्चा माल हरियाणा के नूंह और गुरुग्राम से लाना

🔹 चरण 3: केमिकल आधारित IED तैयार करना और संभावित स्थानों की रेकी

🔹 चरण 4: तैयार बमों को मॉड्यूल के अलग-अलग सदस्यों में बांटना

🔹 चरण 5 (अंतिम): दिल्ली-एनसीआर में एक साथ छह से सात जगह धमाके करना


🧪 शिक्षित आतंकियों का नेटवर्क: डॉक्टर बने बममेकर

इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड डॉ. उमर मोहम्मद उर्फ उमर-उन-नबी बताया जा रहा है, जो फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत था। उसके साथ डॉ. मुजम्मिल शेख और डॉ. शाहीन सईद को भी गिरफ्तार किया गया है।
तीनों डॉक्टरों ने न सिर्फ रासायनिक विस्फोटक (Chemical IED) तैयार किए, बल्कि दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों की रेकी (reconnaissance) भी की।


🚗 लाल किला धमाके की रात: जब साजिशकर्ता ने खुद कार उड़ा दी

पुलिस के अनुसार, जब फरीदाबाद में छापे के दौरान करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ और उसके साथी डॉक्टर गिरफ्तार हुए, तो उमर मोहम्मद डर गया। उसने गिरफ्तारी से बचने और “संदेश देने” के लिए अपनी कार में विस्फोट कर दिया।
यह धमाका रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हो गए।


⚠️ जांच में सामने आया खतरा: और भी हो सकते थे धमाके

जांच एजेंसियों को शक है कि यह मॉड्यूल राजधानी के कई धार्मिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की फिराक में था।
अगर यह मॉड्यूल समय रहते पकड़ा न जाता, तो दिल्ली-एनसीआर में कई जगह एक साथ विस्फोट हो सकते थे।

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🕌 जैश-ए-मोहम्मद की पुरानी धमकियां और बाबरी मस्जिद से जुड़ा एजेंडा

सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि जैश प्रमुख मसूद अज़हर वर्षों से अपनी साप्ताहिक कॉलम में अयोध्या को निशाना बनाने की बातें लिखता रहा है।
उसने कई बार “बाबरी मस्जिद का बदला” लेने की खुली धमकियां दी हैं।


🔎 निष्कर्ष: जांच जारी, दिल्ली अलर्ट पर

फिलहाल, NIA और दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उच्च स्तरीय अलर्ट जारी कर दिया है ताकि किसी भी संभावित साजिश को पहले ही नाकाम किया जा सके।