अगर आप आज भारत में छात्र हैं, तो आप ऐसे दौर के साक्षी हैं जो सीखने और करियर बनाने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। Google AI Initiative India के तहत गूगल उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को सीधे भारतीय कक्षाओं, प्रयोगशालाओं और नवाचार केंद्रों तक पहुंचा रहा है।
यह केवल तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य को आकार देने वाली पहल है।
Google AI Initiative India क्या है?
हाल ही में प्रकाशित Google India Blog के अनुसार, Google DeepMind, Google Research और Google.org भारत की सरकारी संस्थाओं और शैक्षणिक संगठनों के साथ साझेदारी बढ़ा रहे हैं।
इसका उद्देश्य विज्ञान, शिक्षा, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में AI आधारित प्रगति को तेज करना है।
इस Google AI Initiative India के केंद्र में युवाओं को वैश्विक स्तर के AI टूल्स तक पहुंच देना शामिल है।
AI for Science: युवा शोधकर्ताओं के लिए सुनहरा मौका
इस पहल के तहत Anusandhan National Research Foundation (ANRF) के साथ सहयोग किया गया है। हैकाथॉन, मेंटरशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक AI मॉडल्स तक पहुंच दी जाएगी।
AlphaGenome और AlphaFold का उपयोग
इनमें से एक प्रमुख मॉडल है
AlphaGenome — जो डीएनए म्यूटेशन के प्रभाव को समझने में वैज्ञानिकों की मदद करेगा।
दूसरा है
AlphaFold — जिसका भारत दुनिया में चौथा सबसे बड़ा उपयोगकर्ता आधार है। देश में 1.8 लाख से अधिक शोधकर्ता इसका उपयोग प्रोटीन संरचना की भविष्यवाणी के लिए कर रहे हैं।
स्पष्ट है कि अब STEM छात्रों को अपने विषय के साथ AI टूल्स में दक्षता भी हासिल करनी होगी।
30 मिलियन डॉलर का Impact Challenge
Google.org ने 30 मिलियन डॉलर का “AI for Science Impact Challenge” शुरू किया है।
इस कार्यक्रम के तहत चयनित वैज्ञानिकों और सामाजिक उद्यमों को मेंटरशिप और इंजीनियरिंग सहायता दी जाएगी। इससे भारतीय पीएचडी शोधार्थियों, बायोटेक इनोवेटर्स और कंप्यूटेशनल वैज्ञानिकों को अपने विचार वैश्विक स्तर पर ले जाने का अवसर मिलेगा।
यह पहल Google AI Initiative India को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि शोध और स्टार्टअप इकोसिस्टम तक विस्तारित करती है।
कक्षाओं में AI: पढ़ाई का नया तरीका
AI का प्रभाव अब सिर्फ लैब तक सीमित नहीं है।
City Montessori School, लखनऊ में मिडिल स्कूल गणित की कक्षाओं में AI-आधारित गाइडेड लर्निंग का परीक्षण किया जा रहा है। शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि छात्र AI का उपयोग समझ बढ़ाने के लिए कर रहे हैं, न कि शॉर्टकट अपनाने के लिए।
इसके अलावा, Atal Tinkering Labs के साथ साझेदारी के जरिए 10,000 से अधिक स्कूलों में रोबोटिक्स, कोडिंग और AI असिस्टेंट को पाठ्यक्रम से जोड़ा जा रहा है।
इससे छात्रों में समस्या समाधान और व्यावहारिक कौशल विकसित होंगे, जो भविष्य की नौकरियों में बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कृषि और स्वच्छ ऊर्जा में AI करियर
AI का उपयोग कृषि और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।
Council on Energy, Environment and Water जैसे संस्थानों के साथ मिलकर AI आधारित कृषि स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा पूर्वानुमान पर काम हो रहा है।
स्टार्टअप्स सैटेलाइट और मौसम डेटा का उपयोग कर किसानों को हाइपर-लोकल सलाह दे रहे हैं। इससे डेटा साइंटिस्ट, क्लाइमेट एक्सपर्ट और एग्री-टेक इंजीनियर जैसे नए करियर विकल्प सामने आ रहे हैं।
युवा पीढ़ी बदलाव के केंद्र में
Google India Blog के अनुसार, यह साझेदारियां सुनिश्चित करती हैं कि AI राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप विकसित हो।
Google AI Initiative India केवल तकनीकी क्रांति नहीं है; यह एक पीढ़ी को तैयार करने की योजना है जो AI और एप्लिकेशन क्षेत्रों — जैसे जीनोमिक्स, रोबोटिक्स, जलवायु परिवर्तन और एडटेक — के संगम पर नेतृत्व करेगी।
भारत में AI का यह क्षण ऐतिहासिक है। Google AI Initiative India शिक्षा, शोध और रोजगार के नए आयाम खोल रहा है।
आज का छात्र केवल डिग्री नहीं, बल्कि AI दक्षता के साथ भविष्य की तैयारी कर रहा है। आने वाले वर्षों में यही कौशल भारत को वैश्विक नवाचार के केंद्र में स्थापित कर सकते हैं।
