महासमुंद न्यूज़ — छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक के बाद एक चौंकाने वाली खबरें सामने आ रही हैं। जिले की बसना, बलौदा और कोमाखान पुलिस ने पिछले 5 दिनों में अलग-अलग नाकाबंदी के दौरान बिना वैध दस्तावेज के ले जाए जा रहे 1 करोड़ 47 लाख 50 हजार 480 रुपए कैश जब्त किए हैं।
यह सभी कार्रवाइयाँ छत्तीसगढ़-ओडिशा अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित नाकों पर हुई हैं। वाहनों में सवार लोग पैसों का कोई वैध प्रमाण नहीं दे सके, जिसके बाद पुलिस ने नकदी, लग्जरी गाड़ियाँ और मोबाइल फोन जब्त कर आयकर विभाग को सूचित किया।
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पहला मामला: रायपुर की कार से 32.50 लाख कैश बरामद — बसना पुलिस की कार्रवाई
बसना पुलिस ने पलसापाली नाके पर एक संदिग्ध Toyota Hyryder कार (CG 04 QU 6591) को रोका। यह गाड़ी ओडिशा के पदमपुर से छत्तीसगढ़ की ओर आ रही थी।
तलाशी के दौरान कार से 32 लाख 50 हजार रुपए नकद बरामद हुए। कार में सवार आरोपियों की पहचान आशु बंसल (मुरैना/रायपुर निवासी) और ड्राइवर महेंद्र चौहान (बालाघाट निवासी) के रूप में हुई।
दोनों आरोपी इस कैश के बारे में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। पूछताछ में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बीएनएस की धारा 106 के तहत नकदी और कार — दोनों जब्त कर लिए गए।
बसना पुलिस ने कुल मिलाकर 32.50 लाख रुपए कैश और लगभग 17.5 लाख रुपए की कार जब्त की।

दूसरा मामला: ओडिशा की XUV कार से 15 लाख जब्त — बलौदा थाना की सख्त कार्रवाई
बलौदा थाना पुलिस ने सिरपुर नाके पर चेकिंग के दौरान XUV कार (OD 08 AA 4159) को रोका।
कार की तलाशी में 15 लाख रुपए नकद मिले। कार में सवार केशव अग्रवाल और गोविंद चंद मुंड — दोनों ओडिशा निवासी — पैसों के स्रोत का कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए।
बलौदा पुलिस ने 15 लाख कैश, लगभग 10 लाख की XUV कार और एक मोबाइल फोन जब्त किया। जब्त नकदी में 500, 200, 100 और 50 रुपए के नोटों की गड्डियाँ शामिल थीं।
तीसरा बड़ा मामला: 75 लाख के 150 बंडल बरामद — सोना-चांदी कारोबार का दावा
कोमाखान थाना क्षेत्र का सबसे बड़ा खुलासा
महासमुंद न्यूज़ के इस सबसे बड़े मामले में कोमाखान थाना पुलिस ने सोमवार 16 मार्च को टेमरी नाके पर नाकाबंदी के दौरान एक सफेद Honda कार (OD 05 PB 2122) को रोका।
यह गाड़ी ओडिशा के खरियार रोड की तरफ से कांटाबांजी से रायपुर की ओर आ रही थी।
कार में मिले 500-500 के नोटों के 150 बंडल
कार की मध्य सीट पर रखे एक नीले बैग से 75 लाख रुपए नकद बरामद हुए। यह रकम 500 रुपए के नोटों के 150 बंडलों में थी — हर बंडल में 100 नोट।
कार ड्राइवर की पहचान ओडिशा के बलांगीर जिले के राजेंद्र महानंद (27) के रूप में हुई। सह-यात्री महाप्रज्ञ जैन (47), कांटाबांजी निवासी, ने पूछताछ में बताया कि यह पैसा सोना-चांदी के व्यापार से जुड़ा है।

60 ज्वेलर्स को पहुँचाना था यह कैश
महाप्रज्ञ जैन के अनुसार, यह रकम रायपुर के मनोहर मका एंड कंपनी समेत 60 ज्वेलर्स व्यापारियों को पहुँचाई जानी थी। लेकिन बीएनएस की धारा 94 के तहत नोटिस देने पर भी वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस ने 75 लाख नकद, 10 लाख की Honda कार और 10 हजार का मोबाइल फोन — कुल 85 लाख 10 हजार रुपए की संपत्ति जब्त कर दोनों युवकों को हिरासत में लिया।
5 दिन में कुल कितनी रकम पकड़ी गई? — महासमुंद न्यूज़ का पूरा हिसाब
| तारीख / थाना | नाका | जब्त कैश | जब्त वाहन |
|---|---|---|---|
| बसना पुलिस | पलसापाली नाका | ₹32,50,000 | Toyota Hyryder (~₹17.5 लाख) |
| बलौदा पुलिस | सिरपुर नाका | ₹15,00,000 | XUV (~₹10 लाख) |
| कोमाखान पुलिस | टेमरी नाका | ₹75,00,000 | Honda Car (~₹10 लाख) |
| कुल 5 दिन में | — | ₹1,47,50,480+ | 3 लग्जरी कारें |
पाँच दिनों के भीतर तीन अलग-अलग नाकाबंदियों में यह रकम पकड़ी गई। यह आँकड़ा छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर बढ़ती अवैध नकदी आवाजाही की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
क्या बोली पुलिस? — आयकर विभाग को क्यों सौंपा महासमुंद न्यूज़ का यह मामला?
महासमुंद न्यूज़ के अनुसार, तीनों मामलों में पुलिस ने प्रारंभिक जाँच के बाद मामले आयकर विभाग को सौंप दिए हैं। आगे की जाँच आयकर विभाग की टीम करेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन चालकों और सह-यात्रियों से पैसों के स्रोत, परिवहन के कारण और जरूरी दस्तावेज मांगे गए। संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर बीएनएस धारा 94 और 106 के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस का कहना है कि यह नाकाबंदी अभियान जारी रहेगा और इस तरह के संदिग्ध मामलों में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।
आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट — incometaxindia.gov.in
Chhattisgarh Police Official Portal — cgpolice.gov.in
निष्कर्ष: महासमुंद न्यूज़ में बड़ा संदेश — सीमा पर पुलिस की पैनी नज़र
महासमुंद न्यूज़ की यह घटनाएँ स्पष्ट करती हैं कि छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर अवैध नकदी के आवागमन पर पुलिस की पैनी नज़र है। बिना वैध दस्तावेज के करोड़ों रुपए की नकदी ले जाना न केवल संदेहास्पद है, बल्कि यह आयकर और वित्तीय नियमों का उल्लंघन भी है।
पाँच दिनों में 1 करोड़ 47 लाख से अधिक की जब्ती यह संकेत देती है कि इस क्षेत्र में संगठित तरीके से अवैध नकदी का परिवहन हो रहा था। आयकर विभाग की जाँच में अगर यह नकदी किसी अघोषित आय से जुड़ी पाई गई, तो संबंधितों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
महासमुंद न्यूज़ पर नज़र बनाए रखें — इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
