बालोद जिले के ग्राम मेढ़की में हाल ही में हुई सामूहिक बैठक में ग्रामीणों ने एक अहम सामाजिक निर्णय लिया। Medhki village decision Balod के तहत गांव में आपसी फूट और विवाद को रोकने के लिए चुगलीबाजों पर 5 हजार रुपए का दंड लगाने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोग एक-दूसरे को भड़काकर गांव का माहौल खराब करते हैं। इसलिए अब सार्वजनिक या व्यक्तिगत रूप से किसी को उकसाने या चुगली करने पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इस निर्णय का उद्देश्य गांव में भाईचारा मजबूत करना है।
चुगली पर लगेगा 5 हजार का दंड
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। सभी ने मिलकर तय किया कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर दो पक्षों को लड़ाने की कोशिश करता है, तो उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि Medhki village decision Balod केवल दंड देने का कदम नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता बनाए रखने का प्रयास है। उनका मानना है कि चुगली की प्रवृत्ति कम होगी तो गांव का वातावरण सकारात्मक रहेगा।
सामाजिक व धार्मिक आयोजनों में शराब पर रोक
बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। तय किया गया कि सामाजिक या धार्मिक भोज में यदि कोई व्यक्ति शराब सेवन कर पहुंचता है, तो उस पर भी 5 हजार रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि नशे की हालत में अक्सर विवाद और गाली-गलौज की घटनाएं होती हैं। इसलिए Medhki village decision Balod के तहत ऐसे मामलों पर सख्ती जरूरी है।
पांच साल पहले भी लिया था नशे के खिलाफ निर्णय
ग्राम मेढ़की में सामाजिक सुधार की यह पहल नई नहीं है। करीब पांच वर्ष पहले भी ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक कर नशे के खिलाफ सख्त निर्णय लिए थे।
उस समय सर्वसम्मति से तय किया गया था कि:
- गांव में शराब बेचने वालों पर 10 हजार रुपए का दंड लगाया जाएगा।
- शराब बेचने की सूचना देने वाले को 1 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- गली-मोहल्लों और गांव की सरहद में शराब बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
इन फैसलों के बाद गांव का माहौल काफी हद तक शांत और अनुशासित बना हुआ है।
सामाजिक एकता की मिसाल
ग्रामीणों का मानना है कि Medhki village decision Balod गांव को एकजुट रखने की दिशा में मजबूत कदम है। जब पूरा गांव मिलकर नियम बनाता है और उनका पालन करता है, तो सामाजिक बदलाव संभव होता है।
एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे शांत और संस्कारित माहौल में बड़े हों। इसलिए यह फैसला जरूरी था।”
ग्राम मेढ़की का यह सामूहिक निर्णय ग्रामीण स्वशासन और सामाजिक सुधार की मिसाल बन सकता है। Medhki village decision Balod न केवल चुगली और नशे पर अंकुश लगाने की कोशिश है, बल्कि गांव में भाईचारे और शांति की नई पहल भी है।
