रीवा में महिलाओं को जिंदा दफनाने का वायरल वीडियो भ्रामक, जुलाई 2024 की घटना को 2026 बताकर फैलाया गया

viral video fact check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दो महिलाएं जमीन में दबी हुई नजर आती हैं और कुछ लोग मुरम डालते दिखाई देते हैं। दावा किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के रीवा में हाल ही में दबंगों ने जमीन विवाद के चलते महिलाओं को जिंदा दफनाने की कोशिश की।

हालांकि, viral video fact check में सामने आया है कि यह दावा भ्रामक है। यह घटना हालिया नहीं, बल्कि जुलाई 2024 की है। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था।


क्या है वायरल दावा?

फेसबुक यूजर ‘Bitu Rajbhar’ ने 18 फरवरी 2026 को यह वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह घटना रीवा, मध्य प्रदेश की है, जहां दबंगों ने जमीन विवाद में महिलाओं को जिंदा गाड़ने की कोशिश की।

पोस्ट में पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए गए और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। देखते ही देखते वीडियो हजारों लोगों तक पहुंच गया और कई यूजर्स ने इसे ताजा घटना मान लिया।

यहीं से Rewa women buried alive viral video fact check की जरूरत महसूस हुई।


पड़ताल में क्या सामने आया?

गूगल न्यूज सर्च के जरिए जांच शुरू की गई। सर्च के दौरान जुलाई 2024 की कई विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट सामने आईं।

  • 21 जुलाई 2024 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना रीवा की थी।
  • जमीन के रास्ते को लेकर विवाद के दौरान दो महिलाओं पर डंपर से मुरम पलट दिया गया था।
  • घटना का वीडियो उस समय भी वायरल हुआ था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसमें डंपर चालक और मालिक भी शामिल थे।

इस तरह Rewa women buried alive viral video fact check में यह स्पष्ट हुआ कि वीडियो पुराना है और इसे हालिया बताकर भ्रामक तरीके से साझा किया जा रहा है।


पुलिस ने क्या कहा था?

जुलाई 2024 में रीवा पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी किया था। पुलिस ने बताया था कि आरोपी और पीड़ित एक ही परिवार से संबंधित थे और रास्ता निकालने को लेकर विवाद हुआ था।

मामले में तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

इससे साफ है कि प्रशासन ने उस समय कार्रवाई की थी और मामला पुराना है।


सोशल मीडिया पर क्यों फैल रहा है पुराना वीडियो?

सोशल मीडिया पर अक्सर पुराने वीडियो नए दावों के साथ शेयर किए जाते हैं। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ।

वीडियो को 2026 की घटना बताकर शेयर किया गया, जबकि Rewa women buried alive viral video fact check साबित करता है कि यह जुलाई 2024 की घटना है।

ऐसे भ्रामक पोस्ट न केवल लोगों को गुमराह करते हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक आक्रोश भी पैदा करते हैं।


निष्कर्ष

जांच में स्पष्ट हुआ है कि रीवा में महिलाओं को जिंदा दफनाने का वायरल वीडियो हालिया नहीं है। यह घटना जुलाई 2024 की है और उस समय पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

इसलिए सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे दावे भ्रामक हैं।

Rewa women buried alive viral video fact check हमें यह सिखाता है कि किसी भी वायरल वीडियो पर विश्वास करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांचनी चाहिए।

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