बलरामपुर में चोर की बेरहम पिटाई — बाल काटे, कपड़े फाड़े, पिता को भी नहीं छोड़ा — वायरल वीडियो पर 3 ग्रामीणों के खिलाफ FIR

Chhattisgarh News में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में ग्रामीणों की भीड़ ने एक युवक की बेरहम पिटाई कर दी।

ग्राम धारानगर में घटित इस घटना में आरोपी युवक के कपड़े फाड़े गए, सिर के बाल आधे काट दिए गए और पाइप के टुकड़े से पिटाई की गई।

मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 3 नामजद ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली।

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श्रीकांत सिंह ने कैसे की चोरी — पूरी घटना का विस्तृत क्रम

शनिवार 21 मार्च को घटी घटना

शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कोरंधा गांव का निवासी श्रीकांत सिंह शनिवार 21 मार्च को अपनी बाइक से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम धारानगर पहुंचा।

ग्रामीणों के अनुसार, उसने गांव के किसान परशु मिंज के घर का ताला तोड़ने की कोशिश की।

घर में कोई नहीं था — परिवार था महुआ बीनने

उस समय परशु मिंज का पूरा परिवार घर बंद करके महुआ बीनने गया हुआ था। घर खाली पाकर श्रीकांत ने खिड़की तोड़कर घर के अंदर प्रवेश कर लिया।

उसने घर से एक छोटी बोरी में सरसों और 300 रुपए नगद चुराए।

बाइक तक पहुंचते-पहुंचते पकड़ा गया

चोरी करने के बाद श्रीकांत सरसों की बोरी बाइक पर लादकर वापस जाने लगा। तभी संदेह के आधार पर ग्रामीणों ने उसे रोका और पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में श्रीकांत संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया, जिसके बाद मारपीट की शुरुआत हो गई।

बाद में पिटाई सहने के बाद उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया।

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बीच सड़क बेरहम पिटाई — कपड़े फाड़े, बाल काटे, पाइप से मारा

Chhattisgarh News की इस घटना ने हिलाया

Chhattisgarh News की यह घटना भीड़ न्याय (Mob Justice) का एक गंभीर उदाहरण है।

चोरी कबूल करने के बावजूद ग्रामीणों ने श्रीकांत के साथ जो किया वह बेहद क्रूर था:

  • पाइप के टुकड़े से बेदम पिटाई की गई।
  • उसके कपड़े फाड़ दिए गए और अर्धनग्न कर दिया गया।
  • सिर के बाल आधे काट दिए गए — जो सार्वजनिक अपमान का जानबूझकर किया गया प्रयास था।
  • पूरी घटना बीच सड़क पर हुई।

ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।


बचाने आए पिता की भी हुई पिटाई — Chhattisgarh News का एक और चौंकाने वाला पहलू

पिता को भी नहीं बख्शा भीड़ ने

श्रीकांत सिंह ने पिटाई के दौरान फोन कर अपने पिता को घटना की सूचना दी।

पिता मौके पर बेटे को बचाने पहुंचे, लेकिन उत्तेजित भीड़ ने उनकी भी जमकर पिटाई कर दी।

यह Chhattisgarh News इस बात का उदाहरण है कि जब भीड़ कानून अपने हाथ में लेती है तो वह किसी के साथ भी अन्याय कर सकती है — चाहे वह दोषी हो या निर्दोष।


Chhattisgarh News: वायरल वीडियो के बाद पुलिस का एक्शन — 3 नामजद ग्रामीणों पर FIR

शंकरगढ़ TI का बयान

शंकरगढ़ थाने के TI जितेंद्र जायसवाल ने इस Chhattisgarh News पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया:

“मामले में शिकायत पर तीन ग्रामीणों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया गया है, जिनकी पहचान वायरल वीडियो के आधार पर की गई है।”

FIR और जांच की स्थिति

विवरणस्थिति
मारपीट की FIRदर्ज — 3 नामजद ग्रामीण
FIR आधारवायरल वीडियो
चोरी की FIRअभी तक दर्ज नहीं
दूसरा पक्ष (श्रीकांत)थाने नहीं आया
मामले की जांचजारी

TI ने बताया कि दूसरे पक्ष को थाने बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आए। चोरी की रिपोर्ट अभी दर्ज नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

🔗 Chhattisgarh Police Official Website


श्रीकांत सिंह — 4-5 बार पहले भी पकड़ा जा चुका है चोरी के आरोप में

आदतन अपराधी है आरोपी

जानकारी के अनुसार, श्रीकांत सिंह कोई नया चोर नहीं है।

वह पहले भी 4-5 बार चोरी के आरोप में पकड़ा जा चुका है और उसे आदतन बदमाश बताया जा रहा है।

यह Chhattisgarh News एक बड़ा सवाल खड़ा करती है — कि अगर पुलिस और प्रशासन ऐसे बार-बार के अपराधियों पर समय रहते कड़ी कार्रवाई करे, तो क्या Mob Justice जैसी घटनाओं से बचा जा सकता है?


Chhattisgarh News: क्या है कानून — Mob Justice सही है या गलत?

भीड़ न्याय — एक गंभीर अपराध

Chhattisgarh News की यह घटना एक महत्वपूर्ण कानूनी और सामाजिक प्रश्न उठाती है।

भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को सजा देने का अधिकार केवल अदालत को है। भीड़ द्वारा पिटाई करना — चाहे आरोपी कितना भी बड़ा अपराधी हो — IPC की कई धाराओं के तहत दंडनीय अपराध है।

इस मामले में:

  • मारपीट — IPC धारा 323/324 के तहत अपराध।
  • अर्धनग्न करके अपमान — IPC धारा 355 के तहत।
  • भीड़ द्वारा सामूहिक हमला — IPC धारा 147/148 के तहत।

क्या चोरी की FIR नहीं होनी चाहिए?

एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि चोरी की FIR अभी तक दर्ज नहीं हुई है। पीड़ित किसान परशु मिंज को भी न्याय मिलना चाहिए।

🔗 National Human Rights Commission India — Mob Violence Guidelines


Chhattisgarh News की यह घटना बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र से आई एक ऐसी खबर है जो कानून-व्यवस्था, भीड़ न्याय और आदतन अपराधियों पर नियंत्रण — तीनों मोर्चों पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर 3 ग्रामीणों पर FIR तो दर्ज की, लेकिन चोरी की FIR अभी भी बाकी है।

यह Chhattisgarh News यह भी याद दिलाती है कि कानून को अपने हाथ में लेना किसी भी सूरत में सही नहीं है — चाहे आरोपी दोषी ही क्यों न हो। न्याय अदालत की जिम्मेदारी है, भीड़ की नहीं। ऐसी हर ताजा Chhattisgarh News के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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