छत्तीसगढ़ में 13 वर्षीय लड़की ने ‘चोर’ कहने पर दो मासूम चचेरे भाइयों को कुएं में फेंका, दोनों की मौत

खैरागढ़ (छत्तीसगढ़):
Chhattisgarh girl kills cousins in well incident: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (KCG) जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक 13 वर्षीय लड़की ने ‘चोर’ कहने पर गुस्से में अपने दो मासूम चचेरे भाइयों, एक चार साल के लड़के और दो साल की लड़की, को कुएं में फेंक दिया। दोनों की डूबने से मौत हो गई

यह घटना रविवार सुबह की है, जब परिवार ने दोनों बच्चों को लापता पाया। गांव के लोग और परिजन उन्हें ढूंढने निकले, तभी सब्जी बाड़ी के पास स्थित कुएं में एक बच्चे का शव तैरता दिखा। जब कुएं का पानी निकाला गया, तो दूसरे बच्चे का शव भी मिल गया।


😢 ‘चोर’ कहने से हुई थी नाराज़, मासूम ने खोया नियंत्रण

Chhattisgarh girl kills cousins in well incident: पुलिस के अनुसार, किशोरी कुछ समय पहले पैसे और मोबाइल चोरी के आरोप में बदनाम हो गई थी, जिसके बाद गांववाले उसे ‘चोर’ कहकर चिढ़ाने लगे।
पुलिस अधिकारी ने बताया —

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“गांव में फैली बातें और तानों से वह मानसिक रूप से परेशान थी। चार साल का बच्चा भी उसे बार-बार ‘चोर’ कहने लगा था, जिससे वह गुस्से में आ गई और यह कदम उठा लिया।”

किशोरी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने पहले लड़के को कुएं में फेंका, फिर लड़की को भी धक्का दे दिया।


🚨 मामले में दर्ज हुआ मुकदमा, किशोरी सुधारगृह भेजी गई

Chhattisgarh girl kills cousins in well incident: पीड़ित बच्चों के पिता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 103(1) (हत्या) और किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के तहत मामला दर्ज किया है।

जांच अधिकारी ने बताया कि लड़की ने अपराध पर पछतावा जताया और बताया कि वह खुद नहीं समझ पाई कि उस समय क्या कर बैठी।
पुलिस ने उसे किशोर सुधारगृह (Juvenile Correctional Home) भेज दिया है।

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👧 कक्षा 8वीं की छात्रा थी आरोपी, परिवार में पसरा मातम

Chhattisgarh girl kills cousins in well incident: 13 वर्षीय लड़की कक्षा 8वीं में पढ़ती थी और अपने माता-पिता व भाई के साथ रहती थी।
गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा छा गया है। ग्रामीणों ने कहा कि लड़की आमतौर पर शांत स्वभाव की थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से वह लगातार तानों से तनावग्रस्त दिख रही थी।


💔 गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस जांच जारी

गांव के लोग अब भी इस हादसे को लेकर सदमे में हैं।
स्थानीय पुलिस ने कहा है कि वे मनोवैज्ञानिक कारणों और पारिवारिक परिस्थितियों की भी जांच कर रहे हैं ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।


🧩 निष्कर्ष: समाज में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान जरूरी

यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मानसिक दबाव और सामाजिक तानों का परिणाम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ सहानुभूति और संवाद की कमी उन्हें गलत दिशा में धकेल सकती है।
खैरागढ़ की यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों की भावनाओं को समझना भी उतना ही जरूरी है, जितना अनुशासन सिखाना।