देश के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात के 131वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और विशेष रूप से AI Impact Summit में देश की अद्भुत क्षमताओं का उल्लेख किया। इस कार्यक्रम का श्रवण जिले के विभिन्न बूथों पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक किया।
जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक के मार्गदर्शन में वार्ड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने वार्ड क्रमांक 10 में, सुरेंद्र कौशिक ने वार्ड 41 के केलाबाड़ी में और महापौर अलका बाघमार ने वार्ड क्रमांक 60 में कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम सुना।
कार्यक्रम के बाद बूथ स्तर पर समीक्षा बैठकों का आयोजन भी किया गया, जिससे संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा हो सके।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में आयोजित Global AI Impact Summit ने यह साबित कर दिया कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
उन्होंने बताया कि भारत मंडपम में कई देशों के नेता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, इनोवेटर्स और स्टार्टअप सेक्टर से जुड़े लोग एकत्र हुए। यह AI Impact Summit भविष्य की दिशा तय करने वाला एक टर्निंग पॉइंट सिद्ध हुआ।
स्पष्ट है कि Mann Ki Baat AI Impact Summit का संदेश भारत की तकनीकी शक्ति और नवाचार की भावना को रेखांकित करता है।
‘जो खेले-वो खिले’: खेल से जुड़ता है दिल
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में खेल भावना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “जो खेले-वो खिले”।
इन दिनों चल रहे T-20 वर्ल्ड कप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कई बार किसी खिलाड़ी का नाम सुनकर मन में अपनापन जाग उठता है, भले ही वह किसी और देश की जर्सी पहनकर खेल रहा हो। भारतीय मूल के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर देखकर हर भारतीय का हृदय गर्व से भर जाता है।
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति और ‘राजाजी उत्सव’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज़ादी के अमृत महोत्सव के दौरान दिए गए ‘पंच प्राण’ का भी स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति आवश्यक है।
इसी क्रम में 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में ‘राजाजी उत्सव’ मनाया जाएगा, जहां स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजाजी ने सत्ता को पद नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना।
महाकुंभ की स्मृतियां और सांस्कृतिक चेतना
प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष के महाकुंभ की दिव्य छवियों को याद करते हुए कहा कि संगम तट पर उमड़ता जनसागर भारत की सनातन चेतना का प्रतीक है।
जब यही आस्था उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ती है, तो वह एक नई सांस्कृतिक पहचान गढ़ती है। इस प्रकार मन की बात केवल संवाद नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता का सशक्त मंच बन चुका है।
संगठनात्मक मजबूती पर जोर
जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने कहा कि “मन की बात” देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफॉर्म है। कार्यक्रम में जिला महामंत्री, उपाध्यक्ष, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष, आईटी सेल और मीडिया प्रभारी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बूथ स्तर पर कार्यक्रम के आयोजन ने संगठन की जमीनी मजबूती को भी दर्शाया।
निष्कर्ष
स्पष्ट है कि Mann Ki Baat AI Impact Summit का यह संदेश केवल तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, खेल भावना और आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी सशक्त करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संवाद देश को नई दिशा देने के साथ-साथ हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान करता है।
