रायपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में 19 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में Sahyog Kendra Raipur चर्चा का केंद्र बना रहा। यहां महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े स्वयं उपस्थित रहीं और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं।
कार्यक्रम के दौरान माहौल संवाद और समाधान का नजर आया। दूर-दराज से पहुंचे कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि उनकी बातें सीधे मंत्री तक पहुंचेंगी, और ऐसा ही हुआ।
सहयोग केंद्र में मिले कई आवेदन
मंत्री राजवाड़े ने बताया कि Sahyog Kendra Raipur में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ताओं द्वारा विभिन्न विषयों से जुड़े आवेदन प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
- अनेक आवेदनों का मौके पर ही तत्काल निराकरण किया गया।
- शेष आवेदनों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को अग्रेषित कर दिया गया है।
इस पहल से कार्यकर्ताओं में संतोष का भाव देखा गया। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि सीधे संवाद की यह व्यवस्था संगठन और सरकार के बीच सेतु का काम करती है।
संगठन के पदाधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें:
- हर्षिता पांडेय, प्रदेश मंत्री
- अशोक बजाज, प्रदेश कार्यालय मंत्री
- सुनील पिल्लई, प्रदेश आईटी सेल संयोजक
की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी ने मिलकर कार्यकर्ताओं के आवेदनों को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
संगठन और सरकार के बीच मजबूत कड़ी
दरअसल, Sahyog Kendra Raipur का उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच संवाद को सशक्त बनाना है। जब कार्यकर्ता अपनी बात सीधे जिम्मेदार पदाधिकारियों तक पहुंचाते हैं, तो समाधान की प्रक्रिया तेज होती है।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन मामलों में विभागीय प्रक्रिया की जरूरत है, उनमें भी शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रायपुर स्थित सहयोग केंद्र में आयोजित यह बैठक न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनी, बल्कि संगठनात्मक समन्वय का उदाहरण भी प्रस्तुत किया। Sahyog Kendra Raipur के माध्यम से सरकार और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद की यह पहल आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
